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Raebareli: गंगा का पानी चेतावनी बिंदु के पार, मंडराया बाढ़ का खतरा
Tue, 18 Oct 2022 05:00 PM IST
लखनऊ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, रायबरेली
संवाद न्यूज एजेंसी, रायबरेली
Published by: लखनऊ ब्यूरो
Updated Tue, 18 Oct 2022 05:00 PM IST
सार
रायबरेली के डलमऊ में गंगा का जलस्तर चेतावनी बिंदु को पार कर गया है। कटरी क्षेत्र के ग्रामीणों में दहशत है। धान व उड़द की फसल डूब गई है। पानी एक घंटा प्रति सेमी की रफ्तार से बढ़ रहा है।
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गंगा का जलस्तर बढ़ने से डूबी फसल।
- फोटो : amar ujala
विस्तार
पहाड़ी इलाकों में हो रही बारिश के कारण गंगा के जलस्तर में लगातार हो रही बढ़ोत्तरी से जिले के कटरी क्षेत्र में बाढ़ का खतरा मंडराने लगा है। सोमवार को गंगा का जलस्तर चेतावनी बिंदु को पार कर तेजी से खतरे के लाल निशान की तरफ बढ़ने लगा। लगातार बढ़ रहे नदी के पानी से कटरी के तटीय क्षेत्र में धान, उड़द, चारे की फसल डूब गई है। नदी के जलस्तर में प्रति घंटा एक सेंटीमीटर की बढ़ोतरी हो रही है। इसके दृष्टिगत ही तहसील प्रशासन ने पूरे इलाके में अलर्ट जारी कर लेखपालों को नियमित निगरानी के लिए तैनात कर दिया है।
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गंगा नदी का चेतावनी बिंदु 98.360 मीटर जबकि खतरे का लाल निशान बिंदु 99.360 मीटर है। केंद्रीय जल आयोग डलमऊ के मुताबिक सोमवार की शाम छह बजे नदी का जलस्तर 98.440 मीटर नापा गया जो चेतावनी बिंदु के पार था। नदी का पानी हर घंटे एक सेंटीमीटर की रफ्तार से बढ़ रहा है। आशंका जताई जा रही है कि पानी में बढ़ोत्तरी की रफ्तार यदि इसी तरह बनी रही तो नदी का पानी जल्द ही खतरे के लाल निशान को भी पार कर जाएगा।
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जलस्तर में लगातार हो रही वृद्धि से तटीय क्षेत्र में स्थित चकमलिक भीटी, अंबहा, बबुरा, जमालनगर मोहद्दीनपुर, जहांगीराबाद, चांदपुर लुक गांवों में रहने वाले ग्रामीणों में दहशत का माहौल है। ग्रामीण श्रीप्रकाश, रामनिवास, जयकरण, साजन यादव व श्याम सुंदर इत्यादि ने बताया कि गंगा नदी का जलस्तर चेतावनी बिंदु पार करने के बाद तेजी से खतरे के निशान की तरफ बढ़ रहा है। इससे पूरे तटीय इलाके में बाढ़ का गंभीर खतरा मंडराता देख लोगों ने अभी से ही अपना समान इत्यादि समेट कर सुरक्षित स्थान पर जाने की तैयारी भी शुरू कर दी है।
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एसडीएम डलमऊ आशाराम वर्मा ने बताया कि गंगा नदी का जलस्तर चेतावनी बिंदु के पार हो जाने के बाद पूरे तटीय इलाके में अलर्ट जारी कर दिया गया है। इसके तहत ही उन्होंने राजस्व टीम के साथ कटरी क्षेत्र के गांव का भ्रमण भी किया।
गंगा का पानी खतरे के लाल निशान को पार करने के बाद ही आबादी क्षेत्र में पहुंचता है। ऐसे में सभी क्षेत्रीय लेखपालों को नियमित तौर पर नदी के पानी में हो रही वृद्धि पर नजर बनाए रखते हुए बाढ़ आशंकित क्षेत्रों में रात्रि निवास को निर्देशित किया गया है। साथ ही बाढ़ चौकियों को भी जरूरी सामग्री व बचाव के संसाधनों के साथ नावों की सुविधा से युक्त बनाने का कार्य भी किया जा रहा है। ताकि बाढ़ की स्थिति में ग्रामीणों को तत्काल सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया जा सके।
निजी नावों का संचालन भी बंद
गंगा नदी में लगातार बढ़ रहे जलस्तर के कारण प्राइवेट नावों का संचालन भी पूरी तरह बंद कर दिया गया है। इनकी जगह ग्रामीणों की सुविधा के लिए सरकारी नावें भी लगा दी गई हैं। ताकि लोग आसानी से नदी पार कर सके। ऊंचाहार क्षेत्र के पूरे तीर मजरे खरौली गंगा घाट से रायबरेली के अलावा अमेठी, सुल्तानपुर, प्रतापगढ़ जनपद के लोग फतेहपुर, बांदा, हमीरपुर, चित्रकूट जाने के लिए नदी पार करते हैं। गंगा नदी के उफान पर होने के कारण छोटी निजी नावों का संचालन खतरनाक साबित हो सकता है। इसे रोकने के लिए ही प्रशासन ने प्राइवेट नावों के संचालन पर तत्काल प्रभाव से रोक लगा दी है।
धान, मिर्च, प्याज की फसल डूबी
गंगा नदी के बढ़ते जलस्तर से कटरी क्षेत्र में धान, मिर्च, प्याज की फसल पानी में डूब गई है। क्षेत्र के पूरे सुकूरु, पूरे रामप्रसाद, पूरे अहिरन, कुटिया एहतमाली के किसानों की धान, मिर्च, प्याज, धनिया की फसल बाढ़ के पानी की चपेट में आकर डूबने लगी है। ग्राम प्रधान रज्जन लाल, किसान सोहनलाल, अवधपाल ने बताया कि पूरे रामप्रसाद के रामपाल की एक बीघे धान की पक्की फसल व 12 बिसवा सरसों की फसल में पानी भर गया है। पूरे संभर गांव के छेदीलाल की धान की 10 बिस्वा, पूरे अहिरन के संतोष यादव की डेढ़ बीघा धान की फसल डूब गई है।