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दिशा के अध्यक्ष पद से हटाई गईं सोनिया गांधी, मंत्री स्मृति ईरानी बनीं चेयरपर्सन

Wed, 14 Jul 2021 11:15 PM IST
Lucknow Bureau लखनऊ ब्यूरो
Updated Wed, 14 Jul 2021 11:15 PM IST
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MP
रायबरेली। 16 सालों से जिला विकास एवं समन्वय अनुश्रवण समिति (दिशा) के अध्यक्ष पद पर काबिज सांसद सोनिया गांधी को हटा दिया गया है। वह पिछले डेढ़ दशक से दिशा के जरिये जिले में केंद्रीय योजनाओं को बेहतर ढंग से लागू करने के लिए प्रयासरत थीं।
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उनकी जगह अब अमेठी जिले की सांसद व केंद्रीय मंत्री स्मृति ईरानी को दिशा का अध्यक्ष बनाया गया है। जबकि जिले की सांसद सोनिया गांधी को को-चेयरपर्सन बनाया गया है।
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वर्ष 2019 में केंद्र में भाजपा की नई सरकार के गठन के बाद ग्राम्य विकास मंत्रालय को जिला विकास एवं समन्वय अनुश्रवण समिति (दिशा) का अध्यक्ष व उपाध्यक्ष तय करने में दो साल लग गए।
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लोकसभा का चुनाव होने के बाद निर्वाचित सांसदों की अध्यक्षता में दिशा समिति का गठन होता है। यह समिति हर तीन-तीन माह में केंद्रीय योजनाओं की प्रगति की समीक्षा करती है।
ग्रामीण विकास मंत्रालय की ओर से अध्यक्ष और सहअध्यक्ष का मनोनयन किए जाने के बाद डीएम के स्तर से दिशा का गठन किया जाता है। दिशा में सभी विधायकों, ब्लॉक प्रमुखों व अन्य संसद सदस्यों को शामिल किया जाता है।
खास बात यह कि वर्ष 2019 में देश में नई सरकार के गठन के बाद लगभग सभी संसदीय क्षेत्रों (जिलों) में दिशा का गठन कर दिया गया, लेकिन ग्रामीण विकास मंत्रालय रायबरेली संसदीय क्षेत्र के लिए दिशा के अध्यक्ष व सह अध्यक्ष का मनोनयन नहीं कर सका था।
अक्तूबर 2019 को तत्कालीन डीएम नेहा शर्मा ने ग्राम्य विकास आयुक्त को पत्र भेजकर दिशा के लिए अध्यक्ष व सह अध्यक्ष की घोषणा किए जाने का अनुरोध किया था।
इस संबंध में लंबा पत्राचार होने के बाद ग्रामीण विकास मंत्रालय ने दिशा के अध्यक्ष और उपाध्यक्ष की घोषणा कर दी है। लगातार दिशा की चेयरपर्सन रहीं सांसद सोनिया गांधी को अब उपाध्यक्ष बना दिया गया है।
वहीं अमेठी से सांसद और केंद्रीय मंत्री स्मृति ईरानी को दिशा का नया चेयरपर्सन बनाया गया है। वे अमेठी जिले की जिला विकास एवं समन्वय अनुश्रवण समिति चेयरपर्सन पहले से ही हैं।
38 माह में एक बार भी नहीं हुई दिशा की बैठक
जिले में जिला विकास एवं समन्वय अनुश्रवण समिति की बैठक को 38 माह बीत गए हैं। यूं तो यह बैठक सांसद की अध्यक्षता में हर तीन महीने में होनी चाहिए, लेकिन लंबा समय बीतने के बाद भी एक भी बैठक नहीं हुई।
पिछले पंचवर्षीय में 18 अप्रैल 2018 को दिशा की बैठक सांसद सोनिया गांधी की अध्यक्षता में हुई थी। इसके बाद दो नवंबर 2018 और 24 जनवरी 2019 को भी दिशा की बैठक सांसद का कार्यक्रम निरस्त होने के कारण नहीं हो सकी।
नई सरकार के गठन के बाद दिशा का गठन न होने की दशा में अब तक बैठक नहीं हुई। करीब 38 माह में दो बाद दिशा की बैठक निरस्त हो चुकी है। अब अध्यक्ष और उपाध्यक्ष के चयन के बाद दिशा की बैठक होने की उम्मीद बढ़ी है।
केंद्रीय मंत्री होने के नाते स्मृति ईरानी बनीं चेयरपर्सन: केएल शर्मा
सांसद सोनिया गांधी के प्रतिनिधि केएल शर्मा का कहना है कि अमेठी सांसद स्मृति ईरानी के क्षेत्र में रायबरेली की एक विधानसभा सीट आती है। चूंकि वे केंद्रीय मंत्री हैं, ऐसी स्थिति में नियम है कि जो सांसद बड़ा होगा उसी को दिशा का चेयरपर्सन बनाया जा सकता है। चूंकि स्मृति ईरानी केंद्रीय मंत्री हैं इसी कारण ग्रामीण विकास मंत्रालय ने उन्हें अमेठी के साथ ही रायबरेली का भी चेयरपर्सन बनाया है।

जिला विकास एवं समन्वय अनुश्रवण समिति (दिशा) का चेयरपर्सन ग्रामीण विकास मंत्रालय से तय हुआ है। अमेठी सांसद व केंद्रीय मंत्री स्मृति ईरानी दिशा की चेयरपर्सन और जिले की सांसद सोनिया गांधी को को-चेयरपर्सन बनाया गया है। जल्द ही जिले में दिशा का गठन होगा।
वैभव श्रीवास्तव, डीएम
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