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कहीं लटका ताला तो कहीं देर से पहुंचे शिक्षक, दिखी गंदगी
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केडी मालवीय विद्या मंदिर में बच्चों की जांच करती शिक्षिकाएं।
- फोटो : RAIBARAILY
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रायबरेली। जूनियर हाईस्कूल खुले तो बेसिक शिक्षा विभाग की सारी तैयारियों की पोल खुली और खामियां उजागर हुई। इससे सबक लेते हुए प्राइमरी स्कूलों पर खास ध्यान दिया गया, फिर भी कहीं न कहीं अव्यवस्थाएं सामने आईं। यहां तक कि कई स्कूल समय से नहीं खुले और ताला लटकता रहा। अध्यापक देर से विद्यालय पहुंचे। साफ-सफाई न होने से गंदगी दिखी, कई जगह घास उगी रही।
बीएसए तथा सभी बीईओ ने विद्यालयों का निरीक्षण कर व्यवस्था का जायजा लिया। बच्चों के स्वागत के लिए कई स्कूलों में सजावट हुई। बच्चों को तिलक लगा कर गुब्बारे और टाफियां दी गईं।
बुधवार को जिले के लगभग दो हजार प्राथमिक विद्यालयों में कक्षा एक से पांच तक में भौतिक रूप से पठन-पाठन शुरू हो गया। गेट पर ही थर्मल स्क्रीनिंग और सैनिटाइजर की व्यवस्था की गई।
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बच्चों में भी काफी उत्साह नजर आया। कहीं कोई गड़बड़ी न होने पाए, इसलिए विभागीय अफसरों ने निरीक्षण किया। अफसर भले ही दौड़ लगाते रहे, लेकिन नगर क्षेत्र के मलिकमऊ आइमा स्थित विद्यालय का ताला न खुलना चर्चा का विषय रहा।
यहां सुबह 8.30 बजे के बाद स्कूल खुला। ऊंची-ऊंची घास उगी रही। जांच करने को पहले बीईओ मुख्यालय, फिर बीईओ नगर क्षेत्र ने निरीक्षण किया। बीईओ मुख्यालय वीरेंद्र कनौजिया ने बताया कि विद्यालय में एक महिला शिक्षिका की तैनाती है, 35 बच्चे नामांकित हैं। पहले दिन आठ बच्चे उपस्थित रहे। बीएसए का कहना है कि बीईओ की निरीक्षण आख्या मिलने के बाद ही सही स्थिति पता चल सकेगी।
काफी अच्छी रही बच्चों की उपस्थिति : बीएसए
बीएसए शिवेंद्र प्रताप सिंह ने सतांव विकास क्षेत्र के दरीबा, देदौर, मलिकमऊ चौबारा, पूरे आशाराम, बथुआखास स्थित प्राइमरी स्कूलों का निरीक्षण किया। कस्तूरबा विद्यालय भी देखा। बीएसए ने बताया कि सभी जगह व्यवस्था ठीक मिली। पहला दिन होने के बावजूद ज्यादातर स्कूलों में बच्चों की उपस्थिति अच्छी रही। ज्यादा से ज्यादा स्कूलों का निरीक्षण हो सके, इसके लिए सभी बीईओ भ्रमणशील रहे। सभी स्कूलों में पठन-पाठन का बेहतर माहौल बनाने के लिए पूरे प्रयास होंगे।
देर से विद्यालय पहुंचे कई अध्यापक
ऊंचाहार। पहले दिन बच्चों की उपस्थित कम रही। कई अध्यापक देर से पहुंचे। कुछ स्कूलों में कोरोना गाइडलाइन का अनुपालन नहीं दिखा। अव्यवस्थाएं नजर आईं। प्राथमिक विद्यालय किसुनी सरायं में प्रभारी प्रधानाध्यापक रमा नदारद रहीं। सहायक अध्यापक विनोद कुमार उपस्थित रहे, जिन्होंने बताया कि मैडम रास्ते में हैं। 55 में सिर्फ 15 बच्चे आए। ज्यादातर बच्चे मास्क नहीं लगाए थे। प्राथमिक विद्यालय पूरे त्रिभुवन में 91 बच्चों में 35 उपस्थित रहे। बीईओ अनिल त्रिपाठी ने बताया कि देर से स्कूल आने वाले शिक्षकों से जवाब तलब किया जाएगा।
सुदौली में दो पालियों में चली कक्षाएं
बछरावां। प्राथमिक विद्यालय सुदौली में 297 में 150 बच्चे उपस्थित रहे। हेडमास्टर दिलीप कुमार, ज्योति, अर्चना ने गुब्बारों से स्कूल सजाया। बच्चों को टीका लगाया और मुंह मीठा कराया। विद्यालय में दो पालियों में पढ़ाई की व्यवस्था की गई है। प्राथमिक विद्यालय अमावां में हेडमास्टर ज्योत्सना, जया ने बच्चों का मिठाई खिलाकर स्वागत किया। यहां 148 में 62 बच्चे उपस्थित रहे। प्राथमिक विद्यालय सेंहगो पूरबगांव में 160 में आए 120 बच्चों का स्वागत हेडमास्टर विवेक सिंह, रेनू ने मिठाई खिलाकर किया। बैलून भी बांटे।
ज्यादातर बच्चे नहीं लगाए रहे मास्क
जगतपुर। प्राथमिक विद्यालय मनोहरगंज में 124 बच्चों में 85 आए। ज्यादातर बच्चे मास्क नहीं लगाए थे। सैनिटाइजर की व्यवस्था भी नहीं की गई। प्राथमिक विद्यालय चांदमऊ में 113 बच्चों में 85 उपस्थित रहे। प्राथमिक विद्यालय जगतपुर में बच्चों की संख्या कम रही। बच्चे मास्क भी नहीं लगाए थे।
पुष्प गुच्छ देकर किया स्वागत
सरेनी। प्राथमिक विद्यालय कुशलखेड़ा में प्रधानाध्यापक दीप कुमार ने गेट पर बच्चों के हाथों पर सैनिटाइजर लगाया। सहायक अध्यापक अश्वनी कुमार ने पुष्प गुच्छ दिया। यहां 63 में से 29 बच्चे आए। प्राथमिक विद्यालय गुरुदत्तखेड़ा में प्रधानाध्यापक संदीप बाजपेयी ने बताया कि 36 में से 21 बच्चे उपस्थित रहे।
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बीएसए तथा सभी बीईओ ने विद्यालयों का निरीक्षण कर व्यवस्था का जायजा लिया। बच्चों के स्वागत के लिए कई स्कूलों में सजावट हुई। बच्चों को तिलक लगा कर गुब्बारे और टाफियां दी गईं।
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बुधवार को जिले के लगभग दो हजार प्राथमिक विद्यालयों में कक्षा एक से पांच तक में भौतिक रूप से पठन-पाठन शुरू हो गया। गेट पर ही थर्मल स्क्रीनिंग और सैनिटाइजर की व्यवस्था की गई।
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बच्चों में भी काफी उत्साह नजर आया। कहीं कोई गड़बड़ी न होने पाए, इसलिए विभागीय अफसरों ने निरीक्षण किया। अफसर भले ही दौड़ लगाते रहे, लेकिन नगर क्षेत्र के मलिकमऊ आइमा स्थित विद्यालय का ताला न खुलना चर्चा का विषय रहा।
यहां सुबह 8.30 बजे के बाद स्कूल खुला। ऊंची-ऊंची घास उगी रही। जांच करने को पहले बीईओ मुख्यालय, फिर बीईओ नगर क्षेत्र ने निरीक्षण किया। बीईओ मुख्यालय वीरेंद्र कनौजिया ने बताया कि विद्यालय में एक महिला शिक्षिका की तैनाती है, 35 बच्चे नामांकित हैं। पहले दिन आठ बच्चे उपस्थित रहे। बीएसए का कहना है कि बीईओ की निरीक्षण आख्या मिलने के बाद ही सही स्थिति पता चल सकेगी।
काफी अच्छी रही बच्चों की उपस्थिति : बीएसए
बीएसए शिवेंद्र प्रताप सिंह ने सतांव विकास क्षेत्र के दरीबा, देदौर, मलिकमऊ चौबारा, पूरे आशाराम, बथुआखास स्थित प्राइमरी स्कूलों का निरीक्षण किया। कस्तूरबा विद्यालय भी देखा। बीएसए ने बताया कि सभी जगह व्यवस्था ठीक मिली। पहला दिन होने के बावजूद ज्यादातर स्कूलों में बच्चों की उपस्थिति अच्छी रही। ज्यादा से ज्यादा स्कूलों का निरीक्षण हो सके, इसके लिए सभी बीईओ भ्रमणशील रहे। सभी स्कूलों में पठन-पाठन का बेहतर माहौल बनाने के लिए पूरे प्रयास होंगे।
देर से विद्यालय पहुंचे कई अध्यापक
ऊंचाहार। पहले दिन बच्चों की उपस्थित कम रही। कई अध्यापक देर से पहुंचे। कुछ स्कूलों में कोरोना गाइडलाइन का अनुपालन नहीं दिखा। अव्यवस्थाएं नजर आईं। प्राथमिक विद्यालय किसुनी सरायं में प्रभारी प्रधानाध्यापक रमा नदारद रहीं। सहायक अध्यापक विनोद कुमार उपस्थित रहे, जिन्होंने बताया कि मैडम रास्ते में हैं। 55 में सिर्फ 15 बच्चे आए। ज्यादातर बच्चे मास्क नहीं लगाए थे। प्राथमिक विद्यालय पूरे त्रिभुवन में 91 बच्चों में 35 उपस्थित रहे। बीईओ अनिल त्रिपाठी ने बताया कि देर से स्कूल आने वाले शिक्षकों से जवाब तलब किया जाएगा।
सुदौली में दो पालियों में चली कक्षाएं
बछरावां। प्राथमिक विद्यालय सुदौली में 297 में 150 बच्चे उपस्थित रहे। हेडमास्टर दिलीप कुमार, ज्योति, अर्चना ने गुब्बारों से स्कूल सजाया। बच्चों को टीका लगाया और मुंह मीठा कराया। विद्यालय में दो पालियों में पढ़ाई की व्यवस्था की गई है। प्राथमिक विद्यालय अमावां में हेडमास्टर ज्योत्सना, जया ने बच्चों का मिठाई खिलाकर स्वागत किया। यहां 148 में 62 बच्चे उपस्थित रहे। प्राथमिक विद्यालय सेंहगो पूरबगांव में 160 में आए 120 बच्चों का स्वागत हेडमास्टर विवेक सिंह, रेनू ने मिठाई खिलाकर किया। बैलून भी बांटे।
ज्यादातर बच्चे नहीं लगाए रहे मास्क
जगतपुर। प्राथमिक विद्यालय मनोहरगंज में 124 बच्चों में 85 आए। ज्यादातर बच्चे मास्क नहीं लगाए थे। सैनिटाइजर की व्यवस्था भी नहीं की गई। प्राथमिक विद्यालय चांदमऊ में 113 बच्चों में 85 उपस्थित रहे। प्राथमिक विद्यालय जगतपुर में बच्चों की संख्या कम रही। बच्चे मास्क भी नहीं लगाए थे।
पुष्प गुच्छ देकर किया स्वागत
सरेनी। प्राथमिक विद्यालय कुशलखेड़ा में प्रधानाध्यापक दीप कुमार ने गेट पर बच्चों के हाथों पर सैनिटाइजर लगाया। सहायक अध्यापक अश्वनी कुमार ने पुष्प गुच्छ दिया। यहां 63 में से 29 बच्चे आए। प्राथमिक विद्यालय गुरुदत्तखेड़ा में प्रधानाध्यापक संदीप बाजपेयी ने बताया कि 36 में से 21 बच्चे उपस्थित रहे।