{"_id":"da34b881511584e0bf2fb050cdca31e1","slug":"chc-be-charged-rupees-delivery-principal-secretary-angry-hindi-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"सीएचसी में रुपये वसूल कराया प्रसव, प्रमुख सचिव गुस्साए","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
सीएचसी में रुपये वसूल कराया प्रसव, प्रमुख सचिव गुस्साए
रायबरेली/अमर उजाला ब्यूरो
Updated Fri, 31 Jul 2015 11:39 PM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
ग्राम्य विकास विभाग के प्रमुख सचिव अरुण सिंघल के सामने शुक्रवार को स्वास्थ्य विभाग के डॉक्टरों और कर्मचारियों की अवैध वसूली की कलई खुल गई। बछरावां सीएचसी पहुंचे प्रमुख सचिव के सामने यह मामला आया।
दर्द से कराह रही प्रसूता से 500 रुपये वसूलने के बाद उसे भर्ती करके प्रसव कराया गया। गुस्साए प्रमुख सचिव ने सीएमओ को मामले की जांच करकर दोषी पर कार्रवाई के आदेश दिए।
शुक्रवार को लखनऊ वापस होते समय प्रमुख सचिव अरुण सिंघल ने बछरावां सीएचसी का निरीक्षण किया। वार्ड में भर्ती जलालपुर निवासी गुड़िया के पिता अजय रावत ने प्रमुख सचिव को बताया कि वह गुरुवार को बेटी को लेकर अस्पताल आया।
विज्ञापन
डॉक्टर ने एक हजार रुपये मांगे। इंकार करने पर कहा यहां प्रसव नहीं हो पाएगा, रायबरेली ले जाना होगा। बाद में 500 रुपये दिया तो बेटी को भर्ती करके प्रसव आसानी से कराया।
मामले को सुनकर बगल में खड़े सीएमओ डॉ. राकेश कुमार की ओर देखते हुए उन्होंने गुस्सा जताया। कहा कि सीएमओ मामले की जांच कराकर दोषियों के खिलाफ कार्रवाई करें।
विज्ञापन
दर्द से कराह रही प्रसूता से 500 रुपये वसूलने के बाद उसे भर्ती करके प्रसव कराया गया। गुस्साए प्रमुख सचिव ने सीएमओ को मामले की जांच करकर दोषी पर कार्रवाई के आदेश दिए।
विज्ञापन
शुक्रवार को लखनऊ वापस होते समय प्रमुख सचिव अरुण सिंघल ने बछरावां सीएचसी का निरीक्षण किया। वार्ड में भर्ती जलालपुर निवासी गुड़िया के पिता अजय रावत ने प्रमुख सचिव को बताया कि वह गुरुवार को बेटी को लेकर अस्पताल आया।
विज्ञापन
डॉक्टर ने एक हजार रुपये मांगे। इंकार करने पर कहा यहां प्रसव नहीं हो पाएगा, रायबरेली ले जाना होगा। बाद में 500 रुपये दिया तो बेटी को भर्ती करके प्रसव आसानी से कराया।
मामले को सुनकर बगल में खड़े सीएमओ डॉ. राकेश कुमार की ओर देखते हुए उन्होंने गुस्सा जताया। कहा कि सीएमओ मामले की जांच कराकर दोषियों के खिलाफ कार्रवाई करें।