{"_id":"5c40d5e9bdec22738335dea0","slug":"81547752937-rampur-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"त्रिवेणी चीनी मिल में किसानों से हो रही दलाली: अब्दुल्ला","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
त्रिवेणी चीनी मिल में किसानों से हो रही दलाली: अब्दुल्ला
विज्ञापन
विज्ञापन
रामपुर। स्वार-टांडा विधायक अब्दुल्ला आजम खां ने कहा है कि त्रिवेणी चीनी मिल में किसानों से सीधे गन्ना नहीं लिया जा रहा है, बल्कि वहां दलाल सक्रिय हैं। इन्हीं दलालों के जरिए गन्ना खरीदा जा रहा है। जबकि, किसान को महज सौ से डेढ़ सौ रुपये प्रति क्विंटल की दर से ही भुगतान किया जा रहा है।
जिला गन्नाधिकारी को भेजे पत्र में उन्होंने कहा है कि वैसे तो भाजपा की सरकार में पूरे देश के किसानों की स्थिति दयनीय है। किसानों को फसलों का उचित दाम नहीं मिल रहा है। चार साल से किसान हताश और निराश हैं। जबकि, उत्तर प्रदेश सरकार ने किसानों को सौ दिन के भीतर गन्ना मूल्य का भुगतान करने के लिए कहा था, लेकिन यह उस स्थिति में होगा जब गन्ना चीनी मिलों द्वारा लिया जाएगा। कहा कि टांडा की त्रिवेणी चीनी मिल में किसानों से दलाली की जा रही है। मोटा कमीशन लेकर गन्ने की पर्ची देने का काम हो रहा है। जो किसान कमीशन नहीं देते हैं तो उन्हें मिल के बाहर ही सौ से डेढ़ सौ रुपये प्रति क्विंटल के हिसाब से गन्ना बेचने के लिए मजबूर किया जा रहा है। गन्ना माफिया एवं चीनी मिल प्रबंधन की मिलीभगत से अमरोहा जिले के ग्राम चन्दपुर में करीब पंद्रह सेंटर आवंटित करा लिए गए हैं। अमरोहा से करीब पचास फीसद गन्ना दलालों के माध्यम से मिल में जा रहा है। दलाल गन्ने को साढ़े तीन सौ रुपये क्विंटल की दर से बेचकर मोटा मुनाफा कमा रहे हैं। उन्होंने चीनी मिल में दलालों का प्रवेश बंद कराने की मांग की है। कहा है कि पहले स्थानीय किसानों का गन्ना खरीदा जाए। साथ ही आगाह भी किया है कि यदि हालात ऐसे ही रहे तो एक दिन किसान ही मिल में ताला लगाकर बाहर बैठ जाएंगे।
जिला गन्नाधिकारी को भेजे पत्र में उन्होंने कहा है कि वैसे तो भाजपा की सरकार में पूरे देश के किसानों की स्थिति दयनीय है। किसानों को फसलों का उचित दाम नहीं मिल रहा है। चार साल से किसान हताश और निराश हैं। जबकि, उत्तर प्रदेश सरकार ने किसानों को सौ दिन के भीतर गन्ना मूल्य का भुगतान करने के लिए कहा था, लेकिन यह उस स्थिति में होगा जब गन्ना चीनी मिलों द्वारा लिया जाएगा। कहा कि टांडा की त्रिवेणी चीनी मिल में किसानों से दलाली की जा रही है। मोटा कमीशन लेकर गन्ने की पर्ची देने का काम हो रहा है। जो किसान कमीशन नहीं देते हैं तो उन्हें मिल के बाहर ही सौ से डेढ़ सौ रुपये प्रति क्विंटल के हिसाब से गन्ना बेचने के लिए मजबूर किया जा रहा है। गन्ना माफिया एवं चीनी मिल प्रबंधन की मिलीभगत से अमरोहा जिले के ग्राम चन्दपुर में करीब पंद्रह सेंटर आवंटित करा लिए गए हैं। अमरोहा से करीब पचास फीसद गन्ना दलालों के माध्यम से मिल में जा रहा है। दलाल गन्ने को साढ़े तीन सौ रुपये क्विंटल की दर से बेचकर मोटा मुनाफा कमा रहे हैं। उन्होंने चीनी मिल में दलालों का प्रवेश बंद कराने की मांग की है। कहा है कि पहले स्थानीय किसानों का गन्ना खरीदा जाए। साथ ही आगाह भी किया है कि यदि हालात ऐसे ही रहे तो एक दिन किसान ही मिल में ताला लगाकर बाहर बैठ जाएंगे।
विज्ञापन