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Raebareli News: बैंक को 14,258 रुपये व 22 साल का ब्याज देने का आदेश
Sun, 25 May 2025 12:43 AM IST
लखनऊ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, रायबरेली
संवाद न्यूज एजेंसी, रायबरेली
Updated Sun, 25 May 2025 12:43 AM IST
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रायबरेली। जिला उपभोक्ता विवाद प्रतितोष आयोग ने एक वाद का निस्तारण करते हुए विपक्षी बैंक को दोषी करार माना। न्यायिक पीठ ने बैंक को एफडीआर की राशि 14,258 रुपये के साथ ही पिछले करीब 22 साल का ब्याज देने का आदेश भी दिया। 45 दिन के अंदर भुगतान न देने पर सात प्रतिशत साधारण वार्षिक ब्याज भी देना होगा। आयोग ने वादी को मानसिक क्षतिपूर्ति के रूप में तीन हजार रुपये और वाद व्यय पर एक हजार रुपये का अलग से भुगतान करने का आदेश भी दिया।
शहर के सत्य नगर निवासी रजनी शुक्ला ने छह मार्च 1998 में 10 हजार रुपये की एफडीआर (सावधि जमा) शहर स्थित युनाइटेट बैंक ऑफ इंडिया में कराई थी। छह मार्च 2001 में एफडीआर पूरी होने के बाद 14258 रुपये का भुगतान होना था, लेकिन भुगतान नहीं किया गया।
इस दौरान बैंक की शाखा बस स्टेशन से रायबरेली विकास प्राधिकरण के भवन में चली गई। संबंधित बैंक का विलय भी बाद में पंजाब नेशनल बैंक में हो गया। लगातार प्रयास करने के बाद भी परिवादी को भुगतान नहीं किया गया। महिला ने आयोग का दरवाजा खटखटाकर परिवाद दायर किया।
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जिला उपभोक्ता विवाद प्रतितोष आयोग के अध्यक्ष मदन लाल निगम, सदस्य प्रतिमा सिंह व सुनीता मिश्रा की पीठ ने मुकदमे की सुनवाई करते हुए बैंक को एसडीआर पूरी होने के बाद की धनराशि 14,258 रुपये का भुगतान करने के साथ वाद दायर होने की तिथि 31 अगस्त 2022 से पहले का पूरा ब्याज भी देने का आदेश दिया। ऐसा न करने पर सात प्रतिशत वार्षिक साधारण ब्याज भी देना होगा।
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शहर के सत्य नगर निवासी रजनी शुक्ला ने छह मार्च 1998 में 10 हजार रुपये की एफडीआर (सावधि जमा) शहर स्थित युनाइटेट बैंक ऑफ इंडिया में कराई थी। छह मार्च 2001 में एफडीआर पूरी होने के बाद 14258 रुपये का भुगतान होना था, लेकिन भुगतान नहीं किया गया।
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इस दौरान बैंक की शाखा बस स्टेशन से रायबरेली विकास प्राधिकरण के भवन में चली गई। संबंधित बैंक का विलय भी बाद में पंजाब नेशनल बैंक में हो गया। लगातार प्रयास करने के बाद भी परिवादी को भुगतान नहीं किया गया। महिला ने आयोग का दरवाजा खटखटाकर परिवाद दायर किया।
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जिला उपभोक्ता विवाद प्रतितोष आयोग के अध्यक्ष मदन लाल निगम, सदस्य प्रतिमा सिंह व सुनीता मिश्रा की पीठ ने मुकदमे की सुनवाई करते हुए बैंक को एसडीआर पूरी होने के बाद की धनराशि 14,258 रुपये का भुगतान करने के साथ वाद दायर होने की तिथि 31 अगस्त 2022 से पहले का पूरा ब्याज भी देने का आदेश दिया। ऐसा न करने पर सात प्रतिशत वार्षिक साधारण ब्याज भी देना होगा।