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बीआरसी पर कराई जाए डीबीटी फीडिंग
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रायबरेली। बेसिक शिक्षा विभाग में चल रही डीबीटी फीडिंग को लेकर शिक्षक संगठनों ने ऐतराज जताना शुरू कर दिया है। सोमवार को उत्तर प्रदेशीय प्राथमिक शिक्षक संघ और उत्तर प्रदेशीय जूनियर हाईस्कूल शिक्षक संघ ने बीएसए दफ्तर और कलेक्ट्रेट में नारेबाजी की फिर ज्ञापन सौंपे।
इसमें डीबीटी समेत कई अन्य मुद्दे उठाए गए। शिक्षक संगठनों ने साफ तौर पर कहा है कि डीबीटी फीडिंग का काम अध्यापकों से न कराया जाए। डीबीटी की फीडिंग ब्लॉक संसाधन केंद्र पर कराई जाए।
प्राथमिक शिक्षक संघ ने सात सूत्री ज्ञापन डीएम को सौंपा तो जूनियर हाईस्कूल शिक्षक संघ ने बीएसए के माध्यम से 11 सूत्री ज्ञापन महानिदेशक को भेजा। जूनियर हाईस्कूल शिक्षक संघ के अध्यक्ष समर बहादुर सिंह, महामंत्री राघवेंद्र यादव, कोषाध्यक्ष शिवशरण सिंह ने कहा कि कई शिक्षक ऐसे हैं, जिन्हें एंड्रायड फोन चलाना नहीं आता है। विभाग से कोई संसाधन मुहैया नहीं कराया गया है। डीबीटी कार्य शिक्षकों से कराया जाना उचित नहीं है।
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पदाधिकारियों ने कहा कि शिक्षक लिखित डेटा तैयार कर ब्लॉक संसाधन केंद्रों को उपलब्ध करा देंगे, फीडिंग का कार्य ब्लॉक संसाधन केंद्रों में नियुक्त कर्मचारियों से कराया जाए। इस कार्य की जिम्मेदारी शिक्षकों को दिए जाने से उनमें आक्रोश है।
प्राथमिक शिक्षक संघ के जिलाध्यक्ष महेंद्र यादव, वरिष्ठ उपाध्यक्ष अजय सिंह, जिला मंत्री शैलेश यादव ने कहा कि डीबीटी का कार्य ब्लॉक संसाधन केंद्र पर कराया जाए। संसाधन उपलब्ध न होने तक अध्यापकों को डीबीटी भरने के लिए बाध्य न किया जाए।
विद्यालयों में शैक्षिक क्रियाकलाप शुरू हुए एक महीने से ऊपर बीत गया है। ज्यादातर बच्चे स्कूल आने लगे हैं। ऐसे में शिक्षकों की ड्यूटी कोटा और वैक्सीनेशन में लगाए जाने से पठन-पाठन एवं अन्य विभागीय कार्य समय से पूर्ण नहीं हो पा रहे हैं।
पदाधिकारियों ने एमडीएम की कन्वर्जन कास्ट बढ़ाने, लंबित एरियर का भुगतान कराने समेत कई अन्य मांगें कीं। इस मौके पर आशीष तिवारी, अमित कुमार सिंह, भानु प्रताप सिंह, रविकांत द्विवेदी, कुलदीप वर्मा, अतीक, अरविंद, मयंक व विवेक आदि मौजूद रहे।
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इसमें डीबीटी समेत कई अन्य मुद्दे उठाए गए। शिक्षक संगठनों ने साफ तौर पर कहा है कि डीबीटी फीडिंग का काम अध्यापकों से न कराया जाए। डीबीटी की फीडिंग ब्लॉक संसाधन केंद्र पर कराई जाए।
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प्राथमिक शिक्षक संघ ने सात सूत्री ज्ञापन डीएम को सौंपा तो जूनियर हाईस्कूल शिक्षक संघ ने बीएसए के माध्यम से 11 सूत्री ज्ञापन महानिदेशक को भेजा। जूनियर हाईस्कूल शिक्षक संघ के अध्यक्ष समर बहादुर सिंह, महामंत्री राघवेंद्र यादव, कोषाध्यक्ष शिवशरण सिंह ने कहा कि कई शिक्षक ऐसे हैं, जिन्हें एंड्रायड फोन चलाना नहीं आता है। विभाग से कोई संसाधन मुहैया नहीं कराया गया है। डीबीटी कार्य शिक्षकों से कराया जाना उचित नहीं है।
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पदाधिकारियों ने कहा कि शिक्षक लिखित डेटा तैयार कर ब्लॉक संसाधन केंद्रों को उपलब्ध करा देंगे, फीडिंग का कार्य ब्लॉक संसाधन केंद्रों में नियुक्त कर्मचारियों से कराया जाए। इस कार्य की जिम्मेदारी शिक्षकों को दिए जाने से उनमें आक्रोश है।
प्राथमिक शिक्षक संघ के जिलाध्यक्ष महेंद्र यादव, वरिष्ठ उपाध्यक्ष अजय सिंह, जिला मंत्री शैलेश यादव ने कहा कि डीबीटी का कार्य ब्लॉक संसाधन केंद्र पर कराया जाए। संसाधन उपलब्ध न होने तक अध्यापकों को डीबीटी भरने के लिए बाध्य न किया जाए।
विद्यालयों में शैक्षिक क्रियाकलाप शुरू हुए एक महीने से ऊपर बीत गया है। ज्यादातर बच्चे स्कूल आने लगे हैं। ऐसे में शिक्षकों की ड्यूटी कोटा और वैक्सीनेशन में लगाए जाने से पठन-पाठन एवं अन्य विभागीय कार्य समय से पूर्ण नहीं हो पा रहे हैं।
पदाधिकारियों ने एमडीएम की कन्वर्जन कास्ट बढ़ाने, लंबित एरियर का भुगतान कराने समेत कई अन्य मांगें कीं। इस मौके पर आशीष तिवारी, अमित कुमार सिंह, भानु प्रताप सिंह, रविकांत द्विवेदी, कुलदीप वर्मा, अतीक, अरविंद, मयंक व विवेक आदि मौजूद रहे।