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आंधी-पानी से बिजली व्यवस्था ध्वस्त, 100 गांवों की बत्ती गुल
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रायबरेली। जिले में बुधवार रात आंधी-पानी के चलते बिजली व्यवस्था ध्वस्त हो गई। कहीं पर बिजली के पोल गिरे तो कहीं पेड़ ही बिजली की लाइन पर गिर गए।
जिले में करीब 200 खंभे टूटने से शहर के साथ ही देहात क्षेत्रों में आपूर्ति ठप होने से लोगों को रातभर गर्मी में परेशान होना पड़ा।
दोपहर तक शहर के साथ ही देहात क्षेत्रों में नए बिजली के पोल और लाइन ठीक करके आपूर्ति बहाल कर दी, लेकिन देर रात तक 100 गांवों की बिजली आपूर्ति चालू नहीं हो पाई थी।
रात करीब 12 बजे अचानक मौसम का मिजाज बिगड़ गया। देखते ही देखते तेज आंधी के साथ ही बरसात शुरू हो गई। बारिश तो कम हुई, लेकिन तेज आंधी से काफी नुकसान हो गया।
शहर से लेकर देहात क्षेत्रों में एक के बाद एक 200 से ज्यादा बिजली के पोल टूटकर जमीन पर गिर पड़े। पेड़ों के गिरने से बिजली की तार टूट गए। इससे आपूर्ति ठप हो गई। इससे रातभर लोग गर्मी में बेहाल नजर आए। शहर क्षेत्र में कहीं सात बजे तो कहीं आठ बजे बिजली आपूर्ति चालू हो सकी।
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वहीं देहात क्षेत्रों में दोपहर बाद बिजली आपूर्ति बहाल हो सकी। पावर कॉर्पोरेशन के अधीक्षण अभियंता वाईएन राम ने बताया कि तार और खंभे टूटने के चलते समस्या आई।
100 गांवों में भी देर रात तक बिजली आपूर्ति बहाल कराने का प्रयास किया जा रहा है। अन्य जगहों पर आपूर्ति को शुरू करा दिया गया है।
परशदेपुर प्रतिनिधि के मुताबिक आंधी-पानी के चलते परशदेपुर और छतोह ब्लॉक क्षेत्र के 200 गांवों की बत्ती रातभर गुल रही। इससे परशदेपुर व छतोह की लगभग दो लाख की आबादी रात में अंधेरे में रही।
कहीं पर तार तो कहीं पर खंभे टूटने से आपूर्ति ठप हुई। डीह के पास 33 हजार की लाइन का पोल टूटने की वजह से रात बिजली गायब रही। दोपहर बाद आपूर्ति शुरू कराई गई।
उपभोक्ता महेश विश्वकर्मा, विशुन, मोनू अग्रहरि, राजाराम का कहना है कि जर्जर तार न बदलवाए जाने के चलते हर साल आंधी-पानी में समस्या झेलनी पड़ती है। इस ओर अफसर ध्यान नहीं देते। उधर, जेई विनोद कुमार ने बताया कि बिजली आपूर्ति को चालू करा दिया गया है।
महराजगंज प्रतिनिधि के मुताबिक क्षेत्र में आंधी-पानी के चलते बिजली व्यवस्था पटरी से उतर गई। कस्बा महराजगंज बाजार में विद्युत का एक पोल टूट गया।
इसके अलावा चंदापुर फीडर में तीन और ओसाह फीडर में पांच बिजली के पोल टूटने से बिजली आपूर्ति ठप रही। अवर अभियंता दीपक कुमार ने बताया कि विद्युत कर्मियों को मौके पर भेजकर टूटे हुए खंभों को बदलकर बिजली आपूर्ति शुरू करा दी गई है।
उपकेंद्र में लगी आग, मचा हड़कंप
ऊंचाहार। सवैया तिराहा स्थित विद्युत उपकेंद्र के जमुनापुर फीडर में आग लग गई। इससे फीडर का इनकमिंग व आउटगोइंग पैनल जल गया। पैनल जलने से क्षेत्र की बिजली आपूर्ति बाधित हो गई। फिलहाल दूसरे उपकेंद्र से जोड़कर गांवों को आपूर्ति शुरू कर दी गई है।
ऊंचाहार तहसील बिजली उपकेंद्र से जमुनापुर प्रथम, जमुनापुर द्वितीय, टाउन व तहसील सहित चार फीडर संचालित हैं। आंधी-पानी के चलते आई खराबी ठीक करने के बाद गुरुवार दोपहर सभी फीडरों की आपूर्ति शुरू की गई, लेकिन इस दौरान स्पार्किंग को रोकने के लिए उपकेंद्र के जमुनापुर फीडर में लगे बैकुम इंट्राप्टर में ब्लास्ट हो गया और फीडर में आग लग गई। आग लगने से वहां अफरातफरी मच गई।
आननफानन अन्य फीडरों की सप्लाई बंद की गई और इसकी सूचना फायर बिग्रेड को दी गई। मौके पर पहुंचे दमकल कर्मियों ने आग बुझाई, लेकिन तब तक फीडर की वायरिंग व इनकमिंग व आउटगोइंग पैनल जल गया। पैनल जलने से क्षेत्र के लगभग 25 गांवों की आपूर्ति बाधित हो गई।
जानकारी होने पर अधिशासी अभियंता दिलीप कुमार मौर्य मौके पर पहुंचे और फीडर का मुआयना किया। कुछ देर बाद फीडर क्षेत्र की लगभग 25 हजार की आबादी को जमुनापुर बिजली उपकेंद्र से जोड़कर बिजली की आपूर्ति शुरू कराई गई। अधिशासी अभियंता ने बताया कि बैकुम इंट्राप्टर ब्लास्ट होने से आग लग गई थी। जमुनापुर उपकेंद्र से जोड़कर आपूर्ति शुरू कराई गई है। जले उपकरणों को सही कराने के लिए नये उपकरण मंगाए गए हैं।
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जिले में करीब 200 खंभे टूटने से शहर के साथ ही देहात क्षेत्रों में आपूर्ति ठप होने से लोगों को रातभर गर्मी में परेशान होना पड़ा।
दोपहर तक शहर के साथ ही देहात क्षेत्रों में नए बिजली के पोल और लाइन ठीक करके आपूर्ति बहाल कर दी, लेकिन देर रात तक 100 गांवों की बिजली आपूर्ति चालू नहीं हो पाई थी।
रात करीब 12 बजे अचानक मौसम का मिजाज बिगड़ गया। देखते ही देखते तेज आंधी के साथ ही बरसात शुरू हो गई। बारिश तो कम हुई, लेकिन तेज आंधी से काफी नुकसान हो गया।
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शहर से लेकर देहात क्षेत्रों में एक के बाद एक 200 से ज्यादा बिजली के पोल टूटकर जमीन पर गिर पड़े। पेड़ों के गिरने से बिजली की तार टूट गए। इससे आपूर्ति ठप हो गई। इससे रातभर लोग गर्मी में बेहाल नजर आए। शहर क्षेत्र में कहीं सात बजे तो कहीं आठ बजे बिजली आपूर्ति चालू हो सकी।
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वहीं देहात क्षेत्रों में दोपहर बाद बिजली आपूर्ति बहाल हो सकी। पावर कॉर्पोरेशन के अधीक्षण अभियंता वाईएन राम ने बताया कि तार और खंभे टूटने के चलते समस्या आई।
100 गांवों में भी देर रात तक बिजली आपूर्ति बहाल कराने का प्रयास किया जा रहा है। अन्य जगहों पर आपूर्ति को शुरू करा दिया गया है।
परशदेपुर प्रतिनिधि के मुताबिक आंधी-पानी के चलते परशदेपुर और छतोह ब्लॉक क्षेत्र के 200 गांवों की बत्ती रातभर गुल रही। इससे परशदेपुर व छतोह की लगभग दो लाख की आबादी रात में अंधेरे में रही।
कहीं पर तार तो कहीं पर खंभे टूटने से आपूर्ति ठप हुई। डीह के पास 33 हजार की लाइन का पोल टूटने की वजह से रात बिजली गायब रही। दोपहर बाद आपूर्ति शुरू कराई गई।
उपभोक्ता महेश विश्वकर्मा, विशुन, मोनू अग्रहरि, राजाराम का कहना है कि जर्जर तार न बदलवाए जाने के चलते हर साल आंधी-पानी में समस्या झेलनी पड़ती है। इस ओर अफसर ध्यान नहीं देते। उधर, जेई विनोद कुमार ने बताया कि बिजली आपूर्ति को चालू करा दिया गया है।
महराजगंज प्रतिनिधि के मुताबिक क्षेत्र में आंधी-पानी के चलते बिजली व्यवस्था पटरी से उतर गई। कस्बा महराजगंज बाजार में विद्युत का एक पोल टूट गया।
इसके अलावा चंदापुर फीडर में तीन और ओसाह फीडर में पांच बिजली के पोल टूटने से बिजली आपूर्ति ठप रही। अवर अभियंता दीपक कुमार ने बताया कि विद्युत कर्मियों को मौके पर भेजकर टूटे हुए खंभों को बदलकर बिजली आपूर्ति शुरू करा दी गई है।
उपकेंद्र में लगी आग, मचा हड़कंप
ऊंचाहार। सवैया तिराहा स्थित विद्युत उपकेंद्र के जमुनापुर फीडर में आग लग गई। इससे फीडर का इनकमिंग व आउटगोइंग पैनल जल गया। पैनल जलने से क्षेत्र की बिजली आपूर्ति बाधित हो गई। फिलहाल दूसरे उपकेंद्र से जोड़कर गांवों को आपूर्ति शुरू कर दी गई है।
ऊंचाहार तहसील बिजली उपकेंद्र से जमुनापुर प्रथम, जमुनापुर द्वितीय, टाउन व तहसील सहित चार फीडर संचालित हैं। आंधी-पानी के चलते आई खराबी ठीक करने के बाद गुरुवार दोपहर सभी फीडरों की आपूर्ति शुरू की गई, लेकिन इस दौरान स्पार्किंग को रोकने के लिए उपकेंद्र के जमुनापुर फीडर में लगे बैकुम इंट्राप्टर में ब्लास्ट हो गया और फीडर में आग लग गई। आग लगने से वहां अफरातफरी मच गई।
आननफानन अन्य फीडरों की सप्लाई बंद की गई और इसकी सूचना फायर बिग्रेड को दी गई। मौके पर पहुंचे दमकल कर्मियों ने आग बुझाई, लेकिन तब तक फीडर की वायरिंग व इनकमिंग व आउटगोइंग पैनल जल गया। पैनल जलने से क्षेत्र के लगभग 25 गांवों की आपूर्ति बाधित हो गई।
जानकारी होने पर अधिशासी अभियंता दिलीप कुमार मौर्य मौके पर पहुंचे और फीडर का मुआयना किया। कुछ देर बाद फीडर क्षेत्र की लगभग 25 हजार की आबादी को जमुनापुर बिजली उपकेंद्र से जोड़कर बिजली की आपूर्ति शुरू कराई गई। अधिशासी अभियंता ने बताया कि बैकुम इंट्राप्टर ब्लास्ट होने से आग लग गई थी। जमुनापुर उपकेंद्र से जोड़कर आपूर्ति शुरू कराई गई है। जले उपकरणों को सही कराने के लिए नये उपकरण मंगाए गए हैं।