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मानसी हत्याकांड : पिता बोले, बेटी का चचिया ससुर है मास्टरमाइंड, जल्द हो गिरफ्तारी
Sun, 25 May 2025 12:51 AM IST
लखनऊ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, रायबरेली
संवाद न्यूज एजेंसी, रायबरेली
Updated Sun, 25 May 2025 12:51 AM IST
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रायबरेली। शहर के चर्चित मानसी हत्याकांड में नामजद चार आरोपी अब तक पुलिस की पकड़ से दूर हैं। पिता रामकुमारी सोनी ने शनिवार को आरोप लगाया कि बेटी के चचिया ससुर घटना के मास्टरमाइंड हैं। उन्हीं के कहने पर बेटी की शादी रायबरेली में की थी। जल्द चचिया ससुर समेत चारों आरोपियों को तत्काल पकड़ा जाए।
मानसी के पिता पुलिस अधीक्षक से मुलाकात करने के लिए सुबह उनके कार्यालय पहुंचे थे। एसपी के न रहने पर कार्यालय में पत्र देकर बेटी के हत्यारोपियों पर सख्त कार्रवाई की मांग उठाई। रायबरेली पुलिस अधीक्षक आवास के पास सिविल लाइन इलाके में बुधवार रात मानसी (24) की हत्या कर दी गई थी।
बाराबंकी जिले के पूरे मितई नगर पंचायत हैदरगढ़ निवासी मृतक के पिता रामकुमार सोनी ने दहेज की खातिर बेटी की हत्या किए जाने का आरोप लगाया था। पिता की तहरीर पर सदर कोतवाली पुलिस ने बृहस्पतिवार को पति शिवम, सगे ससुर संजय, सास सुनीता, देवर आकाश, वरुण और चचिया ससुर चंद्रिका प्रसाद उर्फ भुंदल के खिलाफ दहेज हत्या का केस दर्ज किया था। पति शिवम, सगे ससुर संजय को पुलिस ने शुक्रवार को जेल भेज दिया था।
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अन्य चार आरोपी फरार हैं। पिता का आरोप है कि घटना के समय चचिया ससुर मौके पर थे। उन्होंने यूपी-112 पुलिस को घटना की सूचना दी थी। इसके बावजूद पुलिस को गुमराह करने की कोशिश कर रहे हैं कि वह मौके पर नहीं थे। सदर कोतवाली प्रभारी राजेश कुमार सिंह ने बताया कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट में विवाहिता की मौत की वजह हैंगिंग आई है। फरार आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए पुलिस टीमें लगाई गई हैं।
शादी में खर्च किए थे 45 लाख रुपये
मानसी के पिता के मुताबिक बेटी की शादी में उन्होंने कुल 45 लाख रुपये खर्च किए थे। चचिया ससुर ने ही बेटी की शादी कराई थी और कहा था कि बेटी खुश रहेगी। बावजूद शादी के बाद से ही उनकी बेटी का उत्पीड़न किया जाने लगा। पिता के मुताबिक शादी के बाद भी उन्होंने चचिया ससुर के कहने पर 10 लाख रुपये दिए थे। उन्हीं के पैसे से दामाद ने सराफा की दुकान खोलकर कारोबार को बढ़ाया था। इसके बाद भी 10 लाख रुपये की मांग कर रहे थे। पैसा नहीं दिया तो उनकी बेटी की हत्या कर दी।
गाड़ी के लिए कराया था फाइनेंस
पिता के मुताबिक बेटी की शादी में ससुराल पक्ष को चार पहिया वाहन दिया था। गाड़ी खरीदने के लिए फाइनेंस कराया था। बेटी को दी गई गाड़ी आज भी उनके भतीजे के नाम है। जल्द ही वह गाड़ी दामाद के नाम ट्रांसफर कराना चाहते थे, लेकिन इसके पहले ही उनकी बेटी की हत्या कर दी गई। अब तक वह इंसाफ चाहते हैं।
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मानसी के पिता पुलिस अधीक्षक से मुलाकात करने के लिए सुबह उनके कार्यालय पहुंचे थे। एसपी के न रहने पर कार्यालय में पत्र देकर बेटी के हत्यारोपियों पर सख्त कार्रवाई की मांग उठाई। रायबरेली पुलिस अधीक्षक आवास के पास सिविल लाइन इलाके में बुधवार रात मानसी (24) की हत्या कर दी गई थी।
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बाराबंकी जिले के पूरे मितई नगर पंचायत हैदरगढ़ निवासी मृतक के पिता रामकुमार सोनी ने दहेज की खातिर बेटी की हत्या किए जाने का आरोप लगाया था। पिता की तहरीर पर सदर कोतवाली पुलिस ने बृहस्पतिवार को पति शिवम, सगे ससुर संजय, सास सुनीता, देवर आकाश, वरुण और चचिया ससुर चंद्रिका प्रसाद उर्फ भुंदल के खिलाफ दहेज हत्या का केस दर्ज किया था। पति शिवम, सगे ससुर संजय को पुलिस ने शुक्रवार को जेल भेज दिया था।
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अन्य चार आरोपी फरार हैं। पिता का आरोप है कि घटना के समय चचिया ससुर मौके पर थे। उन्होंने यूपी-112 पुलिस को घटना की सूचना दी थी। इसके बावजूद पुलिस को गुमराह करने की कोशिश कर रहे हैं कि वह मौके पर नहीं थे। सदर कोतवाली प्रभारी राजेश कुमार सिंह ने बताया कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट में विवाहिता की मौत की वजह हैंगिंग आई है। फरार आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए पुलिस टीमें लगाई गई हैं।
शादी में खर्च किए थे 45 लाख रुपये
मानसी के पिता के मुताबिक बेटी की शादी में उन्होंने कुल 45 लाख रुपये खर्च किए थे। चचिया ससुर ने ही बेटी की शादी कराई थी और कहा था कि बेटी खुश रहेगी। बावजूद शादी के बाद से ही उनकी बेटी का उत्पीड़न किया जाने लगा। पिता के मुताबिक शादी के बाद भी उन्होंने चचिया ससुर के कहने पर 10 लाख रुपये दिए थे। उन्हीं के पैसे से दामाद ने सराफा की दुकान खोलकर कारोबार को बढ़ाया था। इसके बाद भी 10 लाख रुपये की मांग कर रहे थे। पैसा नहीं दिया तो उनकी बेटी की हत्या कर दी।
गाड़ी के लिए कराया था फाइनेंस
पिता के मुताबिक बेटी की शादी में ससुराल पक्ष को चार पहिया वाहन दिया था। गाड़ी खरीदने के लिए फाइनेंस कराया था। बेटी को दी गई गाड़ी आज भी उनके भतीजे के नाम है। जल्द ही वह गाड़ी दामाद के नाम ट्रांसफर कराना चाहते थे, लेकिन इसके पहले ही उनकी बेटी की हत्या कर दी गई। अब तक वह इंसाफ चाहते हैं।