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अभिलेखागार में रात में होती हेराफेरी, बाहर भेजे जाते जरूरी दस्तावेज
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रायबरेली। अब तक उजागर हो चुके कई कारनामों से स्प्ष्ट हो गया है कि कलेक्ट्रेट स्थित अभिलेखागार में रखे महत्वपूर्ण अभिलेखों में हेराफेरी करना आसान है।
यहां तैनात स्टाफ को खुश करके किसी भी दस्तावेज में कुछ भी कराया जा सकता है। सलोन तहसील क्षेत्र के तीन गांवों की जमीन के अभिलेखों में हेराफरी और फर्जीवाड़ा पकड़ में आने के बाद एडीएम (वित्त एवं राजस्व) प्रेम प्रकाश उपाध्याय की जांच में खुलासा हुआ कि अभिलेखागार रात आठ बजे तक खुला रहता है। जरूरी दस्तावेज बाहर भी भेजने की शिकायतें मिल रही हैं। जरूरी दस्तावेजों को असुरक्षित रखा जा रहा है।
अभिलेखागार में पहले सदर तहसील के उफरामऊ गांव में वर्ष 2021 में दो करोड़ की करीब चार बीघा बंजर जमीन को सरजूदेई के नाम दर्ज कराने के मामले में तत्कालीन अभिलेखपाल राजस्व व संप्रति प्रशासनिक अधिकारी मंजूलता दीक्षित, अभिलेखागार राजस्व महादेव, तहसील कर्मी अभिलेखागार जमुना प्रसाद के अलावा उफरामऊ निवासी विद्याकांत, रमाकांत, श्रीकांत, गीता, विष्णुकांत, शिवाकांत, सोनल आदि पर मुकदमा दर्ज कराने के बाद कार्रवाई की प्रक्रिया चल रही है। इससे पहले भी कई कारनामें उजागर हो चुके हैं।
अब सलोन तहसील क्षेत्र के जौदहा, नुरुद्दीनपुर और प्यारेपुर की जमीन को हथियाने के लिए अभिलेखागार के दस्तावेजों में छेड़छाड़ करने के साथ ही पन्ने गायब कर दिए गए। फर्जीवाड़ा उजागर होने के बाद दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की प्रक्रिया शुरू करा दी गई है।
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प्रथम दृष्टया दोषी अभिलेखागार के वरिष्ठ सहायक व सहायक अभिलेखपाल कृष्ण बहादुर सिंह को पूर्व में इस पद से हटाने के भी दोबारा तैनात कर दिया गया था। हालांकि फर्जीवाड़ा पकड़ में आने के बाद एक बार फिर कार्रवाई की प्रक्रिया शुरू की गई है।
एडीएम (वित्त एवं राजस्व) की जांच में यह तथ्य भी प्रकाश में आया कि अभिलेखागार को रात में आठ बजे तक खोले रखा जाता है। अभिलेख भी अभिलेखागार से बाहर भेजने की शिकायतें मिल रही हैं। नियमानुसार अभिलेखागार से दस्तावेजों को बाहर किसी भी दशा में नहीं ले जाया जा सकता है।
ऐसा प्रतीत होता है कि रात में कलेक्ट्रेट में सभी दफ्तरों के बंद होने के बाद अभिलेखागार के जरूरी दस्तावेजों के साथ छेड़छाड़ का काम शुरू किया जाता है। सलोन के मामले में भी रात में ही दस्तावेजों को खुरचकर नाम बदलने और पन्ने फाडक़र गायब करने का कारनामा किया गया होगा। हालांकि अंतिम जांच शुरू की गई है।
अभिलेखागार के दस्तावेजों में हेराफेरी और पन्ने गायब करने के मामले में डीएम को जांच रिपोर्ट दी गई है। रात आठ बजे तक अभिलेखागार खोले जाने की पुष्टि हुई है। रात में दस्तावेज भी अभिलेखागार से बाहर भेजने की शिकायतें भी मिली हैं।
प्रेम प्रकाश उपाध्याय, एडीएम (वित्त एवं राजस्व)
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यहां तैनात स्टाफ को खुश करके किसी भी दस्तावेज में कुछ भी कराया जा सकता है। सलोन तहसील क्षेत्र के तीन गांवों की जमीन के अभिलेखों में हेराफरी और फर्जीवाड़ा पकड़ में आने के बाद एडीएम (वित्त एवं राजस्व) प्रेम प्रकाश उपाध्याय की जांच में खुलासा हुआ कि अभिलेखागार रात आठ बजे तक खुला रहता है। जरूरी दस्तावेज बाहर भी भेजने की शिकायतें मिल रही हैं। जरूरी दस्तावेजों को असुरक्षित रखा जा रहा है।
अभिलेखागार में पहले सदर तहसील के उफरामऊ गांव में वर्ष 2021 में दो करोड़ की करीब चार बीघा बंजर जमीन को सरजूदेई के नाम दर्ज कराने के मामले में तत्कालीन अभिलेखपाल राजस्व व संप्रति प्रशासनिक अधिकारी मंजूलता दीक्षित, अभिलेखागार राजस्व महादेव, तहसील कर्मी अभिलेखागार जमुना प्रसाद के अलावा उफरामऊ निवासी विद्याकांत, रमाकांत, श्रीकांत, गीता, विष्णुकांत, शिवाकांत, सोनल आदि पर मुकदमा दर्ज कराने के बाद कार्रवाई की प्रक्रिया चल रही है। इससे पहले भी कई कारनामें उजागर हो चुके हैं।
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अब सलोन तहसील क्षेत्र के जौदहा, नुरुद्दीनपुर और प्यारेपुर की जमीन को हथियाने के लिए अभिलेखागार के दस्तावेजों में छेड़छाड़ करने के साथ ही पन्ने गायब कर दिए गए। फर्जीवाड़ा उजागर होने के बाद दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की प्रक्रिया शुरू करा दी गई है।
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प्रथम दृष्टया दोषी अभिलेखागार के वरिष्ठ सहायक व सहायक अभिलेखपाल कृष्ण बहादुर सिंह को पूर्व में इस पद से हटाने के भी दोबारा तैनात कर दिया गया था। हालांकि फर्जीवाड़ा पकड़ में आने के बाद एक बार फिर कार्रवाई की प्रक्रिया शुरू की गई है।
एडीएम (वित्त एवं राजस्व) की जांच में यह तथ्य भी प्रकाश में आया कि अभिलेखागार को रात में आठ बजे तक खोले रखा जाता है। अभिलेख भी अभिलेखागार से बाहर भेजने की शिकायतें मिल रही हैं। नियमानुसार अभिलेखागार से दस्तावेजों को बाहर किसी भी दशा में नहीं ले जाया जा सकता है।
ऐसा प्रतीत होता है कि रात में कलेक्ट्रेट में सभी दफ्तरों के बंद होने के बाद अभिलेखागार के जरूरी दस्तावेजों के साथ छेड़छाड़ का काम शुरू किया जाता है। सलोन के मामले में भी रात में ही दस्तावेजों को खुरचकर नाम बदलने और पन्ने फाडक़र गायब करने का कारनामा किया गया होगा। हालांकि अंतिम जांच शुरू की गई है।
अभिलेखागार के दस्तावेजों में हेराफेरी और पन्ने गायब करने के मामले में डीएम को जांच रिपोर्ट दी गई है। रात आठ बजे तक अभिलेखागार खोले जाने की पुष्टि हुई है। रात में दस्तावेज भी अभिलेखागार से बाहर भेजने की शिकायतें भी मिली हैं।
प्रेम प्रकाश उपाध्याय, एडीएम (वित्त एवं राजस्व)