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दो भाइयों समेत तीन को दस वर्ष का कठोर कारावास
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रायबरेली। कोर्ट ने बछरावां कोतवाली क्षेत्र से जुड़े करीब सात साल पुराने गैर इरादतन हत्या के एक मामले में दो भाइयों समेत तीन अभियुक्तों को 10-10 वर्ष के कठोर कारावास की सजा सुनाई है। साथ ही साढ़े छह-छह हजार रुपये अर्थदंड भी लगाया है। फैसला दीवानी कचहरी स्थित कोर्ट संख्या नौ के अपर सत्र न्यायाधीश राकेश कुमार तिवारी ने सोमवार को सुनाया।
अभियोजन पक्ष की ओर से पैरवी करने वाले एडीजीसी (क्रिमिनल) उमानाथ सिंह के मुताबिक मामले की रिपोर्ट बछरावां क्षेत्र के मुसाहीखेड़ा मजरे इचौली निवासी कांती ने दर्ज कराई थी। रिपोर्ट के अनुसार 26 मई 2015 की शाम करीब साढ़े सात बजे पड़ोसी बेचालाल, देवीप्रसाद व भगौती वादिनी के चाचा से उधार पैसा मांग रहे थे। वादिनी के पति मुन्नीलाल व ससुर राजाराम ने उन्हें गालियां देने से मना किया तो तीनों ने वादिनी के पति मुन्नी लाल व ससुर राजाराम को लाठी-डंडों से मारा।
मामला एनसीआर में दर्ज हुआ। इलाज के दौरान राजाराम की मौत होने की सूचना पर मुकदमा गैर इरादतन हत्या में तरमीम हुआ। पुलिस ने विवेचना के बाद बेचालाल व दो भाइयों देवीप्रसाद व भगौती के खिलाफ चार्जशीट कोर्ट में दाखिल की। कोर्ट ने दोनों पक्ष की बहस सुनने के बाद पत्रावली पर उपलब्ध साक्ष्य के आधार पर दो भाइयों समेत तीनों अभियुक्तों को सजा सुनाई।
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अभियोजन पक्ष की ओर से पैरवी करने वाले एडीजीसी (क्रिमिनल) उमानाथ सिंह के मुताबिक मामले की रिपोर्ट बछरावां क्षेत्र के मुसाहीखेड़ा मजरे इचौली निवासी कांती ने दर्ज कराई थी। रिपोर्ट के अनुसार 26 मई 2015 की शाम करीब साढ़े सात बजे पड़ोसी बेचालाल, देवीप्रसाद व भगौती वादिनी के चाचा से उधार पैसा मांग रहे थे। वादिनी के पति मुन्नीलाल व ससुर राजाराम ने उन्हें गालियां देने से मना किया तो तीनों ने वादिनी के पति मुन्नी लाल व ससुर राजाराम को लाठी-डंडों से मारा।
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मामला एनसीआर में दर्ज हुआ। इलाज के दौरान राजाराम की मौत होने की सूचना पर मुकदमा गैर इरादतन हत्या में तरमीम हुआ। पुलिस ने विवेचना के बाद बेचालाल व दो भाइयों देवीप्रसाद व भगौती के खिलाफ चार्जशीट कोर्ट में दाखिल की। कोर्ट ने दोनों पक्ष की बहस सुनने के बाद पत्रावली पर उपलब्ध साक्ष्य के आधार पर दो भाइयों समेत तीनों अभियुक्तों को सजा सुनाई।
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