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हत्या के मामले में तीन अभियुक्तों को सात-सात साल की सजा
रायबरेली/ अमर उजाला ब्यूराे
Updated Fri, 16 Jun 2017 11:13 PM IST
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कोर्ट ने हत्या के मामले में तीन अभियुक्तों को सात-सात साल की सजा सुनाई है, जबकि साक्ष्य के अभाव में एक आरोपी को बरी कर दिया। साथ ही इन पर पांच-पांच हजार रुपये का जुर्माना भी ठोंका गया है। जिला जज केके शर्मा ने दीवानी कचहरी में शुक्रवार को यह फैसला सुनाया। सजा सुनाए जाने के बाद पुलिस अभिरक्षा में अभियुक्तों को जेल भेज दिया गया है।
शासकीय अधिवक्ता बब्बन त्रिपाठी के मुताबिक 12 अगस्त 2009 को नसीराबाद थाना क्षेत्र के बबुरी गांव निवासी बृजभूषण सिंह अपने बेटे राकेश सिंह के साथ ढैंचा का बीज लेकर घर जा रहा था। रास्ते में गांव के ही जयकरन, हरिकरन, अमरनाथ पुत्रगण विजय बहादुर और रामजस पुत्र शिव प्रताप ने रोक लिया था और हमला बोलकर बृजभूषण सिंह को घायल कर दिया था।
बेटा राकेश सिंह पिता बृजभूषण को जिला अस्पताल ले जा रहा था, लेकिन अस्पताल पहुंचने से पहले ही उसकी मौत हो गई। अधिवक्ता ने बताया कि मृतक का बेटा राकेश सिंह अभियुक्त जयकरन की बेटी से प्यार करता था और शादी करना चाहता था। इसी वजह से घटना को अंजाम दिया गया था।
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पुलिस ने बेटे राकेश सिंह की तहरीर पर केस दर्ज करके चार्जशीट कोर्ट में दाखिल की थी। कोर्ट ने साक्ष्य के अभाव में जयकरन को बरी कर दिया, जबकि हरिकरन, अमरनाथ, रामजस को सात-सात साल की सजा सुनाई। साथ ही जुर्माना भी लगाया।
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शासकीय अधिवक्ता बब्बन त्रिपाठी के मुताबिक 12 अगस्त 2009 को नसीराबाद थाना क्षेत्र के बबुरी गांव निवासी बृजभूषण सिंह अपने बेटे राकेश सिंह के साथ ढैंचा का बीज लेकर घर जा रहा था। रास्ते में गांव के ही जयकरन, हरिकरन, अमरनाथ पुत्रगण विजय बहादुर और रामजस पुत्र शिव प्रताप ने रोक लिया था और हमला बोलकर बृजभूषण सिंह को घायल कर दिया था।
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बेटा राकेश सिंह पिता बृजभूषण को जिला अस्पताल ले जा रहा था, लेकिन अस्पताल पहुंचने से पहले ही उसकी मौत हो गई। अधिवक्ता ने बताया कि मृतक का बेटा राकेश सिंह अभियुक्त जयकरन की बेटी से प्यार करता था और शादी करना चाहता था। इसी वजह से घटना को अंजाम दिया गया था।
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पुलिस ने बेटे राकेश सिंह की तहरीर पर केस दर्ज करके चार्जशीट कोर्ट में दाखिल की थी। कोर्ट ने साक्ष्य के अभाव में जयकरन को बरी कर दिया, जबकि हरिकरन, अमरनाथ, रामजस को सात-सात साल की सजा सुनाई। साथ ही जुर्माना भी लगाया।