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50 हजार घरों की बत्ती गुल
अमर उजाला ब्यूरो/ रायबरेली
Updated Thu, 05 May 2016 12:24 AM IST
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रायबरेली इंदिरा नगर कॉलोनी में छत पर बिजली गिरने से टूटे एंगल को दिखाता युवक।
- फोटो : अमर उजाला
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जिले में मंगलवार रात आई आंधी व बूंदाबांदी के कारण बिजली व्यवस्था पटरी से उतर गई। तीन ब्लॉक क्षेत्रों में पूरी तरह से आपूर्ति ठप है। जिससे 50 हजार घरों की बत्ती गुल है। वहीं शहर समेत अन्य ब्लॉक क्षेत्रों में रातभर आपूर्ति ठप रही।
इससे उपभोक्ताओं को परेशानी का सामना करना पड़ा। कहीं पर तार टूटे तो कहीं पर फॉल्ट के चलते समस्या आई। यही नहीं बिजली गिरने से दीवारें दरक गई। विद्युत उपकरण फुंकने के साथ वायरिंग जल गई। विभागीय अफसरों का दावा है कि फॉल्ट ठीक करके आपूर्ति को बहाल करने का प्रयास किया जा रहा है।
मंगलवार रात आंधी-पानी से शहर के कई मोहल्लों की बिजली गुल रही। गोराबाजार के पास फॉल्ट आने से कई घंटों बिजली गुल रही। इसी तरह तिलियाकोट, प्रगतिपुरम्, इंदिरा नगर उपकेंद्र से जुड़े उपभोक्ताओं को ट्रिपिंग की समस्या से जूझना पड़ा।
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सबसे खराब हालत ग्रामीण अंचलों की रही। महराजगंज, डलमऊ, सलोन, डीह, सतांव के उपभोक्ताओं को रात 11 बजे के बाद बिजली नहीं मिली। पारेषण केंद्र डलमऊ से गदागंज, उतरपारा विद्युत उपकेंद्र जाने वाली के ऊपर पर मुराईबाग के पास सफेदा का पेड़ गिरने से रात भर दोनों उपकेंद्रों को बिजली नहीं मिल सकी।
रातभर लोग बिजली का इंतजार ही करते रहे। दीनशाह गौरा, ऊंचाहार, अमावां ब्लॉक क्षेत्र में कई जगह खंभे और तार टूटने की वजह से बिजली आपूर्ति बहाल नहीं हो सकी है। इन ब्लॉक क्षेत्रों में करीब 50 हजार उपभोक्ता हैं। उपभोक्ता रामदुलारे, सियाराम, अनुराग कश्यप का कहना है कि आपूर्ति बाधित होने से परेशानी हो रही है।
शहर के इंदिरा नगर निवासी एवं खंड शिक्षा अधिकारी सलोन नरेंद्र देव मिश्र के घर रात में बिजली गिर गई। इससे दीवारें दरक गई। खंड शिक्षा अधिकारी और उनके परिवार के लोग बाल-बाल बच गए।
गदागंज थाना क्षेत्र के सुदामापुर गांव निवासी रियाज के घर पर बिजली गिर गई। इससे टीवी, पंखा, फ्रिज के अलावा वायरिंग जल गई। घर के अंदर धुआं फैल गया। इससे अफरातफरी मच गई। घर के अंदर सो रही रियाज की पत्नी नाजिया बानो और बेटा सुहैल बाल-बाल बच गए। यही नहीं दीवारें दरक गई। पीड़ित ने बताया कि एक लाख रुपये का नुकसान हुआ है।
उपभोक्ताओं को निर्बाध बिजली मिले, इसके लिए शासन से हर साल करोड़ों रुपये भेजे जाते हैं, लेकिन पावर कॉर्पोरेशन के अधिकारी धन का बंदरबाट करके अपनी जेबें भरते हैं। यही कारण है कि आंधी से पूरी बिजली व्यवस्था पटरी से उतर जाती है। इसके बावजूद उच्चाधिकारी इस ओर ध्यान नहीं देते हैं।
बूंदाबांदी के कारण गेहूं की फसल नरम हो गई। इससे किसान गेहूं की फसल की मड़ाई का कार्य नहीं कर सके। राही ब्लॉक क्षेत्र के लाला का पुरवा, मटिहा, खागीपुर सड़वा, सैदनपुर, बिनोहरा आदि गांवों में कुछ किसान अभी तक गेहूं की फसल की मड़ाई का कार्य नहीं कर पाए हैं।
किसान पवन द्विवेदी, उमेश त्रिवेदी, अनुज यादव का कहना है कि फसल नरम थी। इसलिए मड़ाई का कार्य बाधित रहा। पावर कॉर्पोरेशन के अधीक्षण अभियंता एके श्रीवास्तव ने बताया कि ग्रामीण अंचलों की लाइनों में आंधी और बूंदाबांदी के फॉल्ट आया है, जिन्हें ठीक कराने के निर्देश दिए गए हैं। जहां पर आपूर्ति शुरू हो गई, वहां पर अतिरिक्त बिजली दी जा रही है।
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इससे उपभोक्ताओं को परेशानी का सामना करना पड़ा। कहीं पर तार टूटे तो कहीं पर फॉल्ट के चलते समस्या आई। यही नहीं बिजली गिरने से दीवारें दरक गई। विद्युत उपकरण फुंकने के साथ वायरिंग जल गई। विभागीय अफसरों का दावा है कि फॉल्ट ठीक करके आपूर्ति को बहाल करने का प्रयास किया जा रहा है।
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मंगलवार रात आंधी-पानी से शहर के कई मोहल्लों की बिजली गुल रही। गोराबाजार के पास फॉल्ट आने से कई घंटों बिजली गुल रही। इसी तरह तिलियाकोट, प्रगतिपुरम्, इंदिरा नगर उपकेंद्र से जुड़े उपभोक्ताओं को ट्रिपिंग की समस्या से जूझना पड़ा।
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सबसे खराब हालत ग्रामीण अंचलों की रही। महराजगंज, डलमऊ, सलोन, डीह, सतांव के उपभोक्ताओं को रात 11 बजे के बाद बिजली नहीं मिली। पारेषण केंद्र डलमऊ से गदागंज, उतरपारा विद्युत उपकेंद्र जाने वाली के ऊपर पर मुराईबाग के पास सफेदा का पेड़ गिरने से रात भर दोनों उपकेंद्रों को बिजली नहीं मिल सकी।
रातभर लोग बिजली का इंतजार ही करते रहे। दीनशाह गौरा, ऊंचाहार, अमावां ब्लॉक क्षेत्र में कई जगह खंभे और तार टूटने की वजह से बिजली आपूर्ति बहाल नहीं हो सकी है। इन ब्लॉक क्षेत्रों में करीब 50 हजार उपभोक्ता हैं। उपभोक्ता रामदुलारे, सियाराम, अनुराग कश्यप का कहना है कि आपूर्ति बाधित होने से परेशानी हो रही है।
शहर के इंदिरा नगर निवासी एवं खंड शिक्षा अधिकारी सलोन नरेंद्र देव मिश्र के घर रात में बिजली गिर गई। इससे दीवारें दरक गई। खंड शिक्षा अधिकारी और उनके परिवार के लोग बाल-बाल बच गए।
गदागंज थाना क्षेत्र के सुदामापुर गांव निवासी रियाज के घर पर बिजली गिर गई। इससे टीवी, पंखा, फ्रिज के अलावा वायरिंग जल गई। घर के अंदर धुआं फैल गया। इससे अफरातफरी मच गई। घर के अंदर सो रही रियाज की पत्नी नाजिया बानो और बेटा सुहैल बाल-बाल बच गए। यही नहीं दीवारें दरक गई। पीड़ित ने बताया कि एक लाख रुपये का नुकसान हुआ है।
उपभोक्ताओं को निर्बाध बिजली मिले, इसके लिए शासन से हर साल करोड़ों रुपये भेजे जाते हैं, लेकिन पावर कॉर्पोरेशन के अधिकारी धन का बंदरबाट करके अपनी जेबें भरते हैं। यही कारण है कि आंधी से पूरी बिजली व्यवस्था पटरी से उतर जाती है। इसके बावजूद उच्चाधिकारी इस ओर ध्यान नहीं देते हैं।
बूंदाबांदी के कारण गेहूं की फसल नरम हो गई। इससे किसान गेहूं की फसल की मड़ाई का कार्य नहीं कर सके। राही ब्लॉक क्षेत्र के लाला का पुरवा, मटिहा, खागीपुर सड़वा, सैदनपुर, बिनोहरा आदि गांवों में कुछ किसान अभी तक गेहूं की फसल की मड़ाई का कार्य नहीं कर पाए हैं।
किसान पवन द्विवेदी, उमेश त्रिवेदी, अनुज यादव का कहना है कि फसल नरम थी। इसलिए मड़ाई का कार्य बाधित रहा। पावर कॉर्पोरेशन के अधीक्षण अभियंता एके श्रीवास्तव ने बताया कि ग्रामीण अंचलों की लाइनों में आंधी और बूंदाबांदी के फॉल्ट आया है, जिन्हें ठीक कराने के निर्देश दिए गए हैं। जहां पर आपूर्ति शुरू हो गई, वहां पर अतिरिक्त बिजली दी जा रही है।