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सीएचसी में होगी अल्ट्रासाउंड जांच, 10 लाख आबादी को मिलेगा लाभ

Sat, 13 Jul 2019 01:03 AM IST
Lucknow Bureau लखनऊ ब्यूरो
Updated Sat, 13 Jul 2019 01:03 AM IST
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CHC will have ultrasound probe, 10 lakh population will get benefit
रायबरेली। सरकारी अस्पतालों में रखीं अल्ट्रासाउंड मशीनों से जांच शुरू कराने की कवायद शुरू हो गई है। डीएम नेहा शर्मा ने पहल करते हुए पांच सीएचसी के अलावा जिला महिला व पुरुष अस्पताल में एक-एक सोनोलॉजिस्ट की व्यवस्था की प्रक्रिया शुरू कराई है। उन्होंने सीएमओ को जिला स्वास्थ्य समिति के माध्यम से वाकिंग इंटरव्यू कराकर सात डॉक्टरों की तैनाती कराने के आदेश दिए हैं।
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इसके प्रक्रिया के तहत विज्ञापन प्रकाशित किया जाएगा और आवेदन करने वाले डॉक्टरों का सीधे साक्षात्कार कर भर्ती की प्रक्रिया पूरी की जाएगी। साथ ही अस्पतालों में आईं नई महिला डॉक्टरों को एक-एक सप्ताह का सोनोलॉजिस्ट का प्रशिक्षण दिलाकर संबंधित अस्पतालों में अल्ट्रासाउंड की जांच इसी सप्ताह शुरू करने के लिए कहा है।
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इससे करीब 10 लाख लोगों को अपने ही क्षेत्र में जांच की सुविधा का लाभ मिलेगा। जिला महिला अस्पताल के सोनोलॉजिस्ट का तबादला होने के कारण गर्भवती महिलाओं की अल्ट्रासाउंड जांच नहीं हो पा रही है। जिला पुरुष अस्पताल के सोनोलॉजिस्ट की संबद्धता खत्म होने के कारण यहां भी जांच प्रभावित हो गई है।
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इसके अलावा सीएचसी बछरावां, ऊंचाहार, डलमऊ, सलोन, महराजगंज में अल्ट्रासाउंड की जांच डॉक्टर न होने के कारण नहीं हो पा रही है। खासकर गर्भवती महिलाओं को अल्ट्रासाउंड की जांच के लिए भटकना पड़ रहा है। उनको अधिक रुपये खर्च करके बाजार में जांच करानी पड़ रही है। डीएम नेहा शर्मा ने समस्या संज्ञान में आने के बाद मामले को गंभीरता से लिया है।
उन्होंने ग्रामीण क्षेत्रों की सीएचसी में अल्ट्रासाउंड की जांच की सुविधा मुहैया कराने के लिए पहल करते हुए बछरावां, ऊंचाहार, डलमऊ, सलोन, महराजगंज में अल्ट्रासाउंड की जांच के लिए एक-एक सोनोलॉजिस्ट की व्यवस्था शुरू कराई है। इसके अलावा जिला महिला व पुरुष अस्पताल में भी एक-एक डॉक्टर तैनात होगा।
जिला स्वास्थ्य समिति के माध्यम से वाकिंग इंटरव्यू कराकर सोनोलॉजिस्ट की व्यवस्था की जाएगी। इसके अलावा अस्पतालों में आईं नई महिला डॉक्टरों को भी एक-एक सप्ताह का अल्ट्रासाउंड जांच का प्रशिक्षण दिलाया जाएगा। डीएम के प्रयास से जल्द ही 10 लाख से अधिक की आबादी को अल्ट्रासाउंड की जांच की सुविधा मिलनी शुरू हो जाएगी।
जिला अस्पताल में दलालों के मकड़जाल को खत्म करने के लिए डीएम ने सभी डॉक्टरों व पैरा मेडिकल स्टाफ को आईकार्ड पहनने के आदेश दिए हैं। इसके लिए शुक्रवार को डीएम ने सीएमएस को रेगुलर व संविदा के सभी कर्मचारियों को आदेश का तीन दिन में अनुपालन कराकर सूचना देने के आदेश दिए।

डीएम नेहा शर्मा ने बताया कि सरकारी अस्पतालों में अल्ट्रासाउंड की जांच बड़ी समस्या है। खासकर गर्भवती महिलाओं की बिना अल्ट्रासाउंड जांच के इलाज नहीं हो पाता है। सीएचसी स्तर पर ही जांच की सुविधा के लिए सोनोलॉजिस्टों की तैनाती के लिए वाकिंग इंटरव्यू कराया जाएगा। डॉक्टर न मिलने की दशा में महिला डॉक्टरों को ही प्रशिक्षण दिला जांच शुरू कराई जाएगी। इसके लिए सीएमओ को आदेशित कर दिया गया है।
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