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एम्स में नशे के आदी व मनोरोगी को इलाज की सुविधा
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रायबरेली। अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (एम्स) में मरीजों को एक और बड़ी सुविधा मिल गई है। नशे के आदी और मनो रोगियों का इलाज शुरू हो गया है।
पुराने ओपीडी भवन में मनोविज्ञान विभाग की ओर से ओपीडी संचालित की गई है। साथ ही इस बीमारी के गंभीर मरीजों को भर्ती करने के लिए पांच बेड का अलग से वार्ड तैयार करने का काम शुरू हो गया है।
मेडिकल ऑफिसर समेत चार स्टाफ भी नियुक्त किए गए हैं। अब तक इसके इलाज के लिए जिले स्तर पर कोई बंदोबस्त नहीं थे।
एम्स में न्यूरो सर्जरी, ईएनटी, पीडियाट्रिक, जनरल मेडिसिन सहित अन्य विभागों की ओपीडी के साथ ही मरीजों को भर्ती कर ऑपरेशन की सुविधा संचालित है।
विभिन्न प्रकार की जरूरी जांचें भी मरीजों को दी जा रही हैं। मनोविज्ञान विभाग की ओर से एडिक्शन ट्रीटमेंट फैसिलिटी (एटीएफ) शुरू करने का निर्णय लिया गया है।
मनोविज्ञान विभाग की ओर से मरीजों की ओपीडी पहले से ही संचालित है, लेकिन अब एटीएफ प्रोजेक्ट के माध्यम से नशे के आदी और मनो रोगी का इलाज शुरू होगा। ऐसे मरीजों को आम मरीजों से दूर रखने के लिए ओपीडी के पुराने भवन में वार्ड स्थापित करने का काम शुरू हो गया है।
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प्रोजेक्ट के लिए मेडिकल ऑफिसर के रूप में डॉ. संदीप वार्शनी, नर्स सावित्री वर्मा, काउंसलर और डाटा मैनेजर आशीष की नियुक्ति की गई है। ओपीडी के पुराने भवन में मनोविज्ञान विभाग को ही शिफ्ट किया गया है।
ऐसे मरीजों के इलाज के लिए ओपीडी का काम शुरू हो गया है। जल्द ही पांच बेड का अलग वार्ड तैयार होते ही मरीजों को भर्ती करके इलाज की सुविधा दी जाएगी। यह सुविधा मिलने के बाद ऐसे मरीजों को इलाज के लिए बड़े शहरों के चक्कर नहीं लगाने पड़ेंगे।
ओपीडी मरीजों की सुविधा के लिए 10 काउंटर खोले गए
एम्स के रजिस्ट्रार व वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारी समीर शुक्ला ने बताया कि ओपीडी में मरीजों की संख्या बढ़ने के बाद काउंटर बढ़ाकर 10 कर दिए गए हैं। फिजिकल ओपीडी में पंजीयन के लिए पांच काउंटर खोले गए हैं। इसके अलावा सीनियर सिटीजन के लिए भी एक काउंटर खोला गया है। एक काउंटर ऑनलाइन पंजीयन कराने वालों के लिए स्थापित कराया गया है। पुराने मरीजों के लिए अलग से तीन काउंटर बनाए गए हैं। सुबह साढ़े आठ से 11 बजे तक ओपीडी के लिए पंजीयन कराया जा सकता है।
मनोविज्ञान विभाग की ओर से ओपीडी के पुराने भवन में एडिक्शन ट्रीटमेंट फैसिलिटी शुरू कराई गई है। इसके लिए मेडिकल ऑफिसर सहित चार पद भरे गए हैं। ओपीडी शुरू हो गई है। जल्द ही वार्ड स्थापित होते ही ऐसे मरीजों को भर्ती करके इलाज की सुविधा दी जाएगी।
डॉ. अर्घ्य पाल, असिस्टेंट प्रोफेसर/ नोडल एटीएफ
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पुराने ओपीडी भवन में मनोविज्ञान विभाग की ओर से ओपीडी संचालित की गई है। साथ ही इस बीमारी के गंभीर मरीजों को भर्ती करने के लिए पांच बेड का अलग से वार्ड तैयार करने का काम शुरू हो गया है।
मेडिकल ऑफिसर समेत चार स्टाफ भी नियुक्त किए गए हैं। अब तक इसके इलाज के लिए जिले स्तर पर कोई बंदोबस्त नहीं थे।
एम्स में न्यूरो सर्जरी, ईएनटी, पीडियाट्रिक, जनरल मेडिसिन सहित अन्य विभागों की ओपीडी के साथ ही मरीजों को भर्ती कर ऑपरेशन की सुविधा संचालित है।
विभिन्न प्रकार की जरूरी जांचें भी मरीजों को दी जा रही हैं। मनोविज्ञान विभाग की ओर से एडिक्शन ट्रीटमेंट फैसिलिटी (एटीएफ) शुरू करने का निर्णय लिया गया है।
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मनोविज्ञान विभाग की ओर से मरीजों की ओपीडी पहले से ही संचालित है, लेकिन अब एटीएफ प्रोजेक्ट के माध्यम से नशे के आदी और मनो रोगी का इलाज शुरू होगा। ऐसे मरीजों को आम मरीजों से दूर रखने के लिए ओपीडी के पुराने भवन में वार्ड स्थापित करने का काम शुरू हो गया है।
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प्रोजेक्ट के लिए मेडिकल ऑफिसर के रूप में डॉ. संदीप वार्शनी, नर्स सावित्री वर्मा, काउंसलर और डाटा मैनेजर आशीष की नियुक्ति की गई है। ओपीडी के पुराने भवन में मनोविज्ञान विभाग को ही शिफ्ट किया गया है।
ऐसे मरीजों के इलाज के लिए ओपीडी का काम शुरू हो गया है। जल्द ही पांच बेड का अलग वार्ड तैयार होते ही मरीजों को भर्ती करके इलाज की सुविधा दी जाएगी। यह सुविधा मिलने के बाद ऐसे मरीजों को इलाज के लिए बड़े शहरों के चक्कर नहीं लगाने पड़ेंगे।
ओपीडी मरीजों की सुविधा के लिए 10 काउंटर खोले गए
एम्स के रजिस्ट्रार व वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारी समीर शुक्ला ने बताया कि ओपीडी में मरीजों की संख्या बढ़ने के बाद काउंटर बढ़ाकर 10 कर दिए गए हैं। फिजिकल ओपीडी में पंजीयन के लिए पांच काउंटर खोले गए हैं। इसके अलावा सीनियर सिटीजन के लिए भी एक काउंटर खोला गया है। एक काउंटर ऑनलाइन पंजीयन कराने वालों के लिए स्थापित कराया गया है। पुराने मरीजों के लिए अलग से तीन काउंटर बनाए गए हैं। सुबह साढ़े आठ से 11 बजे तक ओपीडी के लिए पंजीयन कराया जा सकता है।
मनोविज्ञान विभाग की ओर से ओपीडी के पुराने भवन में एडिक्शन ट्रीटमेंट फैसिलिटी शुरू कराई गई है। इसके लिए मेडिकल ऑफिसर सहित चार पद भरे गए हैं। ओपीडी शुरू हो गई है। जल्द ही वार्ड स्थापित होते ही ऐसे मरीजों को भर्ती करके इलाज की सुविधा दी जाएगी।
डॉ. अर्घ्य पाल, असिस्टेंट प्रोफेसर/ नोडल एटीएफ