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डॉली ने रचा इतिहास, नेशनल में जीता कांस्य
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रायबरेली। अंतरराष्ट्रीय एथलीट सुधा सिंह की तरह एक और होनहार बालिका डॉली सोनकर ने एथलेटिक्स में राष्ट्रीय स्तर पर सफलता अर्जित कर जिले का गौरव बढ़ाया है। उसने एथलेटिक्स की सबसे कठिन स्पर्धा हेपथ्लान के नेशनल मुकाबले में कांस्य पदक हासिल कर इतिहास रच दिया है।
नाडियाड में 2 से 4 जून तक अंडर-20 नेशनल एथलेटिक्स की हेपथ्लान प्रतियोगिता में डॉली सोनकर ने उत्तर प्रदेश टीम का प्रतिनिधित्व किया।
डिस्ट्रिक्ट एथलेटिक एसोसिएशन के सचिव लक्ष्मीकांत शुक्ल की माने तो डॉली सोनकर हेपथ्लान की प्रतियोगिता में उत्तर प्रदेश के लिए कांस्य पदक प्राप्त करने वाली पहली महिला खिलाड़ी बनी।
उन्होंने डॉली के शानदार प्रदर्शन के लिए उनके कोच अनिल सिंह को श्रेय देते हैं, जो डॉली को लेकर नाडियाड गए थे। श्री शुक्ल ने बताया कि तीन वर्ष की कड़ी मेहनत के बाद पहली बार राष्ट्रीय स्तर पर इस प्रतियोगिता में उत्तर प्रदेश को पदक मिला है।
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अंतरराष्ट्रीय एथलीट सुधा सिंह ने कहा है कि डॉली सोनकर का नवीनतम प्रदर्शन जिले के अन्य खिलाड़ियों का हौसला बढ़ाएगा।
महिलाओं के लिए सबसे कठिन स्पर्धा
डिस्ट्रिक्ट एथलेटिक एसोसिएशन के सचिव लक्ष्मीकांत शुक्ल ने बताया कि हेपथ्लान ऐसी स्पर्धा है, जिसमें दो दिन में कुल सात प्रतियोगिताओं में भाग लेना होता है। पहले दिन 100 मीटर हर्डल, हाई जंप, शाटपुट, 200 मीटर रेस, दूसरे दिन जैवलिन थ्रो, 800 मीटर रेस, लांग जंप में भाग लेकर अपनी काबिलियत दिखानी होती है। इन सातों इवेंट में प्रदर्शन के आधार पर खिलाड़ियों को प्रथम, द्वितीय, तृतीय स्थान दिया जाता है।
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नाडियाड में 2 से 4 जून तक अंडर-20 नेशनल एथलेटिक्स की हेपथ्लान प्रतियोगिता में डॉली सोनकर ने उत्तर प्रदेश टीम का प्रतिनिधित्व किया।
डिस्ट्रिक्ट एथलेटिक एसोसिएशन के सचिव लक्ष्मीकांत शुक्ल की माने तो डॉली सोनकर हेपथ्लान की प्रतियोगिता में उत्तर प्रदेश के लिए कांस्य पदक प्राप्त करने वाली पहली महिला खिलाड़ी बनी।
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उन्होंने डॉली के शानदार प्रदर्शन के लिए उनके कोच अनिल सिंह को श्रेय देते हैं, जो डॉली को लेकर नाडियाड गए थे। श्री शुक्ल ने बताया कि तीन वर्ष की कड़ी मेहनत के बाद पहली बार राष्ट्रीय स्तर पर इस प्रतियोगिता में उत्तर प्रदेश को पदक मिला है।
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अंतरराष्ट्रीय एथलीट सुधा सिंह ने कहा है कि डॉली सोनकर का नवीनतम प्रदर्शन जिले के अन्य खिलाड़ियों का हौसला बढ़ाएगा।
महिलाओं के लिए सबसे कठिन स्पर्धा
डिस्ट्रिक्ट एथलेटिक एसोसिएशन के सचिव लक्ष्मीकांत शुक्ल ने बताया कि हेपथ्लान ऐसी स्पर्धा है, जिसमें दो दिन में कुल सात प्रतियोगिताओं में भाग लेना होता है। पहले दिन 100 मीटर हर्डल, हाई जंप, शाटपुट, 200 मीटर रेस, दूसरे दिन जैवलिन थ्रो, 800 मीटर रेस, लांग जंप में भाग लेकर अपनी काबिलियत दिखानी होती है। इन सातों इवेंट में प्रदर्शन के आधार पर खिलाड़ियों को प्रथम, द्वितीय, तृतीय स्थान दिया जाता है।