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Raebareli News: पुरानी वाशिंग लाइन जर्जर होने से बढ़ी परेशानी
Sat, 06 Dec 2025 12:48 AM IST
लखनऊ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, रायबरेली
संवाद न्यूज एजेंसी, रायबरेली
Updated Sat, 06 Dec 2025 12:48 AM IST
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रायबरेली। शहर के रेलवे स्टेशन की पुरानी वाशिंग लाइन काफी जर्जर हो चुकी है, जिस पर ट्रेनों की साफ-सफाई, धुलाई और मेंटीनेंस कार्य के दौरान कर्मचारियों को काफी दिक्कत होती है। नई वाशिंग लाइन बनकर तैयार है, लेकिन हैंडओवर नहीं हुई है। समस्या को देखते हुए जरूरत पड़ने पर ही नई वाशिंग लाइन का उपयोग किया जा रहा है। हैंडओवर होने के बाद ही नई वाशिंग लाइन का पूरी तरह से इस्तेमाल शुरू हो सकेगा। इसके बाद ही पुरानी वाशिंग लाइन का सुधार कार्य होगा।
शहर के रेलवे स्टेशन पर वाशिंग लाइन बनी है, जिसकी क्षमता 10 कोच है। वाशिंग लाइन काफी पुरानी होने और क्षमता कम होने से समस्या आ रही थी। इस पर 14-14 कोच की क्षमता वाली नई वाशिंग लाइन बनाई गई है। कार्य पूर्ण हो जाने के बाद भी अभी तक कार्यदायी संस्था ने विभाग को इसका हैंडओवर नहीं किया है।
ऐसे में सारा कार्य पुरानी वाशिंग लाइन पर होता है। इसका कैटवॉक भी जर्जर हो चुका है और काफी हिस्सा टूट गया है। इसी कैटवॉक पर चल कर ट्रेनों की धुलाई और सफाई का काम होता है। इससे दिक्कत आने और हादसे की संभावना पर नई वाशिंग लाइन को भी उपयोग में लिया जाने लगा। कैरिज-वैगन विभाग के प्रभारी अरविंद का कहना है कि कुछ काम पुरानी वाशिंग लाइन पर होता है तो कुछ काम नई वाशिंग लाइन पर कराया जाता है। नई वाशिंग लाइन हैंडओवर हो जाए तो पूरा काम इसी पर कराया जा सकेगा।
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खराबी पर वापस भेजे दो नए कोच
रायबरेली। शहर के रेलवे स्टेशन पर खड़े दो नए कोच शुक्रवार को वापस फैक्टरी भेज दिए गए। यह दोनों कोच कई दिनों से स्टेशन पर खड़े थे। फैक्टरी से बनकर आए कोचों को काफी समय तक रोका जाता है। जब उन्हें कहीं भेजना होता है तो पहले उनका फिटनेस चेक कराया जाता है। फिटनेस चेक के दौरान ही दो कोच में गड़बड़ी मिली तो उन्हें रोक लिया गया था। कोचिंग डिपो अफसर अरविंद का कहना है कि स्टेशन पर गड़बड़ी को ठीक किया जाना संभव नहीं था तो दोनों कोच को फैक्टरी वापस भेज दिया गया। (संवाद)
रिकॉर्डिंग कार ने परखा रेलवे ट्रैक
रायबरेली। जिले में रेलवे ट्रैकों की हालत परखने के लिए समय-समय पर परीक्षण कराया जाता है, ताकि ट्रेनों का संचालन सुचारू रूप से होता रहे। आरडीएसओ लखनऊ से आई ट्रैक रिकॉर्डिंग कार (स्पेशल कोच) ने रायबरेली स्टेशन से दरियापुर और लक्ष्मणपुर होते हुए ऊंचाहार स्टेशन तक रेलवे ट्रैक को परखा। इसके जरिए अलग-अलग गति सीमा में रेलवे ट्रैक की क्षमता परखी गई। यातायात निरीक्षक बीएम वर्मा का कहना है कि समय-समय पर अलग-अलग रेलखंड में ट्रैक को परखने के लिए रिकॉर्डिंग कार आती रहती है। (संवाद)
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शहर के रेलवे स्टेशन पर वाशिंग लाइन बनी है, जिसकी क्षमता 10 कोच है। वाशिंग लाइन काफी पुरानी होने और क्षमता कम होने से समस्या आ रही थी। इस पर 14-14 कोच की क्षमता वाली नई वाशिंग लाइन बनाई गई है। कार्य पूर्ण हो जाने के बाद भी अभी तक कार्यदायी संस्था ने विभाग को इसका हैंडओवर नहीं किया है।
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ऐसे में सारा कार्य पुरानी वाशिंग लाइन पर होता है। इसका कैटवॉक भी जर्जर हो चुका है और काफी हिस्सा टूट गया है। इसी कैटवॉक पर चल कर ट्रेनों की धुलाई और सफाई का काम होता है। इससे दिक्कत आने और हादसे की संभावना पर नई वाशिंग लाइन को भी उपयोग में लिया जाने लगा। कैरिज-वैगन विभाग के प्रभारी अरविंद का कहना है कि कुछ काम पुरानी वाशिंग लाइन पर होता है तो कुछ काम नई वाशिंग लाइन पर कराया जाता है। नई वाशिंग लाइन हैंडओवर हो जाए तो पूरा काम इसी पर कराया जा सकेगा।
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खराबी पर वापस भेजे दो नए कोच
रायबरेली। शहर के रेलवे स्टेशन पर खड़े दो नए कोच शुक्रवार को वापस फैक्टरी भेज दिए गए। यह दोनों कोच कई दिनों से स्टेशन पर खड़े थे। फैक्टरी से बनकर आए कोचों को काफी समय तक रोका जाता है। जब उन्हें कहीं भेजना होता है तो पहले उनका फिटनेस चेक कराया जाता है। फिटनेस चेक के दौरान ही दो कोच में गड़बड़ी मिली तो उन्हें रोक लिया गया था। कोचिंग डिपो अफसर अरविंद का कहना है कि स्टेशन पर गड़बड़ी को ठीक किया जाना संभव नहीं था तो दोनों कोच को फैक्टरी वापस भेज दिया गया। (संवाद)
रिकॉर्डिंग कार ने परखा रेलवे ट्रैक
रायबरेली। जिले में रेलवे ट्रैकों की हालत परखने के लिए समय-समय पर परीक्षण कराया जाता है, ताकि ट्रेनों का संचालन सुचारू रूप से होता रहे। आरडीएसओ लखनऊ से आई ट्रैक रिकॉर्डिंग कार (स्पेशल कोच) ने रायबरेली स्टेशन से दरियापुर और लक्ष्मणपुर होते हुए ऊंचाहार स्टेशन तक रेलवे ट्रैक को परखा। इसके जरिए अलग-अलग गति सीमा में रेलवे ट्रैक की क्षमता परखी गई। यातायात निरीक्षक बीएम वर्मा का कहना है कि समय-समय पर अलग-अलग रेलखंड में ट्रैक को परखने के लिए रिकॉर्डिंग कार आती रहती है। (संवाद)