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पथरी के 65 रोगियों में गंभीर मिले 35 मरीज एम्स रेफर
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सलोन (रायबरेली)। अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (एम्स) के यूरोलॉजी और कम्यूनिटी मेडिसिन विभाग की ओर से गुरुवार को सलोन सीएचसी में पथरी के रोगियों की जांच के लिए कैंप लगाया गया।
कैंप में किडनी व गुर्दे में होने वाली पथरी के मरीजों की जांच की गई। 65 पथरी के रोगियों की जांच में गंभीर मिले 35 मरीजों को एम्स रेफर किया गया।
शिविर में यूरोलॉजी विभाग के चिकित्सक डॉ. अमित मिश्रा व कम्यूनिटी मेडिसिन विभाग के चिकित्सक डॉ. सौरभ पाल ने मरीजों को पथरी रोग से बचाव व उसके उत्पन्न के कारणों के बारे में जागरूक किया।
बताया कि मूत्र में अनेक विघटित तत्व एवं लवण होते है। जब यह तत्व व लवण मूत्र में बढ़ जाते हैं, तब पथरी व अन्य मूत्र संबंधित समस्याएं होने लगती है।
अगर समय रहते उपचार एवं परामर्श करवा लिया जाए तो बड़ी बीमारियों को टाला जा सकता है। चिकित्सा शिविर में मुख्य रूप से एम्स के डॉ. अभय सिंह, डॉ. चंद्रमौलि, डॉ. लोकेश, सुमित यादव आदि मौजूद रहे।
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कैंप में किडनी व गुर्दे में होने वाली पथरी के मरीजों की जांच की गई। 65 पथरी के रोगियों की जांच में गंभीर मिले 35 मरीजों को एम्स रेफर किया गया।
शिविर में यूरोलॉजी विभाग के चिकित्सक डॉ. अमित मिश्रा व कम्यूनिटी मेडिसिन विभाग के चिकित्सक डॉ. सौरभ पाल ने मरीजों को पथरी रोग से बचाव व उसके उत्पन्न के कारणों के बारे में जागरूक किया।
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बताया कि मूत्र में अनेक विघटित तत्व एवं लवण होते है। जब यह तत्व व लवण मूत्र में बढ़ जाते हैं, तब पथरी व अन्य मूत्र संबंधित समस्याएं होने लगती है।
अगर समय रहते उपचार एवं परामर्श करवा लिया जाए तो बड़ी बीमारियों को टाला जा सकता है। चिकित्सा शिविर में मुख्य रूप से एम्स के डॉ. अभय सिंह, डॉ. चंद्रमौलि, डॉ. लोकेश, सुमित यादव आदि मौजूद रहे।
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