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3.50 लाख किसानों को तोहफा, अब सीएससी पर पंजीयन करा पाएं खाद-बीज
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रायबरेली। सीजन पर खाद की समस्या से बेहाल होने वाले जिले के करीब 3.50 लाख किसानों के लिए खास खबर है। अब कॉमन सर्विस सेंटर (सीएससी) स्तर पर पंजीयन कराकर खाद और बीज आसानी से पा सकेंगे।
जिले में संचालित करीब 400 सीएससी पर यह सुविधा जल्द ही आरंभ होगी। कृषि अधिकारी ने खाद और बीज के लिए लाइसेंस जारी कर दिया है। सीएससी पर पंजीयन के बाद पर्ची लेकर दरियापुर में खुलने वाले गोदाम पर पहुंचकर आसानी से खाद व बीज प्राप्त कर सकेंगे।
इस सप्ताह स पंजीयन की प्रक्रिया शुरू होने की उम्मीद है। गेहूं की बोवाई के सीजन में हर साल खाद की किल्लत का सामना किसानों को करना पड़ता है। ऐसी स्थिति में किसानों को महंगे रेट पर खाद खरीदनी पड़ती है।
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सरकार ने अब गांव स्तर पर खोले गए कॉमन सर्विस सेंटरों के माध्यम से यह सुविधा उपलब्ध कराने का निर्णय लिया है। इसके लिए मुंशीगंज के दरियापुर के इफ्को खाद और बीज का गोदाम बनाया गया है।
सीएससी पर पंजीयन कराने के साथ ही खाद व बीज की कीमत की भी देनी होगी। सीएससी से मिलने वाली रसीद को लेकर किसान दरियापुर स्थित गोदाम में पहुंचकर खाद व बीज प्राप्त सकेंगे।
ऐसे में किसानों को अधिक रुपये भी खर्च नहीं करने पड़ेेंगे। और खाद की कालाबाजारी से भी बचा जा सकेगा। जिला कृषि अधिकारी की ओर से खाद व बीज का लाइसेंस जारी होने के बाद सीएससी फाउंडेशन ने भारत सरकार को लाइसेंस भेज दिया है।
जल्द ही ई-गर्वर्नेंस से जुड़े सीएससी के पोर्टल पर पंजीयन की सुविधा दी जाएगी, जिसके बाद किसानों को योजना का लाभ मिलना शुरू हो जाएगा। यह काम इसी सप्ताह में पूरा होने की उम्मीद है।
ई-गवर्नेंस से संचालित जन सेवा फाउंडेशन के जिला प्रबंधक अभय शंकर दुबे, बृजेश सिंह नीरज मौर्या ने बताया कि लाइसेंस मिलने के बाद उसे भारत सरकार को भेजा दिया गया है।
जल्द ही सीएससी के पोर्टल पर पंजीयन ऐप भारत सरकार से आ जाएगा। किसान यूरिया, डीएपी, एनपीके, बायो फर्टिलाइजर और बीज की सुविधा पा सकेंगे। खाद बीज के लिए किसानों को परेशानी का सामना नहीं करना पड़ेगा।
जिला कृषि अधिकारी रविचंद्र प्रकाश ने बताया कि जनसेवा फाउंडेशन के नाम दरियापुर में स्थापित गोदाम पर खाद व बीज के लिए लाइसेंस जारी कर दिया गया है।
ई-गवर्नेंस के माध्यम से संचालित कॉमन सर्विस सेंटरों पर पंजीयन कराने के बाद गोदाम से किसानों को खाद देने की व्यवस्था है। हालांकि सीएससी के स्तर से शुरू होने वाली इस व्यवस्था से किसानों की समस्याएं कम होंगी।
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जिले में संचालित करीब 400 सीएससी पर यह सुविधा जल्द ही आरंभ होगी। कृषि अधिकारी ने खाद और बीज के लिए लाइसेंस जारी कर दिया है। सीएससी पर पंजीयन के बाद पर्ची लेकर दरियापुर में खुलने वाले गोदाम पर पहुंचकर आसानी से खाद व बीज प्राप्त कर सकेंगे।
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इस सप्ताह स पंजीयन की प्रक्रिया शुरू होने की उम्मीद है। गेहूं की बोवाई के सीजन में हर साल खाद की किल्लत का सामना किसानों को करना पड़ता है। ऐसी स्थिति में किसानों को महंगे रेट पर खाद खरीदनी पड़ती है।
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सरकार ने अब गांव स्तर पर खोले गए कॉमन सर्विस सेंटरों के माध्यम से यह सुविधा उपलब्ध कराने का निर्णय लिया है। इसके लिए मुंशीगंज के दरियापुर के इफ्को खाद और बीज का गोदाम बनाया गया है।
सीएससी पर पंजीयन कराने के साथ ही खाद व बीज की कीमत की भी देनी होगी। सीएससी से मिलने वाली रसीद को लेकर किसान दरियापुर स्थित गोदाम में पहुंचकर खाद व बीज प्राप्त सकेंगे।
ऐसे में किसानों को अधिक रुपये भी खर्च नहीं करने पड़ेेंगे। और खाद की कालाबाजारी से भी बचा जा सकेगा। जिला कृषि अधिकारी की ओर से खाद व बीज का लाइसेंस जारी होने के बाद सीएससी फाउंडेशन ने भारत सरकार को लाइसेंस भेज दिया है।
जल्द ही ई-गर्वर्नेंस से जुड़े सीएससी के पोर्टल पर पंजीयन की सुविधा दी जाएगी, जिसके बाद किसानों को योजना का लाभ मिलना शुरू हो जाएगा। यह काम इसी सप्ताह में पूरा होने की उम्मीद है।
ई-गवर्नेंस से संचालित जन सेवा फाउंडेशन के जिला प्रबंधक अभय शंकर दुबे, बृजेश सिंह नीरज मौर्या ने बताया कि लाइसेंस मिलने के बाद उसे भारत सरकार को भेजा दिया गया है।
जल्द ही सीएससी के पोर्टल पर पंजीयन ऐप भारत सरकार से आ जाएगा। किसान यूरिया, डीएपी, एनपीके, बायो फर्टिलाइजर और बीज की सुविधा पा सकेंगे। खाद बीज के लिए किसानों को परेशानी का सामना नहीं करना पड़ेगा।
जिला कृषि अधिकारी रविचंद्र प्रकाश ने बताया कि जनसेवा फाउंडेशन के नाम दरियापुर में स्थापित गोदाम पर खाद व बीज के लिए लाइसेंस जारी कर दिया गया है।
ई-गवर्नेंस के माध्यम से संचालित कॉमन सर्विस सेंटरों पर पंजीयन कराने के बाद गोदाम से किसानों को खाद देने की व्यवस्था है। हालांकि सीएससी के स्तर से शुरू होने वाली इस व्यवस्था से किसानों की समस्याएं कम होंगी।