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Raebareli News: एम्स में बेबी फीडिंग रूम खुला
Sun, 03 Aug 2025 01:11 AM IST
लखनऊ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, रायबरेली
संवाद न्यूज एजेंसी, रायबरेली
Updated Sun, 03 Aug 2025 01:11 AM IST
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एम्स में बेबी फीडिंग रूम का शुभारंभ करने के बाद निरीक्षण करतीं डीन डॉ. नीरज कुमारी व डॉ. भोलाना
रायबरेली। विश्व स्तनपान सप्ताह के तहत शनिवार को सामुदायिक चिकित्सा विभाग की ओर से एम्स में ओपीडी परिसर में बेबी फीडिंग रूम का उद्घाटन हुआ। इस पहल का उद्देश्य ओपीडी में आने वाली माताओं को एक सुरक्षित, स्वच्छ और निजता से युक्त स्थान प्रदान करना है, जहां वे अपने शिशुओं को सहजता से स्तनपान करा सकेंगी।
शुभारंभ करते हुए डीन डॉ. नीरज कुमारी ने कहा कि स्तनपान शिशु के लिए पहला और सबसे महत्वपूर्ण पोषण है। भीड़भाड़ क्षेत्र में माताओं को बच्चों को स्तनपान कराने में दिक्कतों का सामना करना पड़ता है। इसी समस्या को दूर कराने के लिए ओपीडी परिसर में बेबी फीडिंग रूम का संचालन कराया गया है। कार्यक्रम में उप चिकित्सा अधीक्षक डॉ. नीरज श्रीवास्तव, उप निदेशक प्रशासन डॉ. अखिलेश द्विवेदी ने इस पहल को संस्थान की संवेदनशीलता एवं मातृ-शिशु कल्याण के प्रति प्रतिबद्धता का प्रतीक बताया।
सामुदायिक चिकित्सा विभाग के अध्यक्ष प्रो. भोलानाथ ने कहा कि शिशु के पहले छह महीने में केवल मां का दूध ही पर्याप्त होता है। ऐसी सुविधाएं माताओं को स्तनपान के प्रति प्रोत्साहित करती हैं। संकाय सदस्य डॉ. अभय सिंह ने बताया कि स्तनपान केवल एक व्यक्तिगत नहीं, बल्कि सार्वजनिक स्वास्थ्य का मुद्दा है। कार्यक्रम में डॉ. नमिता मिश्रा, डॉ. वंदना डॉ. मधुकर मित्तल आदि मौजूद रहे।
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शुभारंभ करते हुए डीन डॉ. नीरज कुमारी ने कहा कि स्तनपान शिशु के लिए पहला और सबसे महत्वपूर्ण पोषण है। भीड़भाड़ क्षेत्र में माताओं को बच्चों को स्तनपान कराने में दिक्कतों का सामना करना पड़ता है। इसी समस्या को दूर कराने के लिए ओपीडी परिसर में बेबी फीडिंग रूम का संचालन कराया गया है। कार्यक्रम में उप चिकित्सा अधीक्षक डॉ. नीरज श्रीवास्तव, उप निदेशक प्रशासन डॉ. अखिलेश द्विवेदी ने इस पहल को संस्थान की संवेदनशीलता एवं मातृ-शिशु कल्याण के प्रति प्रतिबद्धता का प्रतीक बताया।
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सामुदायिक चिकित्सा विभाग के अध्यक्ष प्रो. भोलानाथ ने कहा कि शिशु के पहले छह महीने में केवल मां का दूध ही पर्याप्त होता है। ऐसी सुविधाएं माताओं को स्तनपान के प्रति प्रोत्साहित करती हैं। संकाय सदस्य डॉ. अभय सिंह ने बताया कि स्तनपान केवल एक व्यक्तिगत नहीं, बल्कि सार्वजनिक स्वास्थ्य का मुद्दा है। कार्यक्रम में डॉ. नमिता मिश्रा, डॉ. वंदना डॉ. मधुकर मित्तल आदि मौजूद रहे।
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