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8 फीसदी ब्याज के साथ क्लेम की धनराशि 44 हजार का करें भुगतान
अमर उजाला ब्यूरो/ रायबरेली
Updated Wed, 22 Jun 2016 11:51 PM IST
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अदालत का फैसला
- फोटो : demo pic
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नेशनल इंश्योरेंस कंपनी ने पशु की मौत के बाद पशुपालक को मिलने वाला क्लेम गलत तरीके से रद्द कर दिया। इस पर पशुपालक ने जिला उपभोक्ता फोरम में गुहार लगाई। फोरम ने परिवाद की सुनवाई के बाद आठ फीसदी ब्याज के साथ क्लेम की धनराशि के 44 हजार रुपये भुगतान करने के आदेश दिए हैं।
राही ब्लॉक क्षेत्र के चकबल्लीहार गांव के राम बरन ने बैंक से लोन लेकर 14 अप्रैल 2014 को 44 हजार रुपये की भैंस खरीदी थी। इसका नेशनल इंश्योरेंस कंपनी आरडीए कॉम्पलेक्स इंदिरा नगर से बीमा कराया था। इसी दौरान सितंबर 2014 को भैंस बीमारी के चलते मर गई।
इसके बाद नियमानुसार उसने भैंस के शव को पोस्टमार्टम कराया और बीमा कंपनी में क्लेम के लिए आवेदन किया, लेकिन कंपनी ने उसे खारिज कर दिया। इस पर पशुपालक ने उपभोक्ता फोरम में परिवाद दायर किया। फोरम के अध्यक्ष लालता प्रसाद पांडेय और सदस्य शैलजा यादव ने सुनवाई की।
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फोरम ने माना कि पशुपालक को क्लेम देने में कंपनी ने विधिक त्रुटि की। कंपनी ने सेवाओं में कमी की और इससे पशुपालक को परेशान होना पड़ा। फोरम ने क्लेम की राशि 44 हजार रुपये पर आठ फीसदी ब्याज के साथ ही एक हजार रुपये क्षतिपूर्ति और पांच सौ रुपये वादव्यय दो माह के अंदर अदा करने के आदेश बीमा कंपनी को दिए हैं।
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राही ब्लॉक क्षेत्र के चकबल्लीहार गांव के राम बरन ने बैंक से लोन लेकर 14 अप्रैल 2014 को 44 हजार रुपये की भैंस खरीदी थी। इसका नेशनल इंश्योरेंस कंपनी आरडीए कॉम्पलेक्स इंदिरा नगर से बीमा कराया था। इसी दौरान सितंबर 2014 को भैंस बीमारी के चलते मर गई।
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इसके बाद नियमानुसार उसने भैंस के शव को पोस्टमार्टम कराया और बीमा कंपनी में क्लेम के लिए आवेदन किया, लेकिन कंपनी ने उसे खारिज कर दिया। इस पर पशुपालक ने उपभोक्ता फोरम में परिवाद दायर किया। फोरम के अध्यक्ष लालता प्रसाद पांडेय और सदस्य शैलजा यादव ने सुनवाई की।
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फोरम ने माना कि पशुपालक को क्लेम देने में कंपनी ने विधिक त्रुटि की। कंपनी ने सेवाओं में कमी की और इससे पशुपालक को परेशान होना पड़ा। फोरम ने क्लेम की राशि 44 हजार रुपये पर आठ फीसदी ब्याज के साथ ही एक हजार रुपये क्षतिपूर्ति और पांच सौ रुपये वादव्यय दो माह के अंदर अदा करने के आदेश बीमा कंपनी को दिए हैं।