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श्रीमद भागवत कथा के प्रारंभ में कथा महिमा का किया वर्णन
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रामपुर। सिविल लाइंस स्थित आदर्श धर्मशाला में श्रीमद भागवत कथा ज्ञान यज्ञ महोत्सव की शुरुआत की गई। कथा के प्रथम दिवस पर कथा व्यास ने श्रीमद भागवत कथा के महत्व का वर्णन किया।
कथा प्रारंभ से पहले अलका श्रीवास्तव व प्रिंस श्रीवास्तव ने पूजन किया। इसके बाद कथा व्यास भैया लाल शुक्ला ने कहा कि श्रीमद भागवत कथा ईश्वर का परिपूर्ण स्वरूप है, इसलिए यह दिव्य ग्रंथ है। भागवत ग्रंथ ज्ञान, योग, कर्मयोग, समाज, धर्म व राजनीतिक ज्ञान का मूल स्रोत है। इसलिए एक पल भी ईश्वर चिंतन के बिना नहीं रहना चाहिए। जो आनंद शिव समाधि में मिलता है वही आनंद इस ग्रंथ से मिलता है।
कथा में सुरभि श्रीवास्तव, प्रमोद पांडे, अरविंद गुप्ता, सीताराम शर्मा, रामबाबू गुप्ता, मुरारी लाल,, वीके भटनागर, नीरू भटनागर, आरपी श्रीवास्तव, संतोष गुप्ता आदि मौजूद रहे।
कथा प्रारंभ से पहले अलका श्रीवास्तव व प्रिंस श्रीवास्तव ने पूजन किया। इसके बाद कथा व्यास भैया लाल शुक्ला ने कहा कि श्रीमद भागवत कथा ईश्वर का परिपूर्ण स्वरूप है, इसलिए यह दिव्य ग्रंथ है। भागवत ग्रंथ ज्ञान, योग, कर्मयोग, समाज, धर्म व राजनीतिक ज्ञान का मूल स्रोत है। इसलिए एक पल भी ईश्वर चिंतन के बिना नहीं रहना चाहिए। जो आनंद शिव समाधि में मिलता है वही आनंद इस ग्रंथ से मिलता है।
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कथा में सुरभि श्रीवास्तव, प्रमोद पांडे, अरविंद गुप्ता, सीताराम शर्मा, रामबाबू गुप्ता, मुरारी लाल,, वीके भटनागर, नीरू भटनागर, आरपी श्रीवास्तव, संतोष गुप्ता आदि मौजूद रहे।
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