फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Lucknow News ›   jal jivan mission scheme is running very slow in raebareli Uttar Pradesh.

जल जीवन मिशन: 2024 में पूरा होना है काम, 676 की तुलना में सिर्फ 70 गांवों में ही हो रहा काम

Thu, 13 Oct 2022 04:00 PM IST
लखनऊ ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, रायबरेली
संवाद न्यूज एजेंसी, रायबरेली Published by: लखनऊ ब्यूरो Updated Thu, 13 Oct 2022 04:00 PM IST
सार

जल जीवन मिशन योजना का काम रायबरेली के गांवों में बड़ी सुस्त रफ्तार से चल रहा है। जिले में 676 गांवों की तुलना में सिर्फ 70 गांवों में ही काम चल रहा है। योजना को 2024 में पूरा होना था।

विज्ञापन
jal jivan mission scheme is running very slow in raebareli Uttar Pradesh.
सरेनी के निसगर में जल जीवन मिशन योजना के तहत कराया जा रहा निर्माण। - फोटो : amar ujala

विस्तार

जिम्मेदारों की उदासीनता से जिले में जल जीवन मिशन योजना बेहद सुस्त रफ्तार से चल रही है। इसके कारण योजना के पहले चरण में आने वाले 676 राजस्व गांवों की 29 लाख की आबादी को भी अभी तक पीने के लिए शुद्ध पेयजल नहीं मिल पाया है। मार्च 2020 में शुरू हुई योजना के दो साल बाद भी पहले चरण के ही मात्र 70 गांवों में ही जल जीवन मिशन से जुड़ा कार्य हो पाया है जो तय लक्ष्य का मात्र 20 फीसदी है। ऐसे में अब योजना के लिए निर्धारित मार्च 2024 तक की समयावधि में पहले चरण के बचे हुए 80 फीसदी कार्य के साथ ही दूसरे व तीसरे चरण में चयनित राजस्व गांवों में जल जीवन मिशन योजना का फायदा दिलाना बड़ी चुनौती बना है। इसका सीधा खामियाजा प्रभावित इलाकों में रहने वालों को दूषित और फ्लोराइडयुक्त पानी पी कर भुगतना पड़ रहा है।

विज्ञापन


जिले में 988 ग्राम पंचायतें और 1532 राजस्व गांव हैं। इनमें तीन चरणों में शुद्ध पेयजल उपलब्ध कराने के लिए जल जीवन मिशन योजना को क्रियान्वित किया जाना था। इसके पहले चरण में 676 राजस्व गांवों में काम शुरू होना था लेकिन अभियंताओं व कार्यदायी एजेंसी की सुस्ती के कारण दो साल से भी अधिक समय में महज 70 गांवों में ही योजना के तहत पानी की टंकी के निर्माण, पाइप लाइन बिछाने व पंप हाउस समेत अन्य कार्य का संचालन हो रहा है।
विज्ञापन


इसके माध्यम से अभी तक सिर्फ 18147 घरों को ही पाइप लाइन से जोड़ा जा सका है। योजना के दूसरे चरण में 343 और तीसरे चरण में 513 राजस्व गांवों का शामिल किया जाना था। योजना से जुड़े कार्यों की सुस्त रफ्तारी से मौजूदा समय में पहले चरण से जुड़े कार्य ही सिर्फ 20 फीसदी कार्य ही हो पाया है। ऐसे में योजना के पहले चरण के बाकी बचे 80 फीसदी और दूसरे व तीसरे चरण से जुड़े गांवों में योजना से जुड़ा कार्य कब तक पूरा होगा, इसे लेकर जिम्मेदार चुप्पी साधे हैं।
विज्ञापन
विज्ञापन


मजबूरी में पीना पड़ रहा दूषित पानी
जल जीवन मिशन योजना का मुख्य उद्देश्य लोगों को शुद्ध पानी उपलब्ध कराना है। जल निगम के अफसरों का दावा है कि मौजूदा समय में लोग अधिकतम 140 या 160 फिट नीचे का पानी सेवन कर रहे हैं, जो दूषित है। जल जीवन मिशन योजना के तहत 600 से 800 फिट नीचे के जलस्तर के पानी की आपूर्ति होगी। सरेनी, लालगंज, खीरों, सतांव में दूषित पेयजल की समस्या सबसे ज्यादा है। यहां हैंडपंप से निकलने वाला पानी इतना प्रदूषित हो गया है कि हैंडपंप तक गल जा रहे हैं। इससे मजबूरी में क्षेत्रीय लोगों को महंगे दाम पर पीने का पानी खरीदना पड़ रहा है। योजना में बरती जा रही सुस्ती इस परेशानी को और बढ़ा रही है।

उप मुख्यमंत्री ने भी पकड़ी मनमानी
जल जीवन मिशन योजना के तहत कराए जा रहे कार्य में जमकर मनमानी हो रही है। उप मुख्यमंत्री बृजेश पाठक ने बीते दिन जिले के दौरे पर हरचंदपुर ब्लॉक क्षेत्र के पंप हाउस के निर्माण में मनमानी पकड़ी थी। अफसरों को जमकर फटकार लगाने के साथ गुणवत्ता पूर्ण कार्य कराने के निर्देश दिए थे।


कार्य में तेजी लाने का निर्देश
कार्यदायी एजेंसी को जल जीवन मिशन योजना के तहत कराए जा रहे कार्य में तेजी लाने का निर्देश दिया गया है। बीते दिनों हुई बारिश के कारण फिलहाल काम की रफ्तार धीमी है। जल्द ही श्रमिकों की संख्या बढ़ाकर कार्य में तेजी लाई जाएगी।
-शफीकुर्रहमान, अधिशासी अभियंता , जल निगम ग्रामीण

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed