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गतिरोध समाप्त करने के लिए समिति का गठन
Raebareli
Updated Wed, 09 Apr 2014 05:30 AM IST
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रायबरेली। दीवानी कचहरी में महिला अधिवक्ताओं के चैंबर हटाने और विस्थापित वकीलों को टीनशेड लगाने की अनुमति नहीं देने के विरोध में वकीलों के कार्य बहिष्कार को लेकर चले आ रहे गतिरोध को रोकने के लिए जिला जज ने पहल की है।
जिला जज शैलेंद्र कुमार अग्रवाल ने समिति का गठन करते हुए अधिवक्ताओं को 9 अप्रैल को वार्ता के लिए बुलाया है। समिति में एडीजे प्रथम जनार्दन सिंह, एडीजे द्वितीय दिलीप कुमार श्रीवास्तव, सिविल जज सीनियर डिवीजन सर्वेश पांडेय और सीजेएम दिनेश कुमार मिश्रा शामिल है। गौरतलब है कि 31 मार्च से लगातार वकीलों का कार्य बहिष्कार जारी है। उधर, अधिवक्ता संघर्ष समिति ने बैठक कर हड़ताल को प्रभावी बनाने की चर्चा की। समिति सदस्य लक्ष्मी नारायण, वीरेंद्रनाथ, डीपी पाल, यूपी सिंह, शिवकुमार शुक्ला, गोपाल स्वरूप, रामबरन सिंह, ओपी यादव ने कहा कि यदि मांगों को पूरा नहीं किया तो हड़ताल को तेज किया जाएगा। संघर्ष समिति संयोजक डीपी पाल ने हाईकोर्ट के मुख्य न्यायाधीश को फैक्स कर समस्या के निदान के लिए वार्ता का समय मांगा है।
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जिला जज शैलेंद्र कुमार अग्रवाल ने समिति का गठन करते हुए अधिवक्ताओं को 9 अप्रैल को वार्ता के लिए बुलाया है। समिति में एडीजे प्रथम जनार्दन सिंह, एडीजे द्वितीय दिलीप कुमार श्रीवास्तव, सिविल जज सीनियर डिवीजन सर्वेश पांडेय और सीजेएम दिनेश कुमार मिश्रा शामिल है। गौरतलब है कि 31 मार्च से लगातार वकीलों का कार्य बहिष्कार जारी है। उधर, अधिवक्ता संघर्ष समिति ने बैठक कर हड़ताल को प्रभावी बनाने की चर्चा की। समिति सदस्य लक्ष्मी नारायण, वीरेंद्रनाथ, डीपी पाल, यूपी सिंह, शिवकुमार शुक्ला, गोपाल स्वरूप, रामबरन सिंह, ओपी यादव ने कहा कि यदि मांगों को पूरा नहीं किया तो हड़ताल को तेज किया जाएगा। संघर्ष समिति संयोजक डीपी पाल ने हाईकोर्ट के मुख्य न्यायाधीश को फैक्स कर समस्या के निदान के लिए वार्ता का समय मांगा है।
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