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Raebareli News: बूंदाबांदी व तेज हवा से गिरी धान की फसल, बढ़ी किसानों की चिंता
Fri, 30 Oct 2026 12:14 AM IST
लखनऊ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, रायबरेली
संवाद न्यूज एजेंसी, रायबरेली
Updated Fri, 30 Oct 2026 12:14 AM IST
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खराब मौसम के बीच बृहस्पतिवार को आसमान पर छाये बादल।
रायबरेली/हलोर। अर्नब चक्रवात का असर जिले में भी दिखने लगा है। बृहस्पतिवार सुबह बदली छाने के साथ कई क्षेत्रों में बूंदाबांदी हुई। महराजगंज क्षेत्र में बारिश के साथ तेज हवा चलने से धान की तैयार फसल खेतों में गिर गई। हलोर, पुरासी, जमुरावां, भटसरा और कक्केपुर समेत कई गांवों में करीब 50 प्रतिशत फसल गिरने का अनुमान है। कटाई से ठीक पहले मौसम की मार पड़ने से किसानों को आर्थिक नुकसान की चिंता सताने लगी है।
मौसम विभाग के अलर्ट को देखते हुए प्रशासन ने पहले ही बचाव संबंधी निर्देश जारी किए थे। बृहस्पतिवार सुबह करीब पांच बजे जिले के कई हिस्सों में आधे घंटे तक बूंदाबांदी हुई। इस दौरान करीब 10 किलोमीटर प्रति घंटा की रफ्तार से हवा चली। महराजगंज क्षेत्र में हवा की तेजी के साथ बारिश ने खेतों में खड़ी धान की फसल को गिरा दिया।
किसान रामसागर चौधरी, उमाकांत पांडेय, श्रवण चौधरी, ओम प्रकाश मिश्रा, शिवमोहन तिवारी और केशवानंद त्रिपाठी ने बताया कि धान पककर तैयार होने की स्थिति में है। जल्द ही कटाई शुरू करने की तैयारी थी, लेकिन बारिश और तेज हवा ने उनकी मेहनत पर पानी फेरने का खतरा पैदा कर दिया है। फसल तैयार करने में खाद, बीज, सिंचाई और मजदूरी पर काफी खर्च हुआ है। अब लागत निकालना भी मुश्किल हो सकता है।
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फसल गिरने से कटाई करना होगा मुश्किल
खेतों में गिरी धान की फसल की कटाई करना किसानों के लिए चुनौती बन गई है। यदि मौसम खराब बना रहा तो फसल की गुणवत्ता और पैदावार पर भी असर पड़ सकता है। महीनों की मेहनत और पूंजी दांव पर लगने से किसान चिंतित हैं।
इंदिरा गांधी उड़ान अकादमी, फुरसतगंज के अनुसार बृहस्पतिवार को अधिकतम तापमान 28.9 डिग्री और न्यूनतम 20.7 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। मौसम विशेषज्ञ दीतेंद्र सिंह ने बताया कि शुक्रवार को भी तेज हवा के साथ हल्की बारिश होने की आशंका है। इससे किसानों की चिंता बढ़ गई है।
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मौसम विभाग के अलर्ट को देखते हुए प्रशासन ने पहले ही बचाव संबंधी निर्देश जारी किए थे। बृहस्पतिवार सुबह करीब पांच बजे जिले के कई हिस्सों में आधे घंटे तक बूंदाबांदी हुई। इस दौरान करीब 10 किलोमीटर प्रति घंटा की रफ्तार से हवा चली। महराजगंज क्षेत्र में हवा की तेजी के साथ बारिश ने खेतों में खड़ी धान की फसल को गिरा दिया।
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किसान रामसागर चौधरी, उमाकांत पांडेय, श्रवण चौधरी, ओम प्रकाश मिश्रा, शिवमोहन तिवारी और केशवानंद त्रिपाठी ने बताया कि धान पककर तैयार होने की स्थिति में है। जल्द ही कटाई शुरू करने की तैयारी थी, लेकिन बारिश और तेज हवा ने उनकी मेहनत पर पानी फेरने का खतरा पैदा कर दिया है। फसल तैयार करने में खाद, बीज, सिंचाई और मजदूरी पर काफी खर्च हुआ है। अब लागत निकालना भी मुश्किल हो सकता है।
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फसल गिरने से कटाई करना होगा मुश्किल
खेतों में गिरी धान की फसल की कटाई करना किसानों के लिए चुनौती बन गई है। यदि मौसम खराब बना रहा तो फसल की गुणवत्ता और पैदावार पर भी असर पड़ सकता है। महीनों की मेहनत और पूंजी दांव पर लगने से किसान चिंतित हैं।
इंदिरा गांधी उड़ान अकादमी, फुरसतगंज के अनुसार बृहस्पतिवार को अधिकतम तापमान 28.9 डिग्री और न्यूनतम 20.7 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। मौसम विशेषज्ञ दीतेंद्र सिंह ने बताया कि शुक्रवार को भी तेज हवा के साथ हल्की बारिश होने की आशंका है। इससे किसानों की चिंता बढ़ गई है।

खराब मौसम के बीच बृहस्पतिवार को आसमान पर छाये बादल।