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इलाज कराने के लिए फाइनेंस से मांगा अपना पैसा, चेक दिया वह भी हो गया बाउंस, इलाज के अभाव में दम तोड़ा
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रायबरेली। मिल एरिया क्षेत्र के मलिकमऊ आइमा में रहने वाले एक व्यक्ति की इलाज के अभाव में मौत हो गई। उसने अपनी सारी कमाई एक निजी फाइनेंस कंपनी में जमा की थी, लेकिन इलाज के लिए मौके पर रुपये ही नहीं मिले।
कंपनी ने दो लाख रुपये का एक चेक दिया, लेकिन जिस खाते का दिया, उसमें रुपये ही नहीं थे। पिता की मौत के बाद बेटे ने फाइनेंस कंपनी के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराने की मांग की है।
जिले के मिल एरिया थाना क्षेत्र के बिरला कॉलोनी मलिकमऊ आइमा निवासी राजकिशोर प्रजापति ने अपनी लाखों रुपये की जमा पूंजी एक म्यूचुअल बेनिफिट लिमिटेड में लगा दी थी। इधर, कई दिनों से वह बीमार चल रहा था।
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पर्याप्त रुपये न होने के कारण उसका इलाज नहीं हो पा रहा था। इलाज के लिए उसने कंपनी से रुपये मांगे तो कंपनी ने उसे दो लाख रुपये का चेक थमा दिया। लेकिन खाते में रुपये न होने के कारण उसे रुपये नहीं मिल सके। इलाज के अभाव में मौत के बाद बेटे ने किसी तरह पिता का अंतिम संस्कार कराया।
इकलौते बेटे किशन कुमार प्रजापति का कहना है कि पिता ने अपनी पूरी कमाई निजी फाइनेंस कंपनी में लगा दी, हमारा भविष्य उज्ज्वल हो सके। जब पिता की तबियत खराब हुई तो हम लोगों ने कंपनी में दबाव बनाया तो दो लाख का चेक दिया। वह भी बेकार था। उस खाते में रुपये ही नहीं थे, जिससे इलाज नहीं हो सका और आज मेरे पिता की मौत हो गई। पीड़ित ने जिला प्रशासन से मामले में कार्रवाई की मांग की है।
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कंपनी ने दो लाख रुपये का एक चेक दिया, लेकिन जिस खाते का दिया, उसमें रुपये ही नहीं थे। पिता की मौत के बाद बेटे ने फाइनेंस कंपनी के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराने की मांग की है।
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जिले के मिल एरिया थाना क्षेत्र के बिरला कॉलोनी मलिकमऊ आइमा निवासी राजकिशोर प्रजापति ने अपनी लाखों रुपये की जमा पूंजी एक म्यूचुअल बेनिफिट लिमिटेड में लगा दी थी। इधर, कई दिनों से वह बीमार चल रहा था।
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पर्याप्त रुपये न होने के कारण उसका इलाज नहीं हो पा रहा था। इलाज के लिए उसने कंपनी से रुपये मांगे तो कंपनी ने उसे दो लाख रुपये का चेक थमा दिया। लेकिन खाते में रुपये न होने के कारण उसे रुपये नहीं मिल सके। इलाज के अभाव में मौत के बाद बेटे ने किसी तरह पिता का अंतिम संस्कार कराया।
इकलौते बेटे किशन कुमार प्रजापति का कहना है कि पिता ने अपनी पूरी कमाई निजी फाइनेंस कंपनी में लगा दी, हमारा भविष्य उज्ज्वल हो सके। जब पिता की तबियत खराब हुई तो हम लोगों ने कंपनी में दबाव बनाया तो दो लाख का चेक दिया। वह भी बेकार था। उस खाते में रुपये ही नहीं थे, जिससे इलाज नहीं हो सका और आज मेरे पिता की मौत हो गई। पीड़ित ने जिला प्रशासन से मामले में कार्रवाई की मांग की है।