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यूपी के 4 मेडिकल कॉलेजों पर लटकी तलवार
इंटरनेट डेस्क
Updated Tue, 13 Aug 2013 07:42 PM IST
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भारतीय चिकित्सा परिषद एमसीआई ने राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र एनसीआर में छह मेडिकल कॉलेजों की मान्यता रद्द करने की सिफारिश की है।
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एमसीआई ने स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय से राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र में चल रहे 6 मेडिकल कॉलेजों की मान्यता व अनुमति पत्र रद्द करने की सिफारिश की है।
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जिन मेडिकल कॉलेजों की मान्यता रद्द करने की सिफारिश की गई है। उनमें संतोष मेडिकल कॉलेज, गाजियाबाद, सुभारती मेडिकल कॉलेज, मेरठ, स्कूल ऑफ मेडिकल साइंसेज एंड रिसर्च, ग्रेटर नोएडा, सरस्वती इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल साइंसेज, हापुड श्री गुरू गोविन्द सिंह ट्राईसेनेटरी मेडिकल कॉलेज गुड़गांव, रामा मेडिकल कॉलेज, हापुड शामिल हैं।
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केन्द्रीय स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री गुलाम नबी आजाद ने मंगलवार को राज्य सभा में एक प्रश्न के उत्तर में लिखित में यह जानकारी दी।
स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय को भारतीय चिकित्सा परिषद की यह सिफारिश इस साल मई में प्राप्त हुई थी। हालांकि इसे 04 जून को फिर से जांच-पड़ताल के लिए परिषद के निदेशक मंडल के पास वापस भेज दिया गया था।
मेडिकल काउंसिल के नियमों में बदलाव
पोस्ट ग्रेजुएट मेडिकल कोर्सों में दाखिला अब उन्हीं उम्मीदवारों को मिलेगा, जिन्होंने एक साल तक ग्रामीण इलाकों में अपनी सेवा दी हो।
मेडिकल काउंसिल ऑफ इंडिया (एमसीआई) ने इसके लिए पोस्ट ग्रेजुएट मेडिकल काउंसिल के नियमों को संशोधित किया है। सरकार की ओर से पहले ही इस संशोधन को इजाजत मिल गई थी।
स्वास्थ्य और परिवार कल्याण मंत्री गुलाम नबी आजाद ने कहा कि पोस्ट ग्रेजुएट मेडेकिल पाठ्यक्रमों में अब उन्हीं उम्मीदवारों को दाखिला मिलेगा, जो ग्रामीण क्षेत्र के प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों में एक साल की सेवा दे चुके हैं।
राज्यसभा में आजाद ने यह स्वीकार किया कि कई राज्यों से राष्ट्रीय ग्रामीण हेल्थ मिशन (एनआरएचएम) के फंड के दुरुपयोग की रिपोर्ट मिली है। हालांकि यह कहना सही नहीं है कि इस स्कीम में आवंटित फंड का सही तरीके से इस्तेमाल नहीं हो रहा है।
उन्होंने कहा कि एनआरएचएम के तहत खर्च की जाने वाली रकम पर नजर रखने के लिए मंत्रालय ने निगरानी का नया तंत्र विकसित किया है।