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Raebareli News: 200 हेक्टेयर में विकसित होगा औद्योगिक गलियारा
Fri, 21 Aug 2026 12:52 AM IST
लखनऊ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, रायबरेली
संवाद न्यूज एजेंसी, रायबरेली
Updated Fri, 21 Aug 2026 12:52 AM IST
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लालगंज। गंगा एक्सप्रेसवे के किनारे करीब 200 हेक्टेयर यानी लगभग 1000 बीघे क्षेत्र में औद्योगिक गलियारा विकसित करने की तैयारी शुरू हो गई है। यह गलियारा निहस्था, जगतपुर रामगढ़ी और सुरजीपुर गुमानखेड़ा गांवों के आसपास प्रस्तावित है। इसे लेकर उत्तर प्रदेश एक्सप्रेसवे औद्योगिक विकास प्राधिकरण (यूपीडा) ने कवायद तेज कर दी है। यूपीडा की टीम ने राजस्व अधिकारियों के साथ प्रस्तावित क्षेत्र का स्थलीय सर्वे किया है।
सर्वे के दौरान जमीन की स्थिति और उपलब्धता समेत अन्य बिंदुओं की जानकारी जुटाई गई।तहसील प्रशासन के अनुसार किसानों की भूमि को परियोजना के लिए लिए जाने की योजना पर विचार किया जा रहा है। भूमि अधिग्रहण की प्रक्रिया और अंतिम क्षेत्रफल का निर्णय अभी यूपीडा स्तर से होना है। औद्योगिक गलियारा बनने से क्षेत्र के विकास को नई दिशा मिलने की उम्मीद है। उद्योग स्थापित होने पर स्थानीय स्तर पर रोजगार के अवसर बढ़ेंगे। इससे प्रत्यक्ष के साथ ही परिवहन, दुकान, होटल, ढाबा और अन्य सेवाओं से जुड़े अप्रत्यक्ष रोजगार भी पैदा हो सकते हैं।
क्षेत्र की भौगोलिक स्थिति भी परियोजना के लिए अनुकूल मानी जा रही है। प्रस्तावित स्थल के पास गंगा एक्सप्रेसवे और उन्नाव हाईवे हैं। ऊंचाहार-उन्नाव रेल लाइन की नजदीकी से माल ढुलाई और आवागमन आसान हो सकता है। आधुनिक रेल डिब्बा कारखाना भी पास में ही है। ऐसे में औद्योगिक इकाइयों के लिए परिवहन की सुविधा उपलब्ध रहने की संभावना है। औद्योगिक गलियारे की सूचना से आसपास के गांवों के लोगों में उत्सुकता है।
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स्थानीय युवाओं को उम्मीद है कि उद्योग स्थापित होने पर उन्हें रोजगार के लिए दूर नहीं जाना पड़ेगा। वहीं किसानों की नजर भूमि अधिग्रहण की प्रक्रिया मुआवजे और परियोजना की आगे की कार्रवाई पर रहेगी। तहसीलदार शिवम राठौड़ ने बताया कि यूपीडा की टीम ने संबंधित क्षेत्र का सर्वे किया है। औद्योगिक गलियारा विकसित करने को लेकर अंतिम निर्णय यूपीडा स्तर से लिया जाएगा।
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सर्वे के दौरान जमीन की स्थिति और उपलब्धता समेत अन्य बिंदुओं की जानकारी जुटाई गई।तहसील प्रशासन के अनुसार किसानों की भूमि को परियोजना के लिए लिए जाने की योजना पर विचार किया जा रहा है। भूमि अधिग्रहण की प्रक्रिया और अंतिम क्षेत्रफल का निर्णय अभी यूपीडा स्तर से होना है। औद्योगिक गलियारा बनने से क्षेत्र के विकास को नई दिशा मिलने की उम्मीद है। उद्योग स्थापित होने पर स्थानीय स्तर पर रोजगार के अवसर बढ़ेंगे। इससे प्रत्यक्ष के साथ ही परिवहन, दुकान, होटल, ढाबा और अन्य सेवाओं से जुड़े अप्रत्यक्ष रोजगार भी पैदा हो सकते हैं।
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क्षेत्र की भौगोलिक स्थिति भी परियोजना के लिए अनुकूल मानी जा रही है। प्रस्तावित स्थल के पास गंगा एक्सप्रेसवे और उन्नाव हाईवे हैं। ऊंचाहार-उन्नाव रेल लाइन की नजदीकी से माल ढुलाई और आवागमन आसान हो सकता है। आधुनिक रेल डिब्बा कारखाना भी पास में ही है। ऐसे में औद्योगिक इकाइयों के लिए परिवहन की सुविधा उपलब्ध रहने की संभावना है। औद्योगिक गलियारे की सूचना से आसपास के गांवों के लोगों में उत्सुकता है।
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स्थानीय युवाओं को उम्मीद है कि उद्योग स्थापित होने पर उन्हें रोजगार के लिए दूर नहीं जाना पड़ेगा। वहीं किसानों की नजर भूमि अधिग्रहण की प्रक्रिया मुआवजे और परियोजना की आगे की कार्रवाई पर रहेगी। तहसीलदार शिवम राठौड़ ने बताया कि यूपीडा की टीम ने संबंधित क्षेत्र का सर्वे किया है। औद्योगिक गलियारा विकसित करने को लेकर अंतिम निर्णय यूपीडा स्तर से लिया जाएगा।