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एनएचएम संविदा कर्मचारियों की हड़ताल से टीकाकरण प्रभावित
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सीएमओ कार्यालय के सामने मांगों को लेकर धरना प्रदर्शन करते संविदा स्वास्थ्यकर्मी। संवाद
- फोटो : PRATAPGARH
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मांगों को पूरा करने की मांग को लेकर आंदोलनरत राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन (एनएचएम) के संविदा कर्मचारी ने बृहस्पतिवार को मुख्य चिकित्साधिकारी कार्यालय में ताला जड़ दिया। प्रदर्शन करते हुए कर्मचारी धरने पर बैठ गए। संविदा कर्मचारियों के आंदोलन से टीकाकरण का कार्य प्रभावित हो रहा है। स्वास्थ्य विभाग के अधिकारी आंदोलन को समाप्त कराने के प्रयास में जुटे रहे।
राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन संविदा कर्मचारी संघ के जिलाध्यक्ष शिशिर श्रीवास्तव, संघ संरक्षक डीपीएम राजशेखर, डीसीपीएम मोहम्मद नाजिम, डैम दीपक श्रीवास्तव ने धरने पर बैठे हड़ताली कर्मचारियों से कहा कि जब तक संघ की सात सूत्रीय मांगों को पूरा नहीं किया जाता, तब तक हड़ताल जारी रहेगी। अधिकारियों को चेताया कि अगर मांगों पर जल्द विचार नहीं किया गया तो आपात सेवाओं को भी बंद कर दिया जाएगा।
जिलाध्यक्ष शिशिर ने कहा कि जिले में डेढ़ सौ नियमित कर्मचारी तो सात सौ संविदा कर्मचारियों की तैनाती है। जिनके बल पर अस्पतालों का संचालन किया जा रहा है। संविदा कर्मचारियों ने ही कोरोना काल में अपनी जान खतरे में डालकर लोगों की जान बचाने का काम किया था। नियमित कर्मचारियों की कोरोना वार्ड में ड्यूटी तक नहीं लगाई जा रही थी। संविदा कर्मचारियों से ही कार्य लिया जा रहा था।
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कार्य के बदले कागज पर 25 प्रतिशत प्रोत्साहन राशि देने का वादा किया जा रहा है। हकीकत वादे के विपरीत है। हालांकि सीएमओ कार्यालय में तालाबंदी की जानकारी के बाद पहुंचे स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों ने संविदा कर्मचारियों को समझाबुझाकर गेट खुलवा लिए। कर्मचारियों के हड़ताल पर जाने से टीकाकरण का कार्य प्रभावित हो रहा है।
सीएचसी व पीएचसी पर भी दिख रहा असर
जिले में एनएचएम के तहत कुल सात सौ संविदा कर्मचारी स्वास्थ्य विभाग में तैनात हैं। इनकी तैनाती मेडिकल कॉलेज के साथ ही सीएचसी और पीएचसी पर है। संघ के आह्वान पर कर्मचारियों ने सोमवार से हड़ताल शुरू की थी। पहले और दूसरे दिन हड़ताल का खास असर नहीं दिखा, लेकिन बुधवार को हड़ताल का असर सीएचसी-पीएचसी से लेकर जिला और महिला अस्पताल पर भी दिखने लगा।
कर्मचारियों के हड़ताल पर जाने के चलते सभी को एक दिन अनुपस्थित दिखा दिया गया। इसके चलते बृहस्पतिवार को चौथे दिन सभी कर्मचारी हड़ताल में शामिल होने के लिए जिला मुख्यालय पर पहुंच गए। मांगे पूरी न होने तक हड़ताल जारी रहने की बात कही।
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राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन संविदा कर्मचारी संघ के जिलाध्यक्ष शिशिर श्रीवास्तव, संघ संरक्षक डीपीएम राजशेखर, डीसीपीएम मोहम्मद नाजिम, डैम दीपक श्रीवास्तव ने धरने पर बैठे हड़ताली कर्मचारियों से कहा कि जब तक संघ की सात सूत्रीय मांगों को पूरा नहीं किया जाता, तब तक हड़ताल जारी रहेगी। अधिकारियों को चेताया कि अगर मांगों पर जल्द विचार नहीं किया गया तो आपात सेवाओं को भी बंद कर दिया जाएगा।
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जिलाध्यक्ष शिशिर ने कहा कि जिले में डेढ़ सौ नियमित कर्मचारी तो सात सौ संविदा कर्मचारियों की तैनाती है। जिनके बल पर अस्पतालों का संचालन किया जा रहा है। संविदा कर्मचारियों ने ही कोरोना काल में अपनी जान खतरे में डालकर लोगों की जान बचाने का काम किया था। नियमित कर्मचारियों की कोरोना वार्ड में ड्यूटी तक नहीं लगाई जा रही थी। संविदा कर्मचारियों से ही कार्य लिया जा रहा था।
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कार्य के बदले कागज पर 25 प्रतिशत प्रोत्साहन राशि देने का वादा किया जा रहा है। हकीकत वादे के विपरीत है। हालांकि सीएमओ कार्यालय में तालाबंदी की जानकारी के बाद पहुंचे स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों ने संविदा कर्मचारियों को समझाबुझाकर गेट खुलवा लिए। कर्मचारियों के हड़ताल पर जाने से टीकाकरण का कार्य प्रभावित हो रहा है।
सीएचसी व पीएचसी पर भी दिख रहा असर
जिले में एनएचएम के तहत कुल सात सौ संविदा कर्मचारी स्वास्थ्य विभाग में तैनात हैं। इनकी तैनाती मेडिकल कॉलेज के साथ ही सीएचसी और पीएचसी पर है। संघ के आह्वान पर कर्मचारियों ने सोमवार से हड़ताल शुरू की थी। पहले और दूसरे दिन हड़ताल का खास असर नहीं दिखा, लेकिन बुधवार को हड़ताल का असर सीएचसी-पीएचसी से लेकर जिला और महिला अस्पताल पर भी दिखने लगा।
कर्मचारियों के हड़ताल पर जाने के चलते सभी को एक दिन अनुपस्थित दिखा दिया गया। इसके चलते बृहस्पतिवार को चौथे दिन सभी कर्मचारी हड़ताल में शामिल होने के लिए जिला मुख्यालय पर पहुंच गए। मांगे पूरी न होने तक हड़ताल जारी रहने की बात कही।