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‘तीन घंटे से खड़े हैं साहब, डॉक्टर नहीं आए’
Raebareli
Updated Sun, 15 Jun 2014 05:31 AM IST
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रायबरेली। साहब, बीमार पिता के गले में तकलीफ है। सुबह से लाइन में खड़े हैं। तीन घंटे हो चुके हैं, लेकिन डॉक्टर नहीं आए। आपके आने की सूचना मिली तो अभी आकर बैठे हैं। बिना मरीजों को देखे ही नाम भी रजिस्टर में चढ़ा लिया। बुजुर्ग पिता को इलाज के लिए जिला अस्पताल लेकर आए बहराना निवासी यूसुफ ने निरीक्षण पर निकले जिलाधिकारी महेंद्र कुमार से जब यह शिकायत की तो वे तमतमाए। अव्यवस्था पर प्रभारी सीएमएस और डॉक्टरों पर जमकर बरसे। कहा कि स्वास्थ्य सेवाएं नहीं सुधरीं और रोगियों का इलाज बेहतर ढंग से नहीं किया गया तो सभी कार्रवाई के लिए तैयार रहें। हर हाल में डॉक्टर कक्षों में समय से बैठना शुरू करें।
जिले में कार्यभार संभालने के बाद जिलाधिकारी महेंद्र कुमार ने शनिवार को जिला अस्पताल और महिला जिला अस्पताल में स्वास्थ्य सेवाओं की जानकारी ली। यहां उन्हें तमाम अव्यवस्थाएं देखने को मिलीं। डीएम ने दवा काउंटर और उपस्थिति रजिस्टर देखा। इसके बाद ओपीडी का जायजा लेने पहुंचे। यहां डॉ. एससी श्रीवास्तव के कक्ष के सामने मरीजों की भीड़ लगी थी। जिलाधिकारी कक्ष में प्रवेश कर रहे थे, तभी बहराना के रहने वाले यूसुफ ने उन्हें आवाज दी। डीएम पलटे तो यूसुफ ने बताया कि उसके पिता साहिद (65) के गले में परेशानी है। सुबह नौ बजे से वह बुजुर्ग पिता को लेकर डॉ. एससी श्रीवास्तव के कक्ष के सामने खड़ा है। पर्चा भी लगा दिया। साढ़े बारह बजे तक डॉ. श्रीवास्तव ओपीडी में नहीं आए। उनके पिता की पीड़ा सहन नहीं हो रही है। यूसुफ ने यह भी बताया कि डीएम के निरीक्षण की खबर मिलते ही डॉक्टर अपनी कुर्सी पर आकर बैठ गए। मरीजों को नहीं देखा लेकिन रजिस्टर में उनकी इंट्री कर दी। इसी तरह इमरजेंसी वार्ड में भी जिलाधिकारी से डॉक्टरों की मनमानी की शिकायत की गई। बेड नंबर पांच पर भर्ती भगवान बाजपेई (72) की बुजुर्ग पत्नी उर्मिला ने बताया कि दो दिन से भर्ती हैं। नर्स आती है और ग्लूकोज लगाकर चली जाती है। डॉक्टर उसके पिता को देखने नहीं आ रहे हैं। यही नहीं निरीक्षण में आॅपरेशन थियेटर में मशीन खराब मिली। इस पर डीएम ने नाराजगी जताई। इसके बाद जिलाधिकारी ने महिला अस्पताल का भी जायजा लिया। कई डॉक्टर अपनी सीट पर नहीं मिले। यहां भी व्यवस्थाएं बदहाल मिलीं। डीएम ने सभी को चेतावनी देकर सुधरने को कहा। डीएम ने कहा कि जल्दी ही सभी डॉक्टरों की बैठक बुलाई जाएगी।
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जिले में कार्यभार संभालने के बाद जिलाधिकारी महेंद्र कुमार ने शनिवार को जिला अस्पताल और महिला जिला अस्पताल में स्वास्थ्य सेवाओं की जानकारी ली। यहां उन्हें तमाम अव्यवस्थाएं देखने को मिलीं। डीएम ने दवा काउंटर और उपस्थिति रजिस्टर देखा। इसके बाद ओपीडी का जायजा लेने पहुंचे। यहां डॉ. एससी श्रीवास्तव के कक्ष के सामने मरीजों की भीड़ लगी थी। जिलाधिकारी कक्ष में प्रवेश कर रहे थे, तभी बहराना के रहने वाले यूसुफ ने उन्हें आवाज दी। डीएम पलटे तो यूसुफ ने बताया कि उसके पिता साहिद (65) के गले में परेशानी है। सुबह नौ बजे से वह बुजुर्ग पिता को लेकर डॉ. एससी श्रीवास्तव के कक्ष के सामने खड़ा है। पर्चा भी लगा दिया। साढ़े बारह बजे तक डॉ. श्रीवास्तव ओपीडी में नहीं आए। उनके पिता की पीड़ा सहन नहीं हो रही है। यूसुफ ने यह भी बताया कि डीएम के निरीक्षण की खबर मिलते ही डॉक्टर अपनी कुर्सी पर आकर बैठ गए। मरीजों को नहीं देखा लेकिन रजिस्टर में उनकी इंट्री कर दी। इसी तरह इमरजेंसी वार्ड में भी जिलाधिकारी से डॉक्टरों की मनमानी की शिकायत की गई। बेड नंबर पांच पर भर्ती भगवान बाजपेई (72) की बुजुर्ग पत्नी उर्मिला ने बताया कि दो दिन से भर्ती हैं। नर्स आती है और ग्लूकोज लगाकर चली जाती है। डॉक्टर उसके पिता को देखने नहीं आ रहे हैं। यही नहीं निरीक्षण में आॅपरेशन थियेटर में मशीन खराब मिली। इस पर डीएम ने नाराजगी जताई। इसके बाद जिलाधिकारी ने महिला अस्पताल का भी जायजा लिया। कई डॉक्टर अपनी सीट पर नहीं मिले। यहां भी व्यवस्थाएं बदहाल मिलीं। डीएम ने सभी को चेतावनी देकर सुधरने को कहा। डीएम ने कहा कि जल्दी ही सभी डॉक्टरों की बैठक बुलाई जाएगी।
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