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विरोध के चलते वेदांती को दोबारा नहीं मिला था टिकट,

Sat, 30 Mar 2019 01:31 AM IST
विनोद सिंह न्यूज डेस्क, अमर उजाला, प्रतापगढ़
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, प्रतापगढ़ Published by: विनोद सिंह Updated Sat, 30 Mar 2019 01:31 AM IST
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Vedanti did not get the ticket again due to opposition,
रत्ना सिंह - फोटो : प्रतापगढ़
 1999 के लोकसभा चुनाव में फिर दो राजघराने आमने-सामने थे। कालाकांकर और प्रतापगढ़ राजघराने के बीच हुई सियासी भिड़ंत में बाजी पूर्व विदेश मंत्री स्व. राजा दिनेश सिंह की बेटी रत्ना सिंह के हाथ लगी। इस जीत के साथ ही उन्होंने 1998 के लोकसभा चुनाव में मिली हार का बदला ले लिया।
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दूसरी बार सांसद बनने वाली रत्ना सिंह ने भाजपा प्रत्याशी अभय प्रताप सिंह को हराकर ऐतिहासिक जीत दर्ज की थी। रत्ना सिंह को सिर्फ जीत ही नहीं मिली, बल्कि उनकी जीत का अंतर भी बढ़ गया।
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वर्ष 1999 में हुए लोकसभा चुनाव में रत्ना सिंह दूूसरी बार जिले की सांसद चुनी गईं। इस चुनाव में एक बार फिर राजघराने सियासी वर्चस्व के लिए आमने-सामने थे। सांसद रामविलास वेदांती के क्षेत्र से गायब रहने की सहानुभूूति भी रत्ना को मिली। हालांकि पार्टी में ही विरोध के चलते वेदांती को टिकट नहीं मिला था।
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भाजपा ने प्रतापगढ़ राजघराने के राजा अभय प्रताप सिंह को अपना प्रत्याशी बनाया, मगर रत्ना सिंह के आगे अभय प्रताप को जनता ने पसंद नहीं किया। उन्हें हार का सामना करना पड़ा। इस चुनाव में बीएसपी ने अशोक कुमार और सपा ने श्याद अली को प्रत्याशी बनाया था। रत्ना सिंह को 1998 के चुनाव में हार का सामना करना पड़ा था, इसलिए उन्होंने 1999 के  चुनाव प्रचार में पूरी ताकत झोंक दी।

इस चुनाव में उन्हें 1996 की अपेक्षा अधिक मत भी मिले। 1996 के चुनाव में रत्ना सिंह को जहां 1,39,326 मत मिले थे, वहीं वर्ष 1999 में 2,02,170 मत मिले। दूसरे स्थान पर रहे अभय प्रताप सिंह को 1,96,167 और बसपा प्रत्याशी अशोक कुमार को 78,323 और सपा प्रत्यादी श्याद अली को 39,922 मतों से संतोष करना पड़ा।


जीत ही नहीं मिली, बल्कि बढ़ गया मतों का प्रतिशत  
दूसरी बार जिले की सांसद बनी रत्ना सिंह को सिर्फ जीत ही नहीं मिली, बल्कि मतों के प्रतिशत भी बढ़ गया। वर्ष 1996 के  पहले चुनाव में रत्ना सिंह को 29.84 प्रतिशत मत मिले थे। जबकि 1999 में मतों का प्रतिशत बढ़कर 35.65 प्रतिशत हो गया। पहले चुनाव की अपेक्षा रत्ना सिंह को दूसरी बार मिली जीत में 5.81 प्रतिशत मतों में बढ़ोतरी हो गई थी। 

प्रत्याशी का नाम             दल                मत 

रत्ना सिंह                             कांग्रेस              2,02,170
अभय प्रताप सिंह                  भाजपा            1,96,167
अशोक कुमार                        बसपा             78,323
श्याद अली                          सपा                  39,922
राम मनोहर                        अपना दल         25,359
श्यामलाल                         बीएसडी              7607
आनंद प्रताप                      निर्दलीय             3420
विधिदेव                            एजेबीपी              2614
मोहनलाल                         निर्दलीय             1957
रामचरित्र सिंह                   निर्दलीय              1900
राम मिलन                        निर्दलीय              1368
रमाकांत                           निर्दलीय               1238
राधिका प्रसाद                    निर्दलीय              1049
भानु प्रकाश                         निर्दलीय             1040
मो.नासिर खान                    निर्दलीय               908
राघवेंद्र                                 निर्दलीय              831
उमाशंकर सिंह                       निर्दलीय              671
विनोद सिंह                           निर्दलीय              287
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