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संपत्ति के लिए भाई का कत्ल
amarujala
Updated Tue, 28 Mar 2017 12:01 AM IST
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सदर कोतवाली क्षेत्र के मटिहा गांव में रविवार को खून का रिश्ता दागदार हो गया। रुपये के लेनदेन के विवाद में सगे भाई की फावडे़ से गला काटकर हत्या कर दी गई। कत्ल करने के बाद आरोपी भाई फरार हो गया। वारदात से क्षेत्र में सनसनी फैल गई। सूचना पर एएसपी, सीओ ने पहुंचकर घटना की पड़ताल की। मृतक के भाई ने कोतवाली में घटना की तहरीर दी है।
मटिहा गांव निवासी भगौैती यादव, राम सहारे, हरीराम और मंसाराम उर्फ मनिया यादव सगे भाई हैं। पिता रामबरन की मौत हो चुकी है। शाम को राम सहारे, हरीराम और मंसाराम के बीच रुपये के लेनदेन को लेकर विवाद हो गया।
मंसाराम रुपये की मांग कर रहा था, जबकि राम सहारे, हरीराम रुपये नहीं दे रहे थे। इसी को लेकर कहासुनी हो गई। इस पर हरीराम, राम सहारे ने मंसाराम को खेत की तरफ दौड़ा लिया। पहले तो मंसाराम भागा, लेकिन बाद में कुछ दूरी पर जाकर रुक गया। आरोप है कि मंसाराम ने फावड़ा उठाया और बडे़ भाई हरीराम (32) के गले के पास वार कर दिया। इससे हरीराम की मौके पर ही मौत हो गई।
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राम सहारे ने घटना की सूचना पुलिस को दी। एएसपी वीरेंद्र यादव, सीओ सदर श्वेता श्रीवास्तव ने पहुंचकर परिवारीजनों व ग्रामीणों से पूछताछ की। एएसपी का कहना है कि रुपये के लेनदेन में हत्या की बात सामने आई है। पुलिस को रिपोर्ट लिखकर मामले में कार्रवाई के निर्देश दिए गए हैं। कोतवाल सुधीरचंद्र पांडेय का कहना है कि आरोपी मंसाराम की तलाश की जा रही है।
मटिहा गांव निवासी रामबरन के पास काफी जमीन थी। उसने काफी जमीन बेच ली थी। अपने निधन से पहले उसने चारों बेटों को नौ-नौ लाख रुपये दिए थे। मटिहा के अलावा कप्तान का पुरवा में भी मकान हैं। मंसाराम जुआ भी खेलता है। उसने अपने रुपये खर्च कर लिए थे। अब भाइयों से रुपये मांग रहा था।
हरीराम की हत्या के बाद से जहां परिवारीजन गमगीन हैं, वहीं ग्रामीण रुपये के लेनदेन में की गई हत्या से खफा भी हैं। मृतक की पत्नी पुष्पा के आंसू नहीं थम रहे हैं। पति को याद करते रो पड़ती है। अब पुष्पा के कंधों पर चार वर्षीय बेटी नंदनी के पालन पोषण करने की जिम्मेदारी है। भाई भगौती, राम सहारे के भी आंसू नहीं थम रहे हैं।
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मटिहा गांव निवासी भगौैती यादव, राम सहारे, हरीराम और मंसाराम उर्फ मनिया यादव सगे भाई हैं। पिता रामबरन की मौत हो चुकी है। शाम को राम सहारे, हरीराम और मंसाराम के बीच रुपये के लेनदेन को लेकर विवाद हो गया।
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मंसाराम रुपये की मांग कर रहा था, जबकि राम सहारे, हरीराम रुपये नहीं दे रहे थे। इसी को लेकर कहासुनी हो गई। इस पर हरीराम, राम सहारे ने मंसाराम को खेत की तरफ दौड़ा लिया। पहले तो मंसाराम भागा, लेकिन बाद में कुछ दूरी पर जाकर रुक गया। आरोप है कि मंसाराम ने फावड़ा उठाया और बडे़ भाई हरीराम (32) के गले के पास वार कर दिया। इससे हरीराम की मौके पर ही मौत हो गई।
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राम सहारे ने घटना की सूचना पुलिस को दी। एएसपी वीरेंद्र यादव, सीओ सदर श्वेता श्रीवास्तव ने पहुंचकर परिवारीजनों व ग्रामीणों से पूछताछ की। एएसपी का कहना है कि रुपये के लेनदेन में हत्या की बात सामने आई है। पुलिस को रिपोर्ट लिखकर मामले में कार्रवाई के निर्देश दिए गए हैं। कोतवाल सुधीरचंद्र पांडेय का कहना है कि आरोपी मंसाराम की तलाश की जा रही है।
मटिहा गांव निवासी रामबरन के पास काफी जमीन थी। उसने काफी जमीन बेच ली थी। अपने निधन से पहले उसने चारों बेटों को नौ-नौ लाख रुपये दिए थे। मटिहा के अलावा कप्तान का पुरवा में भी मकान हैं। मंसाराम जुआ भी खेलता है। उसने अपने रुपये खर्च कर लिए थे। अब भाइयों से रुपये मांग रहा था।
हरीराम की हत्या के बाद से जहां परिवारीजन गमगीन हैं, वहीं ग्रामीण रुपये के लेनदेन में की गई हत्या से खफा भी हैं। मृतक की पत्नी पुष्पा के आंसू नहीं थम रहे हैं। पति को याद करते रो पड़ती है। अब पुष्पा के कंधों पर चार वर्षीय बेटी नंदनी के पालन पोषण करने की जिम्मेदारी है। भाई भगौती, राम सहारे के भी आंसू नहीं थम रहे हैं।