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Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Raebareli News ›   82 thousand students are studying in lantern

82 हजार विद्यार्थी लालटेन में कर रहे पढ़ाई

Mon, 15 Feb 2016 12:36 AM IST
रायबरेली/ अमर उजाला ब्यूरो
रायबरेली/ अमर उजाला ब्यूरो Updated Mon, 15 Feb 2016 12:36 AM IST
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यूपी बोर्ड की हाईस्कूल और इंटरमीडिएट की परीक्षा सिर पर है। तकरीबन 88 हजार परीक्षार्थी अच्छे नंबर लाने के लिए तैयारी में जुटे हैं। लेकिन विद्युत आपूर्ति व्यवस्था उनके प्रयास में बाधक बनी है।
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हालात ये हैं कि ग्रामीण अंचल से जुड़े करीब 82 हजार विद्यार्थी लालटेन की रोशनी में पढ़ने को मजबूर हैं। इसकी प्रमुख वजह ग्रामीण क्षेत्रों में मात्र पांच घंटे विद्युत आपूर्ति होना है।
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बिजली की आंख मिचौली से परीक्षार्थियों की पढ़ाई चौपट हो रही है। यही नहीं केरोसिन की समस्या से भी जूझना पड़ रहा है।

जिले में इस बार हाईस्कूल और इंटर के करीब 87,288 छात्र-छात्राओं ने बोर्ड परीक्षा का फॉर्म भरा है। शहरी क्षेत्र के करीब पांच हजार छात्र-छात्राओं को छोड़ दें तो बाकी ग्रामीण अंचलों से जुड़े हैं।
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परीक्षा की तिथि जैसे-जैसे नजदीक आ रही है, वैसे-वैसे परीक्षार्थियों पर पढ़ाई का दबाव बढ़ता जा रहा है। इसकी वजह भरपूर और समय से बिजली न मिलना है।

ज्ञान अर्जन और पढ़ाई का सबसे बेहतर समय शाम और सुबह का बताया गया है, लेकिन इस समय परीक्षार्थियों को बिजली नहीं मिल पा रही है। ज्यादातर गांव शाम होते ही अंधेरे में डूब जाते हैं।

कहीं शाम और सुबह का शेड्यूल है तो इसमें ट्रिपिंग या फिर फॉल्ट की समस्या आड़े आ रही है। ग्रामीणों के अनुसार गांव के हिस्से में पांच से छह घंटे ही बिजली ही आ पा रही है।

महराजगंज उपकेंद्र से शाम सात से रात दो बजे और फिर सुबह छह से दोपहर 12 बजे तक बिजली देने का शेड्यूल है। लेकिन फॉल्ट के बहाने रोज शाम को बत्ती काट दी जाती है।

सलोन सब स्टेशन से निकले आठ फीडरों को दोपहर तीन बजे से रात में 10 बजे और फिर सुबह पांच बजे से 10 बजे तक कई खंडों में आपूर्ति की जा रही है।

हालात यह हैं कि किसी भी गांव के हिस्से छह घंटे से अधिक बिजली नहीं आ रही है। यही हाल डलमऊ उपकेंद्र से जुड़े गांवों का भी है।

शाम और सुबह बिजली न मिलने से छात्र-छात्राओं को परीक्षा की तैयारी में मुश्किलों का सामना करना पड़ रहा है। यही नहीं बिजली की समस्या से जूझ रहे परीक्षाओं को केरोसिन के संकट का भी समाना करना पड़ रहा है।

 इससे न सिर्फ परीक्षार्थी परेशान हैं, बल्कि अभिभावकों में भी बच्चों के भविष्य को लेकर चिंता है। बोर्ड परीक्षा के दौरान बिजली समस्या से आ रही परेशानियों ने परीक्षार्थियों की मुश्किलें बढ़ा दी हैं।

मटका के सतीश अग्रहरि, अंतिमा मौर्या, नेवाजगंज की नगमा, प्रिया, जगतपुर क्षेत्र के महादेवन निवासी रामजीवन, रोहनिया क्षेत्र के ऐहारी बुजुर्ग निवासी बुधेंद्र सिंह आदि छात्र-छात्राओं का कहना है कि पूरे साल पढ़ाई की।


यह समय कोर्स दोहराने का है। लेकिन बिजली न मिलने से इसमें परेशानी आ रही है। ऐसे ही रहा तो पूरे साल की पढ़ाई चौपट हो सकती है।

विद्युत वितरण खंड प्रथम व द्वितीय के एक्सईएन अशोक कुमार व विवेक खन्ना का कहना है कि बोर्ड परीक्षा के मद्देनजर शासन स्तर से विद्युत आपूर्ति को लेकर कोई दिशा-निर्देश नहीं मिले हैं।

पहले से तय शेड्यूल से आपूर्ति की जा रही है। आपूर्ति में आने वाली समस्याओं को तत्काल दूर करने के निर्देश दिए गए हैं। 
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