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शहर में हो रही है प्रदूषित जलापूर्ति

Mon, 09 May 2016 12:03 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो प्रतापगढ़
अमर उजाला ब्यूरो प्रतापगढ़ Updated Mon, 09 May 2016 12:03 AM IST
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water crisis in city pratapgarh
- फोटो : अमर उजाला ब्यूरो
शहर में नल की टोटियों से पानी के साथ नगर पालिका बीमारी की आपूर्ति कर रहा है। शहर के दर्जन भर वार्डों में प्रदूषित जलापूर्ति हो रही है। इससे लोगों में पेट सहित तमाम बीमारियों का खतरा बना हुआ है। कुछ जगह नाली के छोटे-छोटे कीट पाइप के माध्यम से लोगों की बाल्टी तक पहुंच रहे हैं। इसके पीछे टंकियों की नियमित सफाई न होना और नालियों के पास पाइप का फट जाना कारण माना जा रहा है। इस तरह करीब तीस हजार से अधिक लोगों की सेहत पर खतरा मंडरा रहा है।
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नगर पालिका का दायरा काफी छोटा है। पालिका क्षेत्र में कुल 25 वार्ड शामिल हैं। इनमें जलापूर्ति का काम नगर पालिका करता है। इसके लिए शहर में दो पानी की टंकियां स्थापित हैं। जिसमें 35 हजार लीटर पानी की क्षमता वाली टंकी चिलबिला में है। दूसरी टंकी बाबागंज में बनी है। इसमें 50 हजार लीटर पानी की क्षमता है। इस तरह कुल 85 हजार लीटर पानी सिर्फ टंकियों के माध्यम से प्रतिदिन आपूर्ति किया जा रहा है। इसके अलावा 13 ट्यूबवेल भी जलापूर्ति के लिए लगाए गए हैं। इसमें से कुछ मौजूदा समय में खराब भी चल रहे हैं। इससे पानी की सप्लाई सीधे किए जाने का दावा पालिका करता है। गौर करने वाली बात यह है कि शहरी क्षेत्र में कुल 9 हजार के करीब कनेक्शन हैं।
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अब यदि मान लिया जाए कि एक कनेक्शन से छह व्यक्ति हर दिन पी रहे हैं तो 54 हजार लोग इन माध्यमों से पानी रोजाना गटक रहे हैं। सबसे बुरा हाल बेगमवार्ड के कुछ इलाकों में, टक्करगंज में, रेलवे लाइनपार, भैरोपुर, चिलबिला, पठखौली, बाबागंज सहित करीब दर्जन भर वार्ड में पानी की शुद्धता में गंदगी बाधक बन रही है। जलापूर्ति की जांच भी होती है। कभी स्वास्थ्य विभाग करता था। अब इसकी जिम्मेदारी जलनिगम को भेजी गई है। नमूना भेजा गया है, लेकिन अभी तक जांच रिपोर्ट नहीं आई है। सूत्रों की मानें तो दर्जन भर मोहल्लों में सप्लाई होने वाले पानी में कमियां मिली हैं। किसी सैंपल में छोटे-छोटेकीड़े तो किसी में फ्लोराइड की मात्रा अधिक मिली है। मिट्टी के बारीक कण भी पानी में पाए गए हैं।
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