फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Raebareli News ›   Are responsible only ignore rules

जिम्मेदार ही कर रहे नियमों की अनदेखी

Wed, 04 Nov 2015 11:21 PM IST
रायबरेली/ अमर उजाला ब्यूरो
रायबरेली/ अमर उजाला ब्यूरो Updated Wed, 04 Nov 2015 11:21 PM IST
विज्ञापन
यह हाल तब है, जब जिले में यातायात माह चल रहा है। बेधड़क ट्रिपलिंग के साथ ओवरलोडिंग हो रही है। हेलमेट कोई नहीं लगा रहा है।
विज्ञापन


बुधवार को कचहरी रोड पर एक बाइक पर सवार तीन लोग चले जा रहे थे। बाइक पर सवार दो पुलिस कर्मी थे। बाइक भी एक पुलिस कर्मी चला रहा था। एक तरफ ट्रिपलिंग से फर्राटा भर रहे थे तो दूसरी तरफ हेलमेट नहीं लगाए थे।

यही नहीं उन्हें रोकने-टोकने वाला भी कोई नहीं था। यह साबित करता है कि नियमों के प्रति ये खाकी वाले कितने  गंभीर हैं।

डिग्री कॉलेज चौराहा पर तीन युवक ट्रिपलिंग करके बाइक से जा रहे थे। खास बात ये रही कि चौराहे पर दो होमगार्ड तैनात थे। लेकिन उन्होंने ट्रिपलिंग करने वाले युवकों को रोकना उचित नहीं समझा।

इन युवकों को रोक कर हिदायत दी जाती तो शायद वह भीड़भाड़ वाले इलाके में तो ट्रिपलिंग करने से बाज आते। पर ऐसा नहीं हुआ।

कैनाल रोड पर सिपाही एक महिला को बाइक पर पीछे बैठे कहीं चला जा रहा था। लेकिन उसने हेलमेट नहीं लगा रखा था। थोड़ी सी चूक से कोई घटना घट सकती है।

पुलिस महकमे में तैनात होने के बाद भी ट्रैफिक नियमों का पालन करना जरूरी नहीं समझा। जिले में 1 नवंबर से यातायात माह की शुरुआत की गई है लेकिन इसका असर नहीं दिख रहा है।

खासकर ट्रिपलिंग और ओवरलोडिंग रोकने पर ध्यान नहीं दिया जा रहा है। पुलिस आंकड़ों पर यदि नजर डालें तो साल-दर-साल सड़क हादसों में मरने वालों व घायलों की तादाद बढ़ती जा रही है।

इस साल के 10 महीनों की बात की जाए तो हादसों में अब तक 150 से अधिक लोगों की मौत हो गई। जबकि 350 से अधिक लोग घायल होकर अस्पताल पहुंचे।

सड़क हादसों की बढ़ती तादाद की वजह जिले में दौड़ रहे डग्गामार वाहन, यातायात नियमों का पालन न होना और ट्रैफिक पुलिस के चौराहों पर तैनाती न होना है।

पुलिस वाले भी नियम तोड़ने में किसी से कम नहीं हैं। हालात ये हैं कि डग्गामार वाहनों पर तय मानक से अधिक सवारियां भरी जाती हैं। साथ ही चालक तेजी से वाहन चलाते हैं।
विज्ञापन


नतीजतन लोग हादसे का शिकार हो जाते हैं। कुछ सड़कों को छोड़ दिया जाए तो हर मार्ग पर स्पीड ब्रेकर (गति अवरोधक) भी नहीं बने हैं। यह हाल तब है, जब हर साल यातायात माह मनाया जाता है।
विज्ञापन
विज्ञापन


इसके तहत लोगों को यातायात के नियम बताए जाते हैं ताकि सड़क दुर्घटनाओं पर अंकुश लगाया जा सके। फिलहाल इसका पहले दिन से ही कोई असर जिले में नहीं दिख रहा है।

शहर में बेधड़क होकर लोग ट्रिपलिंग करते नजर आए। यही नहीं शहर के अंदर ओवरलोड वाहन आते-जाते रहते हैं। सीओ सलोन अल्का धर्मराज को सीओ ट्रैफिक की जिम्मेदारी दी गई है।

यातायात माह के पहले दिन से ही स्कूलों में बच्चों को यातायात नियमों की जानकारी दी जा रही है। पर ट्रिपलिंग और ओवरलोडिंग पर शिकंजा कसने के लिए ध्यान नहीं दिया जा रहा है।

एसपी श्रीकांत सिंह का कहना है कि यातायात माह के तहत स्कूलों में ट्रैफिक नियमों की जानकारी बच्चों को दी जा रही है। जल्द ही ट्रिपलिंग और ओवरलोडिंग पर अंकुश लगाने के लिए चेकिंग भी शुरू कराई जाएगी।


ट्रैफिक नियमों को तोड़ने वालों पर सख्त कार्रवाई की जाएगी। चाहे फिर पुलिस कर्मी हो या फिर आम जनता। सबकी जिम्मेदारी बनती है कि वह ट्रैफिक नियमों का पालन करें, ताकि उनकी जिंदगी सलामत रह सके।
-,
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed