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पुन: संशोधित. इसी फाइल का इस्तेमाल करें सभी केंद्रों के ध्यानार्थ... एसटीएफ लखनऊ की हिरासत में एनडीपीएस में वांछित युवक की मौत
Sun, 17 Mar 2024 11:57 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, प्रतापगढ़
संवाद न्यूज एजेंसी, प्रतापगढ़
Updated Sun, 17 Mar 2024 11:57 PM IST
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मृतक अजय प्रताप सिंह। फाइल फोटो
फोटो-- 29, 30
एसटीएफ लखनऊ की हिरासत में एनडीपीएस में वांछित युवक की मौत
बवाल की आशंका में सांगीपुर थाने पहुंचे एएसपी व सीओ लालगंज
संवाद न्यूज एजेंसी
सांगीपुर (प्रतापगढ़)। एनडीपीएस में वांछित सांगीपुर के लखहरा निवासी अजय सिंह (45) की एसटीएफ लखनऊ की कस्टडी में मौत हो गई। गोमती नगर थाने में उसके खिलाफ मुकदमा दर्ज था। रविवार की शाम एसटीएफ ने उसे घर से उठाया तो कुछ देर बाद ही उसकी तबीयत खराब हो गई। मेडिकल कॉलेज ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने मृत घोषित कर दिया।
अजय के परिजनों ने आरोप लगाया है कि एसटीएफ की पिटाई से अजय की मौत हुई है। बवाल की आशंका में एएसपी पश्चिमी संजय राय व सीओ लालगंज रामसूरत सोनकर ने सांगीपुर थाने पहुंचकर घटनाक्रम की जानकारी ली। देर रात अजय सिंह की बेटी जान्हवी सिंह ने सांगीपुर थाने में एसटीएफ के खिलाफ तहरीर दी है।
लखनऊ एसटीएफ की टीम देर शाम सांगीपुर थाना क्षेत्र के लखहरा गांव पहुंची थी। परिजनों के मुताबिक, घर से ही अजय सिंह को एसटीएफ ने पकड़ा। परिजनों ने विरोध किया तो एसटीएफ के अफसर ने बताया कि अजय लखनऊ के गोमती नगर में दर्ज एनडीपीएस एक्ट के एक मामले में वांछित हैं। उसे पूछताछ के लिए ले जाया जा रहा है।
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परिवार के लोगों ने उसकी तबीयत खराब होने की जानकारी देते हुए दवा का पर्चा भी दिखाया, लेकिन एसटीएफ उसे लेकर घर से चली गई। गांव से बाहर निकलते ही अजय की तबीयत बिगड़ गई। यह देखकर एसटीएफ उसे पहले ट्रामा सेंटर लेकर पहुंची। वहां चिकित्सकों ने उसकी हालत नाजुक देख मेडिकल कॉलेज रेफर कर दिया, जहां चिकित्सकों ने उसे मृत घोषित कर दिया।
बताया जा रहा है कि आरोपी की मौत की जानकारी पर एसटीएफ टीम के हाथ पैर फूल गए। जिले के पुलिस अफसरों को सूचना देने के बाद मृतक के दोस्त राघवेंद्र के नाम से उसे अस्पताल में पहुंचाने की जानकारी देते हुए टीम चली गई। स्वास्थ्य कर्मचारियों ने कोतवाली पुलिस को सूचना देते हुए शव को मोर्चरी भेजा। सांगीपुर थाने पहुंचे अफसरों से बात करने के लिए अजय की बेटी व परिवार वाले भी रात करीब नौ बजे पहुंचे।
इनसेट--
पुलिस ने बताया सीने में दर्द हुआ और चली गई जान
सांगीपुर। एसटीएफ की हिरासत में मौत को लेकर पुलिस महकमे से अफसर कुछ भी बोलने को तैयार नहीं हैं। बताया जा रहा है कि एसटीएफ जब वांछित अजय सिंह को वाहन में बैठाकर घर से निकली तो उसके सीने में तेज दर्द शुरू हो गया था। उसकी हालत बिगड़ती गई और अस्पताल पहुंचने से पहले सांसें थम गईं थीं। पुलिस का मानना है कि हार्टअटैक से उसकी मौत हुई है, लेकिन मौत की वजह पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद साफ हो सकेगी।
इनसेट
मेरे पिता की मौत पुलिस प्रताड़ना से
मृतक अजय प्रताप सिंह की पुत्री जान्हवी सिंह का कहना है कि दोपहर 3.30 बजे पुलिस पहुंची थी। बिना किसी आदेश के घर से पिता को गिरफ्तार किया गया। पिता को ले जाते समय मैंने पुलिस को उनकी मेडिकल रिपोर्ट और दवाइयां देने की कोशिश की, लेकिन बिना दवाइयां लिए ही पुलिस उनको ले गई। अब पुलिस बता रही है कि रास्ते में हार्ट अटैक से उनकी मौत हो गई। मेरे पिता की मौत पुलिस की प्रताड़ना से हुई है।
वर्जन--
आरोपी पर लखनऊ में एनडीपीएस का केस दर्ज था। एसटीएफ उसे पूछताछ के लिए थाने ले जा रही थी, लेकिन अचानक उसकी तबीयत खराब होने लगी। टीम उसे उपचार के लिए मेडिकल कॉलेज ले जा रही थी मगर रास्ते में ही उसकी मौत हो गई। पोस्टमार्टम रिपोर्ट के आधार पर कार्रवाई की जाएगी।
सतपाल अंतिल, पुलिस अधीक्षक
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एसटीएफ लखनऊ की हिरासत में एनडीपीएस में वांछित युवक की मौत
बवाल की आशंका में सांगीपुर थाने पहुंचे एएसपी व सीओ लालगंज
संवाद न्यूज एजेंसी
सांगीपुर (प्रतापगढ़)। एनडीपीएस में वांछित सांगीपुर के लखहरा निवासी अजय सिंह (45) की एसटीएफ लखनऊ की कस्टडी में मौत हो गई। गोमती नगर थाने में उसके खिलाफ मुकदमा दर्ज था। रविवार की शाम एसटीएफ ने उसे घर से उठाया तो कुछ देर बाद ही उसकी तबीयत खराब हो गई। मेडिकल कॉलेज ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने मृत घोषित कर दिया।
अजय के परिजनों ने आरोप लगाया है कि एसटीएफ की पिटाई से अजय की मौत हुई है। बवाल की आशंका में एएसपी पश्चिमी संजय राय व सीओ लालगंज रामसूरत सोनकर ने सांगीपुर थाने पहुंचकर घटनाक्रम की जानकारी ली। देर रात अजय सिंह की बेटी जान्हवी सिंह ने सांगीपुर थाने में एसटीएफ के खिलाफ तहरीर दी है।
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लखनऊ एसटीएफ की टीम देर शाम सांगीपुर थाना क्षेत्र के लखहरा गांव पहुंची थी। परिजनों के मुताबिक, घर से ही अजय सिंह को एसटीएफ ने पकड़ा। परिजनों ने विरोध किया तो एसटीएफ के अफसर ने बताया कि अजय लखनऊ के गोमती नगर में दर्ज एनडीपीएस एक्ट के एक मामले में वांछित हैं। उसे पूछताछ के लिए ले जाया जा रहा है।
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परिवार के लोगों ने उसकी तबीयत खराब होने की जानकारी देते हुए दवा का पर्चा भी दिखाया, लेकिन एसटीएफ उसे लेकर घर से चली गई। गांव से बाहर निकलते ही अजय की तबीयत बिगड़ गई। यह देखकर एसटीएफ उसे पहले ट्रामा सेंटर लेकर पहुंची। वहां चिकित्सकों ने उसकी हालत नाजुक देख मेडिकल कॉलेज रेफर कर दिया, जहां चिकित्सकों ने उसे मृत घोषित कर दिया।
बताया जा रहा है कि आरोपी की मौत की जानकारी पर एसटीएफ टीम के हाथ पैर फूल गए। जिले के पुलिस अफसरों को सूचना देने के बाद मृतक के दोस्त राघवेंद्र के नाम से उसे अस्पताल में पहुंचाने की जानकारी देते हुए टीम चली गई। स्वास्थ्य कर्मचारियों ने कोतवाली पुलिस को सूचना देते हुए शव को मोर्चरी भेजा। सांगीपुर थाने पहुंचे अफसरों से बात करने के लिए अजय की बेटी व परिवार वाले भी रात करीब नौ बजे पहुंचे।
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पुलिस ने बताया सीने में दर्द हुआ और चली गई जान
सांगीपुर। एसटीएफ की हिरासत में मौत को लेकर पुलिस महकमे से अफसर कुछ भी बोलने को तैयार नहीं हैं। बताया जा रहा है कि एसटीएफ जब वांछित अजय सिंह को वाहन में बैठाकर घर से निकली तो उसके सीने में तेज दर्द शुरू हो गया था। उसकी हालत बिगड़ती गई और अस्पताल पहुंचने से पहले सांसें थम गईं थीं। पुलिस का मानना है कि हार्टअटैक से उसकी मौत हुई है, लेकिन मौत की वजह पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद साफ हो सकेगी।
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मेरे पिता की मौत पुलिस प्रताड़ना से
मृतक अजय प्रताप सिंह की पुत्री जान्हवी सिंह का कहना है कि दोपहर 3.30 बजे पुलिस पहुंची थी। बिना किसी आदेश के घर से पिता को गिरफ्तार किया गया। पिता को ले जाते समय मैंने पुलिस को उनकी मेडिकल रिपोर्ट और दवाइयां देने की कोशिश की, लेकिन बिना दवाइयां लिए ही पुलिस उनको ले गई। अब पुलिस बता रही है कि रास्ते में हार्ट अटैक से उनकी मौत हो गई। मेरे पिता की मौत पुलिस की प्रताड़ना से हुई है।
वर्जन
आरोपी पर लखनऊ में एनडीपीएस का केस दर्ज था। एसटीएफ उसे पूछताछ के लिए थाने ले जा रही थी, लेकिन अचानक उसकी तबीयत खराब होने लगी। टीम उसे उपचार के लिए मेडिकल कॉलेज ले जा रही थी मगर रास्ते में ही उसकी मौत हो गई। पोस्टमार्टम रिपोर्ट के आधार पर कार्रवाई की जाएगी।
सतपाल अंतिल, पुलिस अधीक्षक

मृतक अजय प्रताप सिंह। फाइल फोटो