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1406 प्रधानमंत्री आवासों में गड़बड़झाले की जांच कराएंगे एसडीएम
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गड़बड़झाले को लेकर प्रकाशित खबर।
- फोटो : RAIBARAILY
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रायबरेली। शासन स्तर पर जिले के 1406 प्रधानमंत्री आवासों में घोटाला सामने आने पर जिले में जांच पड़ताल शुरू हो गई है। खंड विकास अधिकारियों को जांच के आदेश देने के साथ ही डीएम ने सभी एसडीएम को भी सत्यापन कराने के आदेश दिए हैं।
शासन स्तर पर प्रधानमंत्री आवास के लाभार्थियों और भुगतान पाने वाले अलग-अलग मिलने के बाद जांच के आदेश दिए गए हैं। हालांकि ब्लॉकों में मनमानी करने वाले अधिकारियों और कर्मचारियों में हड़कंप है।
जिले में वर्ष 2016-17 से वर्ष 2020-21 के बीच जिले में 35 हजार से अधिक गरीबों को पीएम आवास के लिए किस्तें दी गई हैं। लाभार्थी के ऑनलाइन चयन और भुगतान की प्रक्रिया होने के कारण लाभार्थियों और भुगतान पाने करने वालों में अंतर सामने आया है। 1406 लाभार्थियों के नाम आवास का पंजीकरण हुआ, उनके विपरीत दूसरे नाम के बैंक के खातों में आवास के लिए किस्तें भेजी गई हैं।
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जांच में मामला सामने आते ही हड़कंप मच गया। शासन ने एक-एक आवास की जांच करके रिपोर्ट देने के आदेश दिए हैं। मामले में सभी खंड विकास अधिकारियों को अपने-अपने ब्लॉकों में जांच करके पूरी रिपोर्ट देने के आदेश पहले ही दिए गए थे। हालांकि खंड विकास अधिकारी मामले को दबाने में जुटे हैं। मामले में डीएम ने सभी एसडीएम को पत्र भेजकर जांच के आदेश दिए हैं।
पांच साल में कहां कितने आवासों में खेल
ब्लॉक आवासों की संख्या
सलोन 190
राही 132
सरेनी 114
डीह 115
डलमऊ 112
छतोह 107
ऊंचाहार 47
शिवगढ़ 37
सतांव 56
रोहनियां 51
महराजगंज 87
लालगंज 35
खीरों 77
जगतपुर 55
हरचंदपुर 79
गौरा 38
बछरावां 33
अमावां 40
कुल 1406
जिले में प्रधानमंत्री आवास योजना के पिछले पांच साल में करीब 1406 आवासों के लाभार्थियों और बैंक खातों के नाम में अंतर मिला है। बीडीओ से सत्यापन करवाया जा रहा है। डीएम के स्तर से भी एसडीएम के माध्यम से सत्यापन के आदेश दिए गए हैं।
- प्रेमचंद्र पटेल, परियोजना निदेशक, डीआरडीए
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शासन स्तर पर प्रधानमंत्री आवास के लाभार्थियों और भुगतान पाने वाले अलग-अलग मिलने के बाद जांच के आदेश दिए गए हैं। हालांकि ब्लॉकों में मनमानी करने वाले अधिकारियों और कर्मचारियों में हड़कंप है।
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जिले में वर्ष 2016-17 से वर्ष 2020-21 के बीच जिले में 35 हजार से अधिक गरीबों को पीएम आवास के लिए किस्तें दी गई हैं। लाभार्थी के ऑनलाइन चयन और भुगतान की प्रक्रिया होने के कारण लाभार्थियों और भुगतान पाने करने वालों में अंतर सामने आया है। 1406 लाभार्थियों के नाम आवास का पंजीकरण हुआ, उनके विपरीत दूसरे नाम के बैंक के खातों में आवास के लिए किस्तें भेजी गई हैं।
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जांच में मामला सामने आते ही हड़कंप मच गया। शासन ने एक-एक आवास की जांच करके रिपोर्ट देने के आदेश दिए हैं। मामले में सभी खंड विकास अधिकारियों को अपने-अपने ब्लॉकों में जांच करके पूरी रिपोर्ट देने के आदेश पहले ही दिए गए थे। हालांकि खंड विकास अधिकारी मामले को दबाने में जुटे हैं। मामले में डीएम ने सभी एसडीएम को पत्र भेजकर जांच के आदेश दिए हैं।
पांच साल में कहां कितने आवासों में खेल
ब्लॉक आवासों की संख्या
सलोन 190
राही 132
सरेनी 114
डीह 115
डलमऊ 112
छतोह 107
ऊंचाहार 47
शिवगढ़ 37
सतांव 56
रोहनियां 51
महराजगंज 87
लालगंज 35
खीरों 77
जगतपुर 55
हरचंदपुर 79
गौरा 38
बछरावां 33
अमावां 40
कुल 1406
जिले में प्रधानमंत्री आवास योजना के पिछले पांच साल में करीब 1406 आवासों के लाभार्थियों और बैंक खातों के नाम में अंतर मिला है। बीडीओ से सत्यापन करवाया जा रहा है। डीएम के स्तर से भी एसडीएम के माध्यम से सत्यापन के आदेश दिए गए हैं।
- प्रेमचंद्र पटेल, परियोजना निदेशक, डीआरडीए