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पॉलीथिन की बिक्री व प्रयोग पर लगेगा 500 रुपये जुर्माना
रायबरेली/ अमर उजाला ब्यूरो
Updated Wed, 20 Jan 2016 11:42 PM IST
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सावधान, पॉलीथिन को हाथ भी मत लगाईएगा। अब इस पर पूरी तरह प्रतिबंध लग गया है। यदि गलती से पॉलीथिन के साथ पकड़े गए तो जुर्माना भरना पड़ेगा।
जिले में पॉलीथिन के बैन को प्रभावी बनाने के लिए प्रशासन ने पूरी तैयारी कर ली है। इसके लिए 17 टीमें बनाई गईं है। ये सोमवार से पूरे जिले में छापेमारी करेंगी।
पॉलीथिन प्रयोग करते मिलने या बेचने पर कार्रवाई की जाएगी। पहले दिन पांच सौ रुपये जुर्माना वसूला जाएगा।
शासन के आदेश के बाद पॉलीथिन पर रोक लगाने के लिए प्रशासन ने कमर कस ली है।
एडीएम एफआर शीतला प्रसाद ने बताया कि पॉलीथिन पर बैन को प्रभावी तरीके से लागू किया जाएगा। पहले दिन पांच सौ रुपये जुर्माना वसूला जाएगा। इसके बाद शासन के आदेशानुसार कार्रवाई की जाएगी।
इसके लिए 17 टीमों का गठन किया गया है। नगरीय इलाकों में नगर पालिका परिषद व नगर पंचायत के ईओ की अगुवाई में आठ टीमें बनाई गई है।
इसके अलावा ग्रामीण अंचल में सभी छह उपजिलाधिकारियों की निगरानी में टीमों का गठन किया गया है। ये टीमें अपने-अपने क्षेत्र में छापेमारी कर पॉलीथिन का प्रयोग करने और बेचने वालों पर कार्रवाई करेंगी।
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इसके अलावा दो और टीमें बनाई गई है, ये कहीं भी छापेमारी के लिए स्वतंत्र होंगी। एक टीम एफएसडीए के निरीक्षक की देखरेख में अभियान चलाएगी।
वहीं दूसरी टीम की जिम्मेदारी प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के क्षेत्रीय अधिकारी और श्रम विभाग के निरीक्षक को संयुक्त रूप से दी गई है। वहीं गुरुवार से पॉलीथिन पर पूरी तरह से बैन लगना है।
लेकिन बुधवार को भी पॉलीथिन की न सिर्फ धड़ल्ले से बिक्री हुई, बल्कि प्रयोग भी हुआ। सब्जी मंडी स्थित दरबारी मार्केट में पॉलीथिन बेचने वाले दुकानदारों के चेहरे पर बेरोजगार होने की चिंता साफ झलक रही थी।
व्यापारियों ने पॉलीथिन की बिक्री और प्रयोग पर बैन के आदेश पर नाराजगी जताई। व्यापारी जियाउल हक, केशव, रामकृष्ण, मो. तारिक ने कहा कि इस पर पूरी तरह रोक लगा पाना संभव नहीं है।
क्योंकि बड़ी-बड़ी मल्टी नेशनल कंपनियों की खाद्य सामग्री से लेकर अन्य तमाम चीजें पॉलीथिन में ही पैक होकर आती है। ऐसे में सिर्फ बिक्री और प्रयोग पर रोक लगाना कहां तक ठीक है।
इससे तो पॉलीथिन बेचने वाले व्यापारी रास्ते पर आ जाएंगे। प्रतिबंध ही लगाना है तो पूरी तरह से पॉलीथिन पर रोक लगे। पर्यावरण प्रेमियों व नागरिकों ने पॉलीथिन पर प्रतिबंध के निर्णय को सही और प्रदूषण पर अंकुश के लिए कारगर बताया।
नूर सज्जाद, शिव कुमार अग्रवाल, राम प्रकाश और दुर्गा शंकर ने कहा कि पॉलीथिन पर रोक लगने से तमाम बेजुबानों की जान बच जाएगी। प्रदूषण को फैलने से रोकने पर काफी हद तक सफलता मिलेगी। यही नहीं पॉलीथिन शहर की सीवर समस्या को भी प्रभावित करती थी। इससे कुछ राहत मिलेगी।
डीएम सूर्यपाल गंगवार ने बताया कि शासन ने पॉलीथिन के प्रयोग और बेचने पर पूरी तरह से प्रतिबंध लगा दिया है। सोमवार से यह आदेश लागू हुआ।
इसका कड़ाई से पालन कराया जाएगा। शासनादेश का उल्लंघन कतई बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। जो भी ऐसा करेगा, उसके खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
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जिले में पॉलीथिन के बैन को प्रभावी बनाने के लिए प्रशासन ने पूरी तैयारी कर ली है। इसके लिए 17 टीमें बनाई गईं है। ये सोमवार से पूरे जिले में छापेमारी करेंगी।
पॉलीथिन प्रयोग करते मिलने या बेचने पर कार्रवाई की जाएगी। पहले दिन पांच सौ रुपये जुर्माना वसूला जाएगा।
शासन के आदेश के बाद पॉलीथिन पर रोक लगाने के लिए प्रशासन ने कमर कस ली है।
एडीएम एफआर शीतला प्रसाद ने बताया कि पॉलीथिन पर बैन को प्रभावी तरीके से लागू किया जाएगा। पहले दिन पांच सौ रुपये जुर्माना वसूला जाएगा। इसके बाद शासन के आदेशानुसार कार्रवाई की जाएगी।
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इसके लिए 17 टीमों का गठन किया गया है। नगरीय इलाकों में नगर पालिका परिषद व नगर पंचायत के ईओ की अगुवाई में आठ टीमें बनाई गई है।
इसके अलावा ग्रामीण अंचल में सभी छह उपजिलाधिकारियों की निगरानी में टीमों का गठन किया गया है। ये टीमें अपने-अपने क्षेत्र में छापेमारी कर पॉलीथिन का प्रयोग करने और बेचने वालों पर कार्रवाई करेंगी।
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इसके अलावा दो और टीमें बनाई गई है, ये कहीं भी छापेमारी के लिए स्वतंत्र होंगी। एक टीम एफएसडीए के निरीक्षक की देखरेख में अभियान चलाएगी।
वहीं दूसरी टीम की जिम्मेदारी प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के क्षेत्रीय अधिकारी और श्रम विभाग के निरीक्षक को संयुक्त रूप से दी गई है। वहीं गुरुवार से पॉलीथिन पर पूरी तरह से बैन लगना है।
लेकिन बुधवार को भी पॉलीथिन की न सिर्फ धड़ल्ले से बिक्री हुई, बल्कि प्रयोग भी हुआ। सब्जी मंडी स्थित दरबारी मार्केट में पॉलीथिन बेचने वाले दुकानदारों के चेहरे पर बेरोजगार होने की चिंता साफ झलक रही थी।
व्यापारियों ने पॉलीथिन की बिक्री और प्रयोग पर बैन के आदेश पर नाराजगी जताई। व्यापारी जियाउल हक, केशव, रामकृष्ण, मो. तारिक ने कहा कि इस पर पूरी तरह रोक लगा पाना संभव नहीं है।
क्योंकि बड़ी-बड़ी मल्टी नेशनल कंपनियों की खाद्य सामग्री से लेकर अन्य तमाम चीजें पॉलीथिन में ही पैक होकर आती है। ऐसे में सिर्फ बिक्री और प्रयोग पर रोक लगाना कहां तक ठीक है।
इससे तो पॉलीथिन बेचने वाले व्यापारी रास्ते पर आ जाएंगे। प्रतिबंध ही लगाना है तो पूरी तरह से पॉलीथिन पर रोक लगे। पर्यावरण प्रेमियों व नागरिकों ने पॉलीथिन पर प्रतिबंध के निर्णय को सही और प्रदूषण पर अंकुश के लिए कारगर बताया।
नूर सज्जाद, शिव कुमार अग्रवाल, राम प्रकाश और दुर्गा शंकर ने कहा कि पॉलीथिन पर रोक लगने से तमाम बेजुबानों की जान बच जाएगी। प्रदूषण को फैलने से रोकने पर काफी हद तक सफलता मिलेगी। यही नहीं पॉलीथिन शहर की सीवर समस्या को भी प्रभावित करती थी। इससे कुछ राहत मिलेगी।
डीएम सूर्यपाल गंगवार ने बताया कि शासन ने पॉलीथिन के प्रयोग और बेचने पर पूरी तरह से प्रतिबंध लगा दिया है। सोमवार से यह आदेश लागू हुआ।
इसका कड़ाई से पालन कराया जाएगा। शासनादेश का उल्लंघन कतई बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। जो भी ऐसा करेगा, उसके खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी।