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Raebareli News: शादी के कपड़े समय से न देने पर लगाया जुर्माना
Fri, 18 Apr 2025 12:38 AM IST
लखनऊ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, रायबरेली
संवाद न्यूज एजेंसी, रायबरेली
Updated Fri, 18 Apr 2025 12:38 AM IST
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रायबरेली। शादी के लिए बनवाए गए कपड़े समय से उपलब्ध न कराने पर जिला उपभोक्ता विवाद प्रतितोष आयोग ने लखनऊ के भूतनाथ मार्केट केे जवाड़ा बाई रामा क्रियेशन के मालिक पर जुर्माना लगाया है। आयोग ने दुकान संचालक को 2005 रुपये के साथ वाद दायर करने की तिथि से भुगतान तक छह प्रतिशत वार्षिक साधारण ब्याज के साथ मानसिक क्षतिपूर्ति के रूप में पांच हजार और वाद व्यय के रूप में एक हजार रुपये चुकाने का आदेश दिया है।
जिले के ऊंचाहार क्षेत्र के अरखा गांव निवासी अभिषेक मिश्रा ने लखनऊ के इंदिरा नगर स्थित भूतनाथ मार्केट केे जवाड़ा बाई रामा क्रियेशन (शोरूम) से 20 अक्तूबर 2021 को 6199 रुपये का एक गलाबंद सूट और 4195 रुपये का एक सेट कुर्ता, पैंट, सदरी बनवाने का आर्डर दिया था। अग्रिम के तौर पर पांच हजार रुपये तुरंत दिया गया था। बाकी पैसा कपड़े लेने के बाद देने की बात कही गई। 20 दिन बाद भी कपड़े तैयार नहीं थे। इक बार चक्कर लगाने के बाद भी उसे आर्डर के कपड़े नहीं मिले।
शादी के कपड़े समय से न मिलने से परेशान पीड़ित ने शोरूम संचालक के खिलाफ जिला उपभोक्ता विवाद प्रतितोष आयोग में वाद दाखिल किया। इसकी सुनवाई करते हुए जिला आयोग के अध्यक्ष मदन लाल निगम व न्यायिक सदस्य प्रतिमा सिंह व सुनीता मिश्रा ने शोरूम के संचालक को समय पर आर्डर के कपड़े न देने का दोषी मानते हुए अर्थदंड लगाने का आदेश दिया।
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जिले के ऊंचाहार क्षेत्र के अरखा गांव निवासी अभिषेक मिश्रा ने लखनऊ के इंदिरा नगर स्थित भूतनाथ मार्केट केे जवाड़ा बाई रामा क्रियेशन (शोरूम) से 20 अक्तूबर 2021 को 6199 रुपये का एक गलाबंद सूट और 4195 रुपये का एक सेट कुर्ता, पैंट, सदरी बनवाने का आर्डर दिया था। अग्रिम के तौर पर पांच हजार रुपये तुरंत दिया गया था। बाकी पैसा कपड़े लेने के बाद देने की बात कही गई। 20 दिन बाद भी कपड़े तैयार नहीं थे। इक बार चक्कर लगाने के बाद भी उसे आर्डर के कपड़े नहीं मिले।
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शादी के कपड़े समय से न मिलने से परेशान पीड़ित ने शोरूम संचालक के खिलाफ जिला उपभोक्ता विवाद प्रतितोष आयोग में वाद दाखिल किया। इसकी सुनवाई करते हुए जिला आयोग के अध्यक्ष मदन लाल निगम व न्यायिक सदस्य प्रतिमा सिंह व सुनीता मिश्रा ने शोरूम के संचालक को समय पर आर्डर के कपड़े न देने का दोषी मानते हुए अर्थदंड लगाने का आदेश दिया।
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