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गंगा का जलस्तर घटा
अमर उजाला ब्यूरो/ रायबरेली
Updated Fri, 06 May 2016 12:09 AM IST
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रायबरेली में डलमऊ स्थित कैनाल पंप में गंगा का जलस्तर कम होने से कुछ ही पाइपों से गिरता गंग नहर में पानी।
- फोटो : अमर उजाला
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अन्नदाताओं की मुश्किलें कम होने का नाम नहीं ले रही हैं। पिछले साल बारिश कम हुई तो अब डलमऊ पंप कैनाल भी धोखा दे रही है। गंगा का जल स्तर गिरने से गंग नहर खतरे में पड़ गई है। इसकी वजह पिछले साल बारिश कम होना है। गंग नहर से निकली माइनरें सूखी पड़ी हैं। इससे जहां तालाब नहीं भरने में समस्या आ रही है, वहीं पशु-पक्षी प्यास से बेहाल है।
गंग नहर से डलमऊ, दीनशाह गौरा, ऊंचाहार ब्लॉक क्षेत्रों की करीब आठ हजार हेक्टेयर से अधिक भूमि की सिंचाई होती है। डलमऊ पंप कैनाल से गंगा नदी से पानी उठा कर नहर में छोड़ा जाता है। बरसात न होने से गंगा का जल स्तर गिर गया है।
पंप कैनाल के चलने के लिए कम से कम गंगा नदी का जलस्तर 195 मीटर होना चाहिए, लेकिन यह घट कर 193 पहुंच गया है। हालात यह हैं कि पिछले वर्ष अप्रैल-मई में जहां सात-आठ पंप आराम से चल जाते थे। वहीं इस बार चार पंप मुश्किल से चल पा रहे हैं। इन हालातों ने किसानों की परेशानी बढ़ा दी है।
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सिंचाई विभाग के अफसरों का कहना है कि वैसे तो हर साल जून में गंगा नदी में पानी की कमी आती थी, लेकिन इस बार फरवरी से ही जल स्तर गिरने लगा। जो हालात जून में होते थे, इस बार अप्रैल में ही हो गए। अप्रैल से ही पंप कैनाल को बेहद कम पानी मिल रहा है। कई बार तो पंप एयर ले लेता हैं, जिससे आपूर्ति बाधित हो जाती है।
सिंचाई खंड-6 के एक्सईएन एके सिंह का कहना है कि गंगा में पानी की कमी से समस्या आ रही है। इस समय चार पंप ही चल पा रहे हैं। पिछली बार बारिश कम होने की वजह से ऐसा है। उम्मीद है कि इस बार बारिश होगी। बारिश होने के बाद हालात सुधरेंगे।
शारदा सहायक खंड दक्षिणी के एक्सईएन सिद्धार्थ कुमार सिंह ने कहा कि बारिश न होने से गंगा में पानी कम हो गया है। इससे गंग नहर भी प्रभावित है। यह एक विकराल समस्या है। इससे निपटने का कोई रास्ता नहीं है। बारिश ही एक उम्मीद है। बारिश होने के बाद राहत मिलेगी।
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गंग नहर से डलमऊ, दीनशाह गौरा, ऊंचाहार ब्लॉक क्षेत्रों की करीब आठ हजार हेक्टेयर से अधिक भूमि की सिंचाई होती है। डलमऊ पंप कैनाल से गंगा नदी से पानी उठा कर नहर में छोड़ा जाता है। बरसात न होने से गंगा का जल स्तर गिर गया है।
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पंप कैनाल के चलने के लिए कम से कम गंगा नदी का जलस्तर 195 मीटर होना चाहिए, लेकिन यह घट कर 193 पहुंच गया है। हालात यह हैं कि पिछले वर्ष अप्रैल-मई में जहां सात-आठ पंप आराम से चल जाते थे। वहीं इस बार चार पंप मुश्किल से चल पा रहे हैं। इन हालातों ने किसानों की परेशानी बढ़ा दी है।
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सिंचाई विभाग के अफसरों का कहना है कि वैसे तो हर साल जून में गंगा नदी में पानी की कमी आती थी, लेकिन इस बार फरवरी से ही जल स्तर गिरने लगा। जो हालात जून में होते थे, इस बार अप्रैल में ही हो गए। अप्रैल से ही पंप कैनाल को बेहद कम पानी मिल रहा है। कई बार तो पंप एयर ले लेता हैं, जिससे आपूर्ति बाधित हो जाती है।
सिंचाई खंड-6 के एक्सईएन एके सिंह का कहना है कि गंगा में पानी की कमी से समस्या आ रही है। इस समय चार पंप ही चल पा रहे हैं। पिछली बार बारिश कम होने की वजह से ऐसा है। उम्मीद है कि इस बार बारिश होगी। बारिश होने के बाद हालात सुधरेंगे।
शारदा सहायक खंड दक्षिणी के एक्सईएन सिद्धार्थ कुमार सिंह ने कहा कि बारिश न होने से गंगा में पानी कम हो गया है। इससे गंग नहर भी प्रभावित है। यह एक विकराल समस्या है। इससे निपटने का कोई रास्ता नहीं है। बारिश ही एक उम्मीद है। बारिश होने के बाद राहत मिलेगी।