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नवरात्र को लेकर भक्तों में छाया उल्लास
रायबरेली/ अमर उजाला ब्यूराे
Updated Fri, 30 Sep 2016 11:39 PM IST
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शुक्रवार को शारदीय नवरात्र पर कैपरगंज में पूजन सामग्री खरीदतीं महिलाएं।
- फोटो : अमर उजाला
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शारदीय नवरात्र को लेकर श्रद्धालुओं में जबरदस्त उत्साह रहा। बाजारों में सुबह से ही महिलाओं और युवतियों की भीड़ जमा रही। माता की चुनरी से लेकर हार समेत पूजन सामग्रियाें की खरीददारी की। हर तरफ साफ-सुथरा कर माता के स्वागत के लिए लोग तैयारियों में लगे रहे।
बाजार में माता के वस्त्रों, श्रृंगार, पूजन, हवन आदि की दुकानें सज हुई हैं। शनिवार को घर और मंदिरों में कलश स्थापना की जाएगी। नवरात्र का पहला दिन शनिवार को पड़ रहा है। एक दिन पहले ही मइया को प्रसन्न करने के लिए भक्त घरों को साफ-सुथरा करने में लगे हुए हैं।
मंदिरों को भी रंगरोगन कर तैयार कर दिया गया है। सब्जी मंडी, कैपरगंज, घंटाघर, डिग्री कॉलेज चौराहा, स्टेशन रोड आदि स्थानाें पर दुकानें सजी रही। सबसे अधिक भीड़ मां की चुनरी, माला, वस्त्र, आभूषण, श्रृंगार सामग्री की दुकानों पर रही।
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लोगों ने नवरात्र में उपयोग की जाने वाली हवन सामग्री, कपूर, सुगंधित अगरबत्तियों, दीपकों की भी जमकर खरीददारी की।शहर के मां मंसा देवी मंदिर, मढ़ी देवी मंदिर, चंपा देवी मंदिर, मां दुर्गा मंदिर, संकठा देवी मंदिर, अहोरवा भवानी मंदिर, शंकरपुर मां दुर्गा मंदिर, मनकामेश्वर धाम आदि मंदिरों में नवरात्र की तैयारी पूरी कर ली गई है।
ठाकुरद्वारा मंदिर के पुजारी उमेश दुबे और पं. राम प्रकाश मिश्र का कहना है कि शारदीय नवरात्रि का पहला दिन इस बार एक अक्टूबर को पड़ रहा है। इस दिन कलश स्थापना का शुभ मुहूर्त सुबह 06:17 बजे से प्रारंभ होगा। प्रतिपदा तिथि 05:41 बजे शुरू होगी। यह समाप्त दो अक्तूबर को 07:45 बजे होगी।
शारदीय नवरात्रि के लिए मिट्टी का पात्र और जौ, शुद्ध, साफ मिट्टी, शुद्ध जल से भरा हुआ सोना, चांदी, तांबा, पीतल या मिट्टी का कलश, मोली, कलावा, साबुत सुपारी, कलश में रखने के लिए सिक्के, फूल और माला के साथ अशोक या आम के 5 पत्ते, कलश को ढकने के लिए मिट्टी का ढक्कन, साबुत चावल, एक पानी वाला नारियल, लाल कपड़ा या चुनरी की आवश्यकता होती है।
नवरात्र में महंगाई ने हर किसी को परेशान कर रखा है। सब्जी मंडी के दुकानदार मंटू ने बताया कि हमारे यहां 20 से लेकर 100 रुपये तक की माला, 15 से लेकर 300 रुपये तक चुनरी मौजूद हैं। फुटकर फूल विक्रेता बबलू, मुकेश ने बताया कि फूलों में सबसे ज्यादा गुलाब, गुलहड़ और गेंदा की डिमांड है।
वहीं, लालगंज में शनिवार से शुरू हो रहे शारदीय नवरात्र की तैयारियां भक्तों ने पूरी कर ली हैं। घरों में मां को सजाने के लिए और कलश स्थापना के लिए भक्तों ने खरीदारी की। कस्बे सहित क्षेत्र में तमाम जगहों पर मां की मूर्तियां स्थापित की जाएंगी।
शनिवार से नवरात्र शुरू होने हैं। वैदिक मंत्रोच्चार के साथ भक्त कलश की स्थापना करेंगे और मां की पूजा-अर्चना करेंगे। भक्त पूरी श्रद्धा के साथ देवी मां को प्रसन्न करने के लिए व्रत रखेंगे। कस्बे सहित क्षेत्र में मूर्ति स्थापना के लिए भक्त ट्रैक्टर-ट्राली में गाजे-बाजे के साथ मृर्तियां ले गए।
भक्तों रास्तें मां के जयकारे लगाते हुए जा रहे थे। भक्त सुबह पूरे विधि-विधान से मां की प्राण प्रतिष्ठा करेंगे। कस्बे में राणा बेनीमाधव मार्ग, पूरे देवी, बाईपास, साकेत नगर, ब्रजेंद्र नगर, घोसियाना मोहल्ला, डलमऊ रोड, डिहवा मजरे दतौली सहित कई स्थानों पर मां की मृर्तियों को स्थापित किया जाएगा।
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बाजार में माता के वस्त्रों, श्रृंगार, पूजन, हवन आदि की दुकानें सज हुई हैं। शनिवार को घर और मंदिरों में कलश स्थापना की जाएगी। नवरात्र का पहला दिन शनिवार को पड़ रहा है। एक दिन पहले ही मइया को प्रसन्न करने के लिए भक्त घरों को साफ-सुथरा करने में लगे हुए हैं।
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मंदिरों को भी रंगरोगन कर तैयार कर दिया गया है। सब्जी मंडी, कैपरगंज, घंटाघर, डिग्री कॉलेज चौराहा, स्टेशन रोड आदि स्थानाें पर दुकानें सजी रही। सबसे अधिक भीड़ मां की चुनरी, माला, वस्त्र, आभूषण, श्रृंगार सामग्री की दुकानों पर रही।
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लोगों ने नवरात्र में उपयोग की जाने वाली हवन सामग्री, कपूर, सुगंधित अगरबत्तियों, दीपकों की भी जमकर खरीददारी की।शहर के मां मंसा देवी मंदिर, मढ़ी देवी मंदिर, चंपा देवी मंदिर, मां दुर्गा मंदिर, संकठा देवी मंदिर, अहोरवा भवानी मंदिर, शंकरपुर मां दुर्गा मंदिर, मनकामेश्वर धाम आदि मंदिरों में नवरात्र की तैयारी पूरी कर ली गई है।
ठाकुरद्वारा मंदिर के पुजारी उमेश दुबे और पं. राम प्रकाश मिश्र का कहना है कि शारदीय नवरात्रि का पहला दिन इस बार एक अक्टूबर को पड़ रहा है। इस दिन कलश स्थापना का शुभ मुहूर्त सुबह 06:17 बजे से प्रारंभ होगा। प्रतिपदा तिथि 05:41 बजे शुरू होगी। यह समाप्त दो अक्तूबर को 07:45 बजे होगी।
शारदीय नवरात्रि के लिए मिट्टी का पात्र और जौ, शुद्ध, साफ मिट्टी, शुद्ध जल से भरा हुआ सोना, चांदी, तांबा, पीतल या मिट्टी का कलश, मोली, कलावा, साबुत सुपारी, कलश में रखने के लिए सिक्के, फूल और माला के साथ अशोक या आम के 5 पत्ते, कलश को ढकने के लिए मिट्टी का ढक्कन, साबुत चावल, एक पानी वाला नारियल, लाल कपड़ा या चुनरी की आवश्यकता होती है।
नवरात्र में महंगाई ने हर किसी को परेशान कर रखा है। सब्जी मंडी के दुकानदार मंटू ने बताया कि हमारे यहां 20 से लेकर 100 रुपये तक की माला, 15 से लेकर 300 रुपये तक चुनरी मौजूद हैं। फुटकर फूल विक्रेता बबलू, मुकेश ने बताया कि फूलों में सबसे ज्यादा गुलाब, गुलहड़ और गेंदा की डिमांड है।
वहीं, लालगंज में शनिवार से शुरू हो रहे शारदीय नवरात्र की तैयारियां भक्तों ने पूरी कर ली हैं। घरों में मां को सजाने के लिए और कलश स्थापना के लिए भक्तों ने खरीदारी की। कस्बे सहित क्षेत्र में तमाम जगहों पर मां की मूर्तियां स्थापित की जाएंगी।
शनिवार से नवरात्र शुरू होने हैं। वैदिक मंत्रोच्चार के साथ भक्त कलश की स्थापना करेंगे और मां की पूजा-अर्चना करेंगे। भक्त पूरी श्रद्धा के साथ देवी मां को प्रसन्न करने के लिए व्रत रखेंगे। कस्बे सहित क्षेत्र में मूर्ति स्थापना के लिए भक्त ट्रैक्टर-ट्राली में गाजे-बाजे के साथ मृर्तियां ले गए।
भक्तों रास्तें मां के जयकारे लगाते हुए जा रहे थे। भक्त सुबह पूरे विधि-विधान से मां की प्राण प्रतिष्ठा करेंगे। कस्बे में राणा बेनीमाधव मार्ग, पूरे देवी, बाईपास, साकेत नगर, ब्रजेंद्र नगर, घोसियाना मोहल्ला, डलमऊ रोड, डिहवा मजरे दतौली सहित कई स्थानों पर मां की मृर्तियों को स्थापित किया जाएगा।