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जल्द इलेक्ट्रिक इंजन से दौड़ेगी प्रतापगढ़-बनारस पैसेंजर
Wed, 02 Jan 2019 12:05 AM IST
shailendra Kumar
pratapgarh
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Published by: shailendra Kumar
Updated Wed, 02 Jan 2019 12:05 AM IST
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प्रतापगढ़। गौरीगंज से जंघई तक इलेक्ट्रिफिकेशन का काम पूरा होने के बाद दो दिन पहले सीआरएस ने जांच कर फिटनेस को हरी झंडी दे दी। उनकी मंजूरी के बाद अब प्रतापगढ़-बनारस पैसेंजर जल्द ही इलेक्ट्रिक इंजन से दौड़ सकती है। इसके लिए डीआरएम के आदेश का इंतजार किया जा रहा है।
गौरीगंज से जंघई के बीच में इलेक्ट्रिक लाइन बिछाने का कार्य पूरा हो गया है। बीते 15 दिसंबर को जंघई से प्रतापगढ़ तो 28 को प्रतापगढ़ से गौरीगंज के बीच आरबीएनएल के कर्मचारियों ने ट्रायल के रूप में इलेक्ट्रिक इंजन दौड़ाया था। दो दिनों पहले सीआरएस ने स्पीड का ट्रायल अपनी स्पेशल ट्रेन से किया था। सीआरएस के 12 कोच की स्पेशल ट्रेन 120 की स्पीड में जंघई से गौरीगंज के बीच दौड़ी थी। सबकुछ ठीक ठाक मिलने के बाद सीआरएस ने अपनी रिपोर्ट रेलवे बोर्ड को सौंपते हुए गौरीगंज से जंघई के बीच मालगाड़ी, पैसेंजर और एक्सप्रेस ट्रेनों के इलेक्ट्रिक इंजन से संचालन पर अपनी सहमति दे दी।
स्टेशन अधीक्षक त्रिभुवन मिश्र ने बताया कि सबसे बड़ी जांच सीआरएस की होती है। उनके जांच में सब ओके मिला है। उन्होंने ट्रेनों के संचालन के लिए रेलवे बोर्ड को अपनी रिपोर्ट सौंप दी है। अब मंडल में बैठे अफसर जिस दिन से चाहेंगे उसी दिन से ट्रेनों का संचालन शुरू हो जाएगा। उन्होंने बताया कि 26 जनवरी के पहले यदि बनारस-प्रतापगढ़ पैसेंजर ट्रेन के साथ मालगाड़ियों का संचालन इलेक्ट्रिक इंजन से शुरू कर दिया जाएगा। सब काम पूरा हो गया है। अब डीआरएम की हरी झंडी का इंतजार है।
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गौरीगंज से जंघई के बीच में इलेक्ट्रिक लाइन बिछाने का कार्य पूरा हो गया है। बीते 15 दिसंबर को जंघई से प्रतापगढ़ तो 28 को प्रतापगढ़ से गौरीगंज के बीच आरबीएनएल के कर्मचारियों ने ट्रायल के रूप में इलेक्ट्रिक इंजन दौड़ाया था। दो दिनों पहले सीआरएस ने स्पीड का ट्रायल अपनी स्पेशल ट्रेन से किया था। सीआरएस के 12 कोच की स्पेशल ट्रेन 120 की स्पीड में जंघई से गौरीगंज के बीच दौड़ी थी। सबकुछ ठीक ठाक मिलने के बाद सीआरएस ने अपनी रिपोर्ट रेलवे बोर्ड को सौंपते हुए गौरीगंज से जंघई के बीच मालगाड़ी, पैसेंजर और एक्सप्रेस ट्रेनों के इलेक्ट्रिक इंजन से संचालन पर अपनी सहमति दे दी।
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स्टेशन अधीक्षक त्रिभुवन मिश्र ने बताया कि सबसे बड़ी जांच सीआरएस की होती है। उनके जांच में सब ओके मिला है। उन्होंने ट्रेनों के संचालन के लिए रेलवे बोर्ड को अपनी रिपोर्ट सौंप दी है। अब मंडल में बैठे अफसर जिस दिन से चाहेंगे उसी दिन से ट्रेनों का संचालन शुरू हो जाएगा। उन्होंने बताया कि 26 जनवरी के पहले यदि बनारस-प्रतापगढ़ पैसेंजर ट्रेन के साथ मालगाड़ियों का संचालन इलेक्ट्रिक इंजन से शुरू कर दिया जाएगा। सब काम पूरा हो गया है। अब डीआरएम की हरी झंडी का इंतजार है।
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