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Raebareli News: एम्स में दुधमुंही बच्ची की पहली सर्जरी
Wed, 05 Nov 2025 01:25 AM IST
लखनऊ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, रायबरेली
संवाद न्यूज एजेंसी, रायबरेली
Updated Wed, 05 Nov 2025 01:25 AM IST
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रायबरेली। राष्ट्रीय बाल स्वास्थ्य कार्यक्रम (आरबीएसके) के तहत अब चयनित बच्चों को ऑपरेशन के लिए दूसरे जिलों में नहीं ले जाना पड़ेगा। अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (एम्स) में योजना के तहत ऑपरेशन की सुविधा मिल गई है। बीते सोमवार को एम्स के न्यूरोलॉजी विभाग में एक माह व 20 दिन की बच्ची की निशुल्क सर्जरी की गई। न्यूरो और दिल में छेद सहित अन्य मामलों में बच्चों की सर्जरी यहां हो सकेगी।
आरबीएसके योजना के तहत स्वास्थ्य विभाग की टीमें स्कूलों में जाकर बच्चों का इलाज करती हैं। गंभीर बच्चों को अस्पतालाें में इलाज के लिए रेफर करती हैं। इसके अलावा कटे-फटे ओंठ, दिल में छेद, न्यूरो संबंधी बच्चों को चयनित करके उनकी निशुल्क सर्जरी कराई जाती है। चयनित बच्चों को अब तक अलीगढ़, बीएचयू या झांसी मेडिकल सर्जरी के लिए ले जाया जाता था। ऐसे में बच्चों के साथ ही उनके परिवार के लोगों को परेशान होना पड़ता था।
इस समस्या से निजात दिलाने के लिए अब एम्स में ही योजना के तहत बच्चों की निशुल्क सर्जरी की व्यवस्था कर दी गई है। न्यूरो से संबंधित समस्या से ग्रसित एक माह 20 दिन की बच्ची का चयन सर्जरी के लिए किया गया। बच्ची को जन्मजात रीढ़ की हड्डी में समस्या थी। इसमें कई नसें आपस में जुड़ी रहती हैं, जिन्हें ऑपरेशन के जरिये सही किया गया।
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न्यूरोलॉजी विभाग के चिकित्सक डॉ. सुयश सिंह की टीम ने बच्ची का निशुल्क ऑपरेशन किया है। अब जो भी बच्चे योजना के तहत चयनित किए जाएंगे, उनका ऑपरेशन एम्स में ही कराया जाएगा।
राष्ट्रीय बाल स्वास्थ्य कार्यक्रम के तहत चयनित बच्चों को ऑपरेशन के लिए अब तक झांसी, अलीगढ़ या बीएचयू ले जाना पड़ता था। अब यह सुविधा एम्स में शुरू हो गई है।
- डॉ. नवीनचंद्रा, सीएमओ रायबरेली
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आरबीएसके योजना के तहत स्वास्थ्य विभाग की टीमें स्कूलों में जाकर बच्चों का इलाज करती हैं। गंभीर बच्चों को अस्पतालाें में इलाज के लिए रेफर करती हैं। इसके अलावा कटे-फटे ओंठ, दिल में छेद, न्यूरो संबंधी बच्चों को चयनित करके उनकी निशुल्क सर्जरी कराई जाती है। चयनित बच्चों को अब तक अलीगढ़, बीएचयू या झांसी मेडिकल सर्जरी के लिए ले जाया जाता था। ऐसे में बच्चों के साथ ही उनके परिवार के लोगों को परेशान होना पड़ता था।
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इस समस्या से निजात दिलाने के लिए अब एम्स में ही योजना के तहत बच्चों की निशुल्क सर्जरी की व्यवस्था कर दी गई है। न्यूरो से संबंधित समस्या से ग्रसित एक माह 20 दिन की बच्ची का चयन सर्जरी के लिए किया गया। बच्ची को जन्मजात रीढ़ की हड्डी में समस्या थी। इसमें कई नसें आपस में जुड़ी रहती हैं, जिन्हें ऑपरेशन के जरिये सही किया गया।
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न्यूरोलॉजी विभाग के चिकित्सक डॉ. सुयश सिंह की टीम ने बच्ची का निशुल्क ऑपरेशन किया है। अब जो भी बच्चे योजना के तहत चयनित किए जाएंगे, उनका ऑपरेशन एम्स में ही कराया जाएगा।
राष्ट्रीय बाल स्वास्थ्य कार्यक्रम के तहत चयनित बच्चों को ऑपरेशन के लिए अब तक झांसी, अलीगढ़ या बीएचयू ले जाना पड़ता था। अब यह सुविधा एम्स में शुरू हो गई है।
- डॉ. नवीनचंद्रा, सीएमओ रायबरेली