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बिना जांच के मरीज रेफर, मौत के बाद मिला कोरोना, डॉक्टर को नोटिस
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रायबरेली। लालगंज सीएचसी में तैनात डॉ. कफील अहमद ने तीन दिन से बुखार से ग्रसित मरीज का न तो इलाज किया और न ही कोरोना की जांच कराई। हालत गंभीर होने पर उसे जिला अस्पताल रेफर कर दिया। जहां उसकी मौत हो गई। मौत के बाद जांच कराई गई तो कोरोना की पुष्टि हो गई। डॉक्टर की मनमानी उजागर होने पर सीएमओ डॉ. वीरेंद्र सिंह ने डॉक्टर डॉ. कफील अहमद को नोटिस देकर तीन दिन में जवाब मांगा है।
भोजपुर क्षेत्र के रहने वाले दिलीप सोनी को तेज बुखार होने पर 30 सितंबर को लालगंज सीएचसी लाया गया था। परिवारीजनों का आरोप है कि तीन दिन तक बुखार होने के बाद भी सीएचसी में तैनात डॉ. कफील अहमद ने उसकी कोरोना की जांच नहीं कराई। यही नहीं उसका इलाज भी नहीं किया और मरीज को हालत गंभीर होने पर जिला अस्पताल रेफर कर दिया। उन्होंने बताया कि दिलीप को जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया और अगले दिन ही उसकी इलाज के दौरान मौत हो गई।
मौत के बाद उसकी कोरोना की जांच कराई गई तो वह संक्रमित पाया गया। मामला संज्ञान में आने के बाद सीएमओ डॉ. वीरेंद्र सिंह ने चिकित्सक को नोटिस देकर तीन दिन के अंदर जवाब देने के आदेश दिए हैं। सीएमओ ने कहा कि मरीज में लक्षण होने और जांच की व्यवस्था होने के बावजूद डॉ. कफील ने कोरोना की जांच न कराकर बड़ी लापरवाही की है। नोटिस का जवाब आने के बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी।
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प्रांतीय चिकित्सा सेवा संघ के जिलाध्यक्ष डॉ. एलपी सोनकर का बाजार से दवाएं लिखने का वीडियो वायरल होने के बाद स्वास्थ्य विभाग में हड़कंप मचा है। पिछले सप्ताह अपर निदेशक आलोक कुमार के निरीक्षण के दौरान अधीक्षक की मनमानी उजागर हुई थी। आरोप है कि डॉक्टर खुलेआम मरीजों को बाजार की दवाएं लिख रहे हैं। सीएमओ डॉ. वीरेंद्र सिंह का कहना है कि अधीक्षक की कई शिकायतें आ चुकी हैं। मामले की जांच कराकर कार्रवाई की जाएगी। उधर अधीक्षक डॉ. एलपी सोनकर ने बाजार से दवाएं लिखे जाने की बात से साफ इंकार किया है।
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भोजपुर क्षेत्र के रहने वाले दिलीप सोनी को तेज बुखार होने पर 30 सितंबर को लालगंज सीएचसी लाया गया था। परिवारीजनों का आरोप है कि तीन दिन तक बुखार होने के बाद भी सीएचसी में तैनात डॉ. कफील अहमद ने उसकी कोरोना की जांच नहीं कराई। यही नहीं उसका इलाज भी नहीं किया और मरीज को हालत गंभीर होने पर जिला अस्पताल रेफर कर दिया। उन्होंने बताया कि दिलीप को जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया और अगले दिन ही उसकी इलाज के दौरान मौत हो गई।
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मौत के बाद उसकी कोरोना की जांच कराई गई तो वह संक्रमित पाया गया। मामला संज्ञान में आने के बाद सीएमओ डॉ. वीरेंद्र सिंह ने चिकित्सक को नोटिस देकर तीन दिन के अंदर जवाब देने के आदेश दिए हैं। सीएमओ ने कहा कि मरीज में लक्षण होने और जांच की व्यवस्था होने के बावजूद डॉ. कफील ने कोरोना की जांच न कराकर बड़ी लापरवाही की है। नोटिस का जवाब आने के बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी।
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प्रांतीय चिकित्सा सेवा संघ के जिलाध्यक्ष डॉ. एलपी सोनकर का बाजार से दवाएं लिखने का वीडियो वायरल होने के बाद स्वास्थ्य विभाग में हड़कंप मचा है। पिछले सप्ताह अपर निदेशक आलोक कुमार के निरीक्षण के दौरान अधीक्षक की मनमानी उजागर हुई थी। आरोप है कि डॉक्टर खुलेआम मरीजों को बाजार की दवाएं लिख रहे हैं। सीएमओ डॉ. वीरेंद्र सिंह का कहना है कि अधीक्षक की कई शिकायतें आ चुकी हैं। मामले की जांच कराकर कार्रवाई की जाएगी। उधर अधीक्षक डॉ. एलपी सोनकर ने बाजार से दवाएं लिखे जाने की बात से साफ इंकार किया है।