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Raebareli News: सदर में लैंड बैंक तैयार, 382 बीघे भूमि शामिल
Sun, 25 May 2025 12:42 AM IST
लखनऊ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, रायबरेली
संवाद न्यूज एजेंसी, रायबरेली
Updated Sun, 25 May 2025 12:42 AM IST
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रायबरेली। सदर तहसील क्षेत्र में कब्जेदारों से छुड़ाई गई 382 बीघे भूमि का लैंड बैंक तैयार हो गया है। यह भूमि शहर समेत करीब 82 गांवों में उपलब्ध है। लैंड बैंक तैयार होने के बाद शहर व उसके आसपास नई परियोजनाओं और कॉलोनी बसाने के लिए अब जमीन की समस्या नहीं होगी।
जमीन को सरकारी अभिलेखों में दर्ज कराया गया है। डिमांड आते ही परियोजनाओं के लिए तहसील प्रशासन लैंड बैंक से भूमि उपलब्ध कराएगा। ऐसा होने के बाद सदर में नई परियोजनाओं को रफ्तार मिलने की उम्मीद है।
सदर तहसील क्षेत्र में पूर्व में सरकारी जमीनों को अपने नाम दर्ज कराने का खूब खेल हुआ। देवानंदपुर, डिडौली, भांव, अमावां आदि क्षेत्रों में ऐसे मामले पकड़ में आए। संयुक्त मजिस्ट्रेट प्रफुल्ल कुमार शर्मा ने सदर में एसडीएम का चार्ज लेने के बाद सरकारी जमीनों को कब्जामुक्त कराकर सरकारी अभिलेखों में दोबारा दर्ज कराने का काम शुरू कराया।
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तहसील प्रशासन ने 82 गांवों में 382 बीघे भूमि को कब्जेदारों से मुक्त कराई है। जमीन मिलने पर देरी होने के कारण नई परियोजनाओं को रफ्तार नहीं मिल पा रही है। परियोजनाओं की डिमांड होने पर जमीन उपलब्ध कराने के लिए लैंड बैंक तैयार कराया गया है। इसमें कब्जेदारों से मुक्त कराई गई जमीन को शामिल किया गया है।
शहर व उसके आसपास की काफी जमीन को लैंडबैंक में शामिल कराया गया है। शासन से आने वाली नई परियोजनाओं को आसानी से जमीन मिल सकेगी। अब परियोजनाओं को संजीवनी मिलने की उम्मीद बढ़ गई है।
नई कॉलोनी, ट्रांसपोर्ट नगर व बस स्टेशन को नहीं मिली भूमि
कई परियोजनाएं जमीन के अभाव में लंबित हैं। रायबरेली विकास प्राधिकरण शहर में नई कॉलोनी बसाने के प्रयास में है, लेकिन अब तक जमीन की व्यवस्था न होने के कारण मंशा पूरी नहीं हो पा रही है। लंबे समय से ट्रांसपोर्ट नगर बसाने का प्रयास हो रहा है। कई स्थानों पर जमीन लेने का प्रयास किया गया, लेकिन सफलता नहीं मिली। शहर में जाम की समस्या से निजात दिलाने के लिए शहर से बाहर बस स्टेशन स्थापित कराने के लिए भी जमीन नहीं मिली। हालांकि स्टेशन परिसर में ही अब पीपीपी मॉडल पर बस स्टेशन संचालित कराने की कवायद चल रही है।
सदर तहसील में 382 बीघे भूमि का लैंडबैंक तैयार किया गया है। यह भूमि 82 गांवों में उपलब्ध है। सर्किल रेट के हिसाब से भूमि की कीमत 136 करोड़ से अधिक है। शासन की मंशा पर जमीन की डिमांड आने के बाद नई परियोजनाओं के लिए भूमि की व्यवस्था लैंडबैंक से कराई जाएगी।
- प्रफुल्ल कुमार शर्मा, आईएएस/ एसडीएम सदर
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जमीन को सरकारी अभिलेखों में दर्ज कराया गया है। डिमांड आते ही परियोजनाओं के लिए तहसील प्रशासन लैंड बैंक से भूमि उपलब्ध कराएगा। ऐसा होने के बाद सदर में नई परियोजनाओं को रफ्तार मिलने की उम्मीद है।
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सदर तहसील क्षेत्र में पूर्व में सरकारी जमीनों को अपने नाम दर्ज कराने का खूब खेल हुआ। देवानंदपुर, डिडौली, भांव, अमावां आदि क्षेत्रों में ऐसे मामले पकड़ में आए। संयुक्त मजिस्ट्रेट प्रफुल्ल कुमार शर्मा ने सदर में एसडीएम का चार्ज लेने के बाद सरकारी जमीनों को कब्जामुक्त कराकर सरकारी अभिलेखों में दोबारा दर्ज कराने का काम शुरू कराया।
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तहसील प्रशासन ने 82 गांवों में 382 बीघे भूमि को कब्जेदारों से मुक्त कराई है। जमीन मिलने पर देरी होने के कारण नई परियोजनाओं को रफ्तार नहीं मिल पा रही है। परियोजनाओं की डिमांड होने पर जमीन उपलब्ध कराने के लिए लैंड बैंक तैयार कराया गया है। इसमें कब्जेदारों से मुक्त कराई गई जमीन को शामिल किया गया है।
शहर व उसके आसपास की काफी जमीन को लैंडबैंक में शामिल कराया गया है। शासन से आने वाली नई परियोजनाओं को आसानी से जमीन मिल सकेगी। अब परियोजनाओं को संजीवनी मिलने की उम्मीद बढ़ गई है।
नई कॉलोनी, ट्रांसपोर्ट नगर व बस स्टेशन को नहीं मिली भूमि
कई परियोजनाएं जमीन के अभाव में लंबित हैं। रायबरेली विकास प्राधिकरण शहर में नई कॉलोनी बसाने के प्रयास में है, लेकिन अब तक जमीन की व्यवस्था न होने के कारण मंशा पूरी नहीं हो पा रही है। लंबे समय से ट्रांसपोर्ट नगर बसाने का प्रयास हो रहा है। कई स्थानों पर जमीन लेने का प्रयास किया गया, लेकिन सफलता नहीं मिली। शहर में जाम की समस्या से निजात दिलाने के लिए शहर से बाहर बस स्टेशन स्थापित कराने के लिए भी जमीन नहीं मिली। हालांकि स्टेशन परिसर में ही अब पीपीपी मॉडल पर बस स्टेशन संचालित कराने की कवायद चल रही है।
सदर तहसील में 382 बीघे भूमि का लैंडबैंक तैयार किया गया है। यह भूमि 82 गांवों में उपलब्ध है। सर्किल रेट के हिसाब से भूमि की कीमत 136 करोड़ से अधिक है। शासन की मंशा पर जमीन की डिमांड आने के बाद नई परियोजनाओं के लिए भूमि की व्यवस्था लैंडबैंक से कराई जाएगी।
- प्रफुल्ल कुमार शर्मा, आईएएस/ एसडीएम सदर