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अधूरा कोर्स, खुले प्रश्नपत्र और परीक्षा बनी मजाक
रायबरेली/ अमर उजाला ब्यूराे
Updated Wed, 19 Oct 2016 12:22 AM IST
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माध्यमिक विद्यालय में अर्द्धवार्षिक परीक्षा देते बच्चे।
- फोटो : अमर उजाला
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परिषदीय विद्यालय में मंगलवार से शुरू हुई परीक्षा महज खानापूरी तक सिमट कर रह गई। पहले दिन ही सभी दावों की पोल खुलती नजर आई। ज्यादातर विद्यालयों में अव्यवस्थाओं का बोलबाला रहा। बच्चे झुंड बनाकर नकल करते मिले। उन्हें रोकने के बजाए शिक्षक, शिक्षकाएं मोबाइल में व्यस्त रहे। डीह ब्लॉक क्षेत्र के विद्यालयों में बिना सील पैक ही प्रश्नपत्र भेज दिए गए। अपनी फजीहत न हो, इसके लिए शिक्षक छात्रों को प्रश्नपत्र तक हल करवाने में लगे रहे।
शासन की ओर से भले ही परीक्षा को लेकर दिशा निर्देश जारी कर दिया गया हो, लेकिन हकीकत में ज्यादातर स्थानों पर मनमानी ही नजर आई। कहीं किताब नहीं, तो कहीं पर कोर्स अधूरा, ऐसे में प्रश्न पत्र किस आधार पर तैयार कर दिया गया, इसको लेकर कोई भी कुछ बोलने को तैयार नहीं है।
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इसका खामियाजा छात्रों को भुगतना पड़ा। प्रश्नपत्र तो मिला, लेकिन लिखना क्या है, सब एक-दूसरे से पूछते रहे। बीएसए जीएस निरंजन का कहना है कि शासन की मंशानुरूप अर्ध वार्षिक परीक्षा शुरू करा दी गई है। सभी विद्यालयों में प्रश्नपत्र भेज दिये गये है। नकलविहीन परीक्षा कराने के लिए बीईओ को निर्देश दिया गया है। यदि इसके बाद कहीं पर अव्यवस्था है, तो कार्रवाई की जाएगी। किसी भी कीमत पर लापरवाही बर्दाश्त नहीं होगी।
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यही नहीं जगतपुर ब्लॉक के प्राथमिक विद्यालय मनोहरगंज, रघुराजगंज, पूरे फूल में कॉपियां ही नहीं पहुंची। शिक्षकों को स्वयं ही कॉपियां खरीदनी पड़ी। पूर्व माध्यमिक विद्यालय चकअहमदपुर में बच्चे परीक्षा देते तो मिले, लेकिन उनके डेस्क के नीचे ही स्कूल बैग भी रखा रहा। यह पारदर्शिता पूरी शिक्षा व्यवस्था को मुंह चिढ़ा रही है।
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शासन की ओर से भले ही परीक्षा को लेकर दिशा निर्देश जारी कर दिया गया हो, लेकिन हकीकत में ज्यादातर स्थानों पर मनमानी ही नजर आई। कहीं किताब नहीं, तो कहीं पर कोर्स अधूरा, ऐसे में प्रश्न पत्र किस आधार पर तैयार कर दिया गया, इसको लेकर कोई भी कुछ बोलने को तैयार नहीं है।
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इसका खामियाजा छात्रों को भुगतना पड़ा। प्रश्नपत्र तो मिला, लेकिन लिखना क्या है, सब एक-दूसरे से पूछते रहे। बीएसए जीएस निरंजन का कहना है कि शासन की मंशानुरूप अर्ध वार्षिक परीक्षा शुरू करा दी गई है। सभी विद्यालयों में प्रश्नपत्र भेज दिये गये है। नकलविहीन परीक्षा कराने के लिए बीईओ को निर्देश दिया गया है। यदि इसके बाद कहीं पर अव्यवस्था है, तो कार्रवाई की जाएगी। किसी भी कीमत पर लापरवाही बर्दाश्त नहीं होगी।