{"_id":"c2df300a526df50f2c279f049a5bc7e2","slug":"when-will-solve-problems-hindi-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"समस्याओं का कब होगा समाधान","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
समस्याओं का कब होगा समाधान
ब्यूरो/अमर उजाला प्रतापगढ़
Updated Sat, 18 Apr 2015 12:28 AM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
प्रतापगढ़। जनता की सहूलियत के लिए भले ही केंद्र और राज्य सरकारें तमाम विकास कार्य युद्ध स्तर पर कराने का दावा करती हों, लेकिन हकीकत इसके उलट है। जनपद के अधिकारियों के पास भी शासन के आदेश पर अमल करने का फरमान आता है, लेकिन लोगों को दिक्कतों का सामना करना पड़ता है।
बताया जाता है कि गजेहड़ा पुल और चिलबिला ओवरब्रिज के एप्रोच मार्ग का निर्माण कार्यकच्छप गति से चल रहा है। इससे दूर दराज से आने वाले लोगों के साथ जनपद के लोगों को भी तमाम समस्याओं का सामना करना पड़ रहा है। जिले की सबसे बड़ी समस्या चिलबिला ओवरब्रिज का एप्रोच मार्ग है। इसका निर्माण कार्य कुछ दिनों पहले ही बंद हो गया था। इस समस्या को लेकर यूथ कांग्रेस के नीरज तिवारी की अगुवाई में अनशन प्रारंभ हुआ। तीन दिनों तक चले अनशन के बाद कार्यदाई संस्था ने कार्य शुरू कराया।
इलाहाबाद-फैजाबाद हाइवे पर देल्हूपुर के करीब गजेहड़ा का बकुलाही पुल दो वर्ष से जनता के लिए परेशानी का सबब बना हुआ है। लोगों के भारी विरोध के बाद गजेहड़ा पुल की मंजूरी मिल सकी। बाईपास से भले ही आज वाहनों का आवागमन हो रहा है, लेकिन पुल का निर्माण कच्छप गति से चल रहा है। इससे लोगों को इस बार भी समस्या का सामना करना पड़ेगा। इलाहाबाद-फैजाबाद राजमार्ग चिलबिला से लेकर भंगवा चुंगी तक क्षतिग्रस्त है, लेकिन इसकी मरम्मत तक नहीं हो रही है।
विज्ञापन
समग्र गांवों में लोहिया आवास को लेकर अधिकारियों के साथ ही नेताओं के पास शिकायत दर शिकायत लोग कर रहे हैं लेकिन इन शिकायतों का निस्तारण भी अधिकारी और नेता गंभीरता से नहीं ले रहे। भले ही जनप्रतिनिधि समस्याओं के समाधान का दावा कर रहे हैं लेकिन हकीकत तो समस्या से त्रस्त इलाके में जाने के बाद ही देखने को मिलती है। जिन कार्यों का टेंडर हो जाता है वे कार्य भी कच्छप गति से ही चलते हैं। जेठवारा से लेकर कुंडा तक बन रहा मार्ग भी इसकी बानगी है।
विज्ञापन
बताया जाता है कि गजेहड़ा पुल और चिलबिला ओवरब्रिज के एप्रोच मार्ग का निर्माण कार्यकच्छप गति से चल रहा है। इससे दूर दराज से आने वाले लोगों के साथ जनपद के लोगों को भी तमाम समस्याओं का सामना करना पड़ रहा है। जिले की सबसे बड़ी समस्या चिलबिला ओवरब्रिज का एप्रोच मार्ग है। इसका निर्माण कार्य कुछ दिनों पहले ही बंद हो गया था। इस समस्या को लेकर यूथ कांग्रेस के नीरज तिवारी की अगुवाई में अनशन प्रारंभ हुआ। तीन दिनों तक चले अनशन के बाद कार्यदाई संस्था ने कार्य शुरू कराया।
विज्ञापन
इलाहाबाद-फैजाबाद हाइवे पर देल्हूपुर के करीब गजेहड़ा का बकुलाही पुल दो वर्ष से जनता के लिए परेशानी का सबब बना हुआ है। लोगों के भारी विरोध के बाद गजेहड़ा पुल की मंजूरी मिल सकी। बाईपास से भले ही आज वाहनों का आवागमन हो रहा है, लेकिन पुल का निर्माण कच्छप गति से चल रहा है। इससे लोगों को इस बार भी समस्या का सामना करना पड़ेगा। इलाहाबाद-फैजाबाद राजमार्ग चिलबिला से लेकर भंगवा चुंगी तक क्षतिग्रस्त है, लेकिन इसकी मरम्मत तक नहीं हो रही है।
विज्ञापन
समग्र गांवों में लोहिया आवास को लेकर अधिकारियों के साथ ही नेताओं के पास शिकायत दर शिकायत लोग कर रहे हैं लेकिन इन शिकायतों का निस्तारण भी अधिकारी और नेता गंभीरता से नहीं ले रहे। भले ही जनप्रतिनिधि समस्याओं के समाधान का दावा कर रहे हैं लेकिन हकीकत तो समस्या से त्रस्त इलाके में जाने के बाद ही देखने को मिलती है। जिन कार्यों का टेंडर हो जाता है वे कार्य भी कच्छप गति से ही चलते हैं। जेठवारा से लेकर कुंडा तक बन रहा मार्ग भी इसकी बानगी है।