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जीएसटी से करों में आएगी पारदर्शिता : सहायक आयुक्त
Updated Sun, 02 Jul 2017 05:47 AM IST
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जीएसटी से करों में आएगी पारदर्शिता : सहायक आयुक्त
जीएसटी का लक्ष्य भारत को साझा राष्ट्रीय बाजार बनाना
अमर उजाला ब्यूरो
रायबरेली। सिविल लाइंस स्थित कार्यालय में शनिवार को वस्तु एवं सेवा कर मंडल की ओर से जीएसटी दिवस मनाया गया। इसमें जीएसटी से संबंधित जानकारियां दी गईं। कहा कि, अभी तक देश में विभिन्न प्रकार के टैक्स केंद्र व राज्य सरकार द्वारा लगाए जाते थे, लेकिन जीएसटी लगने के बाद से अब पूरे देश में एक वस्तु पर एक टैक्स की दर होगी।
सहायक आयुक्त सीएन मिश्र ने करदाताओं और अधिकारियों को बताया कि केंद्र सरकार की ओर से अभी तक अलग-अलग वस्तुओं पर उत्पाद शुल्क, अतिरिक्त उत्पाद शुल्क, अतिरिक्त सीमा शुल्क, विशेष अतिरिक्त शुल्क आदि नामों से अलग-अलग शुल्क लगाए जाते थे और सेवाओं के ऊपर सेवाकर लगाया जाता था। राज्य सरकार द्वारा वैट, केंद्रीय बिक्री कर, खरीद कर, चुंगी कर, प्रवेश कर आदि नाम से टैक्स लगाए जाते थे। इसके अतिरिक्त केंद्र और राज्य सरकार द्वारा अलग-अलग प्रकार से सेस या सरचार्ज भी लगाया जाता था। लेकिन जीएसटी लगने के बाद से अब सभी तरह के कर निकल जाएंगे और अब सिर्फ एक कर जीएसटी लगेगा, जो विभिन्न वस्तुओं पर अलग-अलग होगा। जिसकी पूरे भारत में एक ही दर होगी।
उन्होंने बताया कि माल और सेवाकर (जीएसटी) पूरे देश के लिए लाभदायक व्यवस्था है। इससे सरकार और उपभोक्ताओं को लाभ होगा, इससे वस्तुओं और सेवाओं की लागत में कमी आएगी और अर्थव्यवस्था को प्रोत्साहन मिलेगा। उन्होंने बताया कि जीएसटी का लक्ष्य कर, दरों और प्रक्रियाओं में समानता लाना और आर्थिक बाधाओं को हटाकर भारत को एक साझा राष्ट्रीय बाजार बनाना है। उन्होंने बताया कि वर्तमान व्यवस्था के विपरीत जहां केंद्र और राज्यों के बीच अप्रत्यक्ष करों की विखंडित प्रकृति के कारण कुछ करों का रिफंड नहीं हो पाता था। जीएसटी व्यवस्था के अधीन निर्यात पर पूर्ण रूप से संग्रहीत कर का रिफंड होगा। कार्यक्रम में विभागीय अधिकारी ओपी आहूजा, जय निगम, पूनम गुप्ता के अलावा व्यवसायी एवं इंडियन इंडस्ट्रीज एसोसिएशन के चेयरमैन वाईके गुप्ता, सहायक आयुक्त वाणिज्य कर ललित मौर्य, पीएनबी के मुख्य प्रबंधक जय शंकर श्रीवास्तव आदि मौजूद रहे।
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जीएसटी का लक्ष्य भारत को साझा राष्ट्रीय बाजार बनाना
अमर उजाला ब्यूरो
रायबरेली। सिविल लाइंस स्थित कार्यालय में शनिवार को वस्तु एवं सेवा कर मंडल की ओर से जीएसटी दिवस मनाया गया। इसमें जीएसटी से संबंधित जानकारियां दी गईं। कहा कि, अभी तक देश में विभिन्न प्रकार के टैक्स केंद्र व राज्य सरकार द्वारा लगाए जाते थे, लेकिन जीएसटी लगने के बाद से अब पूरे देश में एक वस्तु पर एक टैक्स की दर होगी।
सहायक आयुक्त सीएन मिश्र ने करदाताओं और अधिकारियों को बताया कि केंद्र सरकार की ओर से अभी तक अलग-अलग वस्तुओं पर उत्पाद शुल्क, अतिरिक्त उत्पाद शुल्क, अतिरिक्त सीमा शुल्क, विशेष अतिरिक्त शुल्क आदि नामों से अलग-अलग शुल्क लगाए जाते थे और सेवाओं के ऊपर सेवाकर लगाया जाता था। राज्य सरकार द्वारा वैट, केंद्रीय बिक्री कर, खरीद कर, चुंगी कर, प्रवेश कर आदि नाम से टैक्स लगाए जाते थे। इसके अतिरिक्त केंद्र और राज्य सरकार द्वारा अलग-अलग प्रकार से सेस या सरचार्ज भी लगाया जाता था। लेकिन जीएसटी लगने के बाद से अब सभी तरह के कर निकल जाएंगे और अब सिर्फ एक कर जीएसटी लगेगा, जो विभिन्न वस्तुओं पर अलग-अलग होगा। जिसकी पूरे भारत में एक ही दर होगी।
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उन्होंने बताया कि माल और सेवाकर (जीएसटी) पूरे देश के लिए लाभदायक व्यवस्था है। इससे सरकार और उपभोक्ताओं को लाभ होगा, इससे वस्तुओं और सेवाओं की लागत में कमी आएगी और अर्थव्यवस्था को प्रोत्साहन मिलेगा। उन्होंने बताया कि जीएसटी का लक्ष्य कर, दरों और प्रक्रियाओं में समानता लाना और आर्थिक बाधाओं को हटाकर भारत को एक साझा राष्ट्रीय बाजार बनाना है। उन्होंने बताया कि वर्तमान व्यवस्था के विपरीत जहां केंद्र और राज्यों के बीच अप्रत्यक्ष करों की विखंडित प्रकृति के कारण कुछ करों का रिफंड नहीं हो पाता था। जीएसटी व्यवस्था के अधीन निर्यात पर पूर्ण रूप से संग्रहीत कर का रिफंड होगा। कार्यक्रम में विभागीय अधिकारी ओपी आहूजा, जय निगम, पूनम गुप्ता के अलावा व्यवसायी एवं इंडियन इंडस्ट्रीज एसोसिएशन के चेयरमैन वाईके गुप्ता, सहायक आयुक्त वाणिज्य कर ललित मौर्य, पीएनबी के मुख्य प्रबंधक जय शंकर श्रीवास्तव आदि मौजूद रहे।
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