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रुपये गटकने वाली मशीनों से नहीं निकल रहा पानी

Mon, 05 Mar 2018 01:18 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो, प्रतापगढ़
अमर उजाला ब्यूरो, प्रतापगढ़ Updated Mon, 05 Mar 2018 01:18 AM IST
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Water not coming out from the rupture machines in pratapgarh
प्रतापगढ़ - फोटो : प्रतापगढ़
शहरियों व राहगीरों को शुद्ध पानी उपलब्ध कराने के लिए नगर पालिका परिषद ने शहर में 13 वाटर वेंडिंग मशीनें लगवाई थीं। गर्मी का मौसम शुरू होते ही लोगों को प्यास सताने लगी हैं। शुद्ध पानी की लालसा में वाटर वेंडिंग मशीन पहुंचकर रुपये का सिक्का डालने वालों को पानी की एक बूंद नहीं मिलती। शहरियों के लाखों रुपये खर्च कर शहर में लगे अधिकांश वाटर वेंडिंग मशीन खराब हैं।
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नगर पालिका ने दो वर्ष के भीतर शहरियों को शुद्ध पेयजल उपलब्ध कराने के लिए पहले साल छह वाटर वेंडिंग मशीनें लगवाई थीं। जिसमे से भंगवा चुंगी और रोडवेज बस डिपो के पास लगाई गई मशीन का हाल बेहाल हो चुका है। पिछले साल नगर पालिका ने सात वाटर वेंडिंग मशीन लगवाईं। चिलबिला, महुली, जेल रोड, जीआईसी, जीजीआईसी समेत अन्य स्थानों पर लोगों को पेयजल की किल्लत दूर करने के लिए लगाई गईं वाटर वेंडिंग मशीनों पर धूल की परत जमी हुई नजर आती है। गर्मी शुरू होते ही शहरियों व राहगीरों को प्यास सताने लगी। प्यास बुझाने के लिए खाली बोतल के साथ राहगीर व शहरी वाटर वेंडिंग मशीन के पहुंचते जरूर हैं, लेकिन उन लोगों को निराशा ही मिलती है। रुपये का सिक्का निगलने के बाद भी पानी की एक बूंद बोतल में नहीं निकलता। वैसे तो दो वर्ष पहले लगे सभी वाटर वेंडिंग मशीन जवाब दे चुके हैं लेकिन पिछले साल पालिका द्वारा लगाए गई मशीनें भी पानी नहीं उगल रहीं हैं। जिससे लोगों को प्यास बुझाने में दिक्कत का सामना करना पड़ रहा है। इस बाबत नगर पालिका के अधिशाषी अधिकारी अवधेश यादव ने बताया कि पुरानी मशीनों की मरम्मत के लिए प्रस्ताव को मंजूरी मिली है। कार्यदायी संस्था को पत्र भेजा गया है। यदि वारंटी वाली वाटर वेंडिंग मशीनें पानी नहीं दे रहीं हैं तो संबंधित को नोटिस भेजी जाएगी।
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नगर पालिका को वाटर वेंडिंग मशीन आपूर्ति करने वाली संस्था अब अपना समय काट रही है। वाटर वेंडिंग मशीनों को एक साल तक मेनटेन करने की जिम्मेदारी कंपनी की रहती है। समय सीमा पूरा होने के बाद पालिका को उसकी मरम्मत की धनराशि खर्च करनी पड़ेगी। वारंटी का समय बीतने में कुछ माह ही रह गए हैं। अब कार्यदायी संस्था समय काट रही है ताकि उसे वाटर वेंडिंग मशीनों की मरम्मत न करानी पड़े।
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नगर पालिका प्रशासन की लापरवाही का खामियाजा शहरियों को भुगतना पड़ रहा है। शहर में लगाए गए अधिकांश वाटर वेंडिंग मशीनें खराब हो गईं हैं। खास बात यह है कि बेहतर रख रखाव की व्यवस्था न होने के कारण मशीनों के कलपुर्जे चोरी हो रहे हैं। बस डिपो, भंगवा चुंगी पुलिस चौकी पर लगाई गईं वाटर वेंडिंग मशीन के कई कलपुर्जे गायब हो चुके हैं।


नगर पालिका क्षेत्र में भले ही पेयजल की व्यवस्था को दुरुस्त करने के लिए पाइप लाइन के अलावा पंप लगाने की योजना बनाई गई है। बड़ी संख्या में शहरियों व राहगीरों की प्यास सड़क किनारे व मोहल्लों में लगे हैंडपंप बुझाते हैं। हजारों की संख्या में लगाए गए हैंडपंप रख रखाव के अभाव में कबाड़ होते जा रहे हैं। सरकारी हैंडपंपों में प्रभावशाली लोगों ने सबमर्सिबल पंप भी लगा लिया है। जिसके चलते प्यासे लोगों को प्यास बुझाने के लिए भटकना पड़ता है।
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