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संग्रामगढ़ में मिले डेंगू पॉजिटिव तीन मरीज, सीएचसी में भर्ती
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dengu
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संग्रामगढ़ इलाके में डेंगू के चार मरीज मिले हैं। इसमें एक संदिग्ध तो तीन डेंगू पॉजिटिव हैं। संग्रामगढ़ सीएचसी में भर्ती कर तीनों मरीजों का इलाज हो रहा है। कई दिनों से बुखार से पीड़ित होने पर चिकित्सकों ने उनकी प्राइवेट पैथालाजी पर जांच कराई थी।
संग्रामगढ़ थाना क्षेत्र के कोड़रखुर्द निवासी कृष्णा पटेल व दीपक पटेल, हिसामपुर निवासी प्रकाश पांडेय व नवाबगंज के बकिराबाद निवासी वंदना यादव को काफी दिनों से बुखार हो रहा है। स्थानीय चिकित्सकों से इलाज कराने के बाद भी उनका बुखार दूर नहीं हुआ। मंगलवार को संग्रामगढ़ सीएचसी की ओपीडी में चारों लोग इलाज कराने पहुंचे। यहां चिकित्सकों ने सभी को एक निजी पैथालॉजी पर भेजकर डेंगू जांच कराने की सलाह दी।
जांच के बाद मिली रिपोर्ट में प्रकाश पांडेय संदिग्ध मिले। अन्य लोगों की रिपोर्ट डेंगू पॉजिटिव आई। संदिग्ध मरीज को दवा देकर घर भेजा गया। जबकि कृष्णा पटेल, दीपक पटेल और वंदना यादव को भर्ती कर उनका इलाज शुरू कर दिया गया। सीएचसी की इमरजेंसी में तैनात चिकित्सकों ने डेंगू की पुष्टि की है। सीएचसी अधीक्षक दिनेश ने कहा कि डेंगू के सभी संदिग्ध मरीज हैं। रिपोर्ट आने के बाद ही कुछ कहा जा सकता है
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अव्यवस्था के बीच डेंगू के मरीजों का हो रहा इलाज
संग्रामगढ़ सीएचसी में अभी तक डेंगू वार्ड का निर्माण नहीं हुआ है। जनरल वार्ड में डेंगू के पॉजिटिव मरीजों को भर्ती कर चिकित्सक इलाज कर रहे हैं। इतना ही नहीं इन मरीजों के साथ अस्पताल कर्मचारी और यहां भर्ती होने वाले अन्य मरीजों को डेंगू जैसे बीमारी से बचाने के लिए अधीक्षक ने मरीजों को मच्छरदानी तक की व्यवस्था नहीं किए हैं। ऐसे में स्थानीय लोगों में खलबली मच गई है।
जानकारी के बाद भी मरीजों के घर नहीं पहुंची स्वास्थ्य विभाग की टीम
संग्रामगढ़ में तीन डेंगू पॉजिटिव और एक डेंगू के संदिग्ध मरीज मिलने के बाद भी स्वास्थ्य विभाग के अफसर चुप्पी साधे बैठे हैं। पॉजिटिव और संदिग्ध मरीजों के घर पर दवा का छिड़काव कराना तक उचित नहीं समझे। इससे पॉजिटिव मिले मरीजों के गांव के लोगों के साथ ही संग्रामगढ़ सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र के आसपास के लोग डेंगू को लेकर भयभीत हो गए हैं।
किसी प्राइवेट पैथालॉजी की रिपोर्ट नहीं मानी जाती है। मेडिकल कॉलेज में डेंगू की जांच होती है। जांच रिपोर्ट आने पर उसे माना जाता है। हालांकि यदि पैथालॉजी पर किसी की रिपोर्ट पॉजिटिव आई है तो वह संदिग्ध मरीज हो सकता है। सीएचसी अधीक्षक से बात कर ऐसे मरीजों को तत्काल प्रयागराज भेजकर जांच कराने के लिए कहा जाएगा। डॉक्टर एसके सिंह, डिप्टी सीएमओ
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संग्रामगढ़ थाना क्षेत्र के कोड़रखुर्द निवासी कृष्णा पटेल व दीपक पटेल, हिसामपुर निवासी प्रकाश पांडेय व नवाबगंज के बकिराबाद निवासी वंदना यादव को काफी दिनों से बुखार हो रहा है। स्थानीय चिकित्सकों से इलाज कराने के बाद भी उनका बुखार दूर नहीं हुआ। मंगलवार को संग्रामगढ़ सीएचसी की ओपीडी में चारों लोग इलाज कराने पहुंचे। यहां चिकित्सकों ने सभी को एक निजी पैथालॉजी पर भेजकर डेंगू जांच कराने की सलाह दी।
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जांच के बाद मिली रिपोर्ट में प्रकाश पांडेय संदिग्ध मिले। अन्य लोगों की रिपोर्ट डेंगू पॉजिटिव आई। संदिग्ध मरीज को दवा देकर घर भेजा गया। जबकि कृष्णा पटेल, दीपक पटेल और वंदना यादव को भर्ती कर उनका इलाज शुरू कर दिया गया। सीएचसी की इमरजेंसी में तैनात चिकित्सकों ने डेंगू की पुष्टि की है। सीएचसी अधीक्षक दिनेश ने कहा कि डेंगू के सभी संदिग्ध मरीज हैं। रिपोर्ट आने के बाद ही कुछ कहा जा सकता है
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अव्यवस्था के बीच डेंगू के मरीजों का हो रहा इलाज
संग्रामगढ़ सीएचसी में अभी तक डेंगू वार्ड का निर्माण नहीं हुआ है। जनरल वार्ड में डेंगू के पॉजिटिव मरीजों को भर्ती कर चिकित्सक इलाज कर रहे हैं। इतना ही नहीं इन मरीजों के साथ अस्पताल कर्मचारी और यहां भर्ती होने वाले अन्य मरीजों को डेंगू जैसे बीमारी से बचाने के लिए अधीक्षक ने मरीजों को मच्छरदानी तक की व्यवस्था नहीं किए हैं। ऐसे में स्थानीय लोगों में खलबली मच गई है।
जानकारी के बाद भी मरीजों के घर नहीं पहुंची स्वास्थ्य विभाग की टीम
संग्रामगढ़ में तीन डेंगू पॉजिटिव और एक डेंगू के संदिग्ध मरीज मिलने के बाद भी स्वास्थ्य विभाग के अफसर चुप्पी साधे बैठे हैं। पॉजिटिव और संदिग्ध मरीजों के घर पर दवा का छिड़काव कराना तक उचित नहीं समझे। इससे पॉजिटिव मिले मरीजों के गांव के लोगों के साथ ही संग्रामगढ़ सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र के आसपास के लोग डेंगू को लेकर भयभीत हो गए हैं।
किसी प्राइवेट पैथालॉजी की रिपोर्ट नहीं मानी जाती है। मेडिकल कॉलेज में डेंगू की जांच होती है। जांच रिपोर्ट आने पर उसे माना जाता है। हालांकि यदि पैथालॉजी पर किसी की रिपोर्ट पॉजिटिव आई है तो वह संदिग्ध मरीज हो सकता है। सीएचसी अधीक्षक से बात कर ऐसे मरीजों को तत्काल प्रयागराज भेजकर जांच कराने के लिए कहा जाएगा। डॉक्टर एसके सिंह, डिप्टी सीएमओ